Kal Ka Mausam: स्पीड से आ रहा नया चक्रवाती तूफान! नवंबर के पहले हफ्ते 16 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट; IMD ने दी चेतावनी

देशभर में मौसम का मिजाज एक बार फिर तेजी से करवट ले रहा है। चक्रवात ‘अर्नब’ और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के असर से उत्तर भारत में तापमान में भारी गिरावट और हल्की ठंड की शुरुआत के बीच अब दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में एक नया और शक्तिशाली मौसमी सिस्टम दस्तक देने जा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बना डिप्रेशन तेजी से गहराकर एक नए चक्रवाती तूफान में तब्दील हो रहा है। यह मौसमी सिस्टम लगभग 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है और नवंबर के पहले सप्ताह में तटीय राज्यों से टकरा सकता है। इस चक्रवाती हलचल के प्रभाव से मौसम विभाग ने देश के 16 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भारी बारिश, तेज आंधी, आकाशीय बिजली और जलभराव का व्यापक अलर्ट जारी किया है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण अंडमान सागर और उससे सटे दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना चक्रवाती परिसंचरण अब गहरे दबाव (Deep Depression) में बदल चुका है। उपग्रह से मिले ताजा चित्रों से स्पष्ट है कि यह सिस्टम समुद्र से निरंतर नमी खींचकर अत्यधिक तीव्र गति से चक्रवाती तूफान का रूप ले रहा है। आईएमडी के महानिदेशक के अनुसार, यह संभावित चक्रवात 2 नवंबर की शाम तक पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी पहुंचेगा और 3 नवंबर की सुबह तक आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के तटीय इलाकों से टकरा सकता है। इस दौरान समुद्र में ऊंची लहरें उठने की आशंका है और तटीय क्षेत्रों में हवा के झोंके 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तक पहुंच सकते हैं। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों के लिए मछुआरों को गहरे समुद्र में न जाने और तटीय बंदरगाहों पर विशेष सतर्कता बरतने की कड़ी चेतावनी जारी की है।

नए चक्रवाती तूफान का सबसे भीषण असर दक्षिण और पूर्वी तटीय राज्यों पर देखने को मिलेगा:

  • तटीय आंध्र प्रदेश और यनम: 1 नवंबर से 4 नवंबर के दौरान यहां अत्यधिक भारी बारिश (Extremely Heavy Rainfall) की चेतावनी दी गई है। विशाखापट्टनम, काकीनाडा, मछलीपट्टनम और नेल्लोर जैसे तटीय जिलों में निचले इलाकों के जलमग्न होने और बिजली के खंभे गिरने का खतरा बना हुआ है।

  • ओडिशा: दक्षिण ओडिशा के गजपति, गंजम, रायगड़ा और कोरापुट जिलों में 3 और 4 नवंबर को 50 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश का ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है।

  • तमिलनाडु, पुडुचेरी और केरल: उत्तर-पूर्वी मानसून और इस चक्रवाती विक्षोभ के संयुक्त प्रभाव से चेन्नई, नीलगिरी, कोयंबटूर सहित तटीय तमिलनाडु और केरल के अधिकांश हिस्सों में अगले तीन से चार दिनों तक भारी से बहुत भारी वर्षा होने का अनुमान है।

  • तेलंगाना और छत्तीसगढ़: तूफान के प्रभाव से हवाओं का रुख बदलते ही तेलंगाना और दक्षिण छत्तीसगढ़ के जिलों में 1 से 3 नवंबर के दौरान आंधी-तूफान के साथ झमाझम बारिश होने की पूरी संभावना है।

पूर्वी भारत के मैदानी इलाकों में बिहार पर मौसमी बदलाव का सबसे तीखा असर देखने को मिल रहा है। पटना मौसम विज्ञान केंद्र ने अगले 48 घंटों के लिए राज्य के कई जिलों में भारी बारिश और वज्रपात (ठनका) की चेतावनी जारी की है:

  • रेड अलर्ट: सीतामढ़ी और मधुबनी जिलों में अति भारी बारिश और तीव्र आकाशीय बिजली गिरने का ‘रेड अलर्ट’ जारी किया गया है।

  • ऑरेंज अलर्ट: पटना, भोजपुर, बक्सर, कैमूर, रोहतास और औरंगाबाद जिलों में तेज आंधी (40-50 किमी/घंटा) और भारी बारिश की संभावना के चलते लोगों को खुले में न निकलने की सलाह दी गई है।

  • येलो अलर्ट: सीमांचल और पूर्वी बिहार के पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज, अररिया, भागलपुर और मुंगेर में भी मेघगर्जन के साथ मध्यम बारिश का अनुमान है। किसानों को पकी हुई धान की फसल को सुरक्षित स्थानों पर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी राज्यों में पिछले दो दिनों से हुई छिटपुट बारिश और तेज हवाओं के बाद मौसम अब शुष्क होने की ओर बढ़ रहा है:

  • उत्तर प्रदेश: पश्चिमी यूपी (नोएडा, मेरठ, आगरा, बरेली) में 1 नवंबर से मौसम पूरी तरह साफ और शुष्क रहेगा। वहीं, पूर्वी उत्तर प्रदेश (वाराणसी, गोरखपुर, प्रयागराज और आसपास के इलाके) में चक्रवात के बाहरी बादलों के कारण 1 से 3 नवंबर के बीच कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी या छिटपुट बारिश देखने को मिल सकती है, हालांकि किसी बड़े खतरे का अलर्ट नहीं है।

  • दिल्ली-एनसीआर: दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद और गाजियाबाद में बारिश और तेज हवाओं ने प्रदूषण के कणों को साफ कर दिया है, जिससे वायु गुणवत्ता (AQI) में अभूतपूर्व सुधार दर्ज किया गया है। 1 नवंबर को राजधानी में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं, लेकिन बारिश की कोई संभावना नहीं है। दिन का अधिकतम तापमान 29°C और रात का न्यूनतम तापमान गिरकर 16°C से 17°C तक पहुंच जाएगा, जिससे सुबह और देर रात गुलाबी ठंड का अहसास तेज होगा।

  • राजस्थान और मध्य प्रदेश: राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ का असर अब थम चुका है और अधिकांश हिस्सों में धूप खिली रहेगी। दूसरी ओर, मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्सों (जबलपुर, रीवा, शहडोल) में बंगाल की खाड़ी के सिस्टम से हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की जा सकती है।

जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचे पर्वतीय इलाकों में पश्चिमी विक्षोभ के चलते ताजा बर्फबारी दर्ज की गई है। लाहौल-स्पीति, किन्नौर, शिमला के ऊपरी शिखरों, केदारनाथ और बद्रीनाथ की चोटियों पर बर्फ की सफेद चादर बिछ चुकी है। हालांकि 1 नवंबर से मैदानी और मध्य-पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम साफ हो जाएगा, लेकिन वहां से आने वाली बर्फीली उत्तर-पश्चिमी हवाएं पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली और पश्चिमी यूपी के तापमान में 3 से 4 डिग्री की अतिरिक्त गिरावट लाएंगी। नवंबर का पहला हफ्ता खत्म होते-होते पूरे उत्तर भारत में गर्म कपड़ों की जरूरत महसूस होने लगेगी।

आईएमडी और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों (SDMA) ने संवेदनशील क्षेत्रों के निवासियों के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं:

  1. मछुआरों के लिए प्रतिबंध: 1 से 4 नवंबर के बीच आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और ओडिशा के तटवर्ती मछुआरे समुद्र में नाव लेकर न जाएं।

  2. वज्रपात से बचाव: बिहार, झारखंड और ओडिशा के ग्रामीण क्षेत्रों में आंधी और बादलों की गड़गड़ाहट के समय खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे या लोहे के खंभों के पास खड़े होने से बचें।

  3. फसल सुरक्षा: जिन किसानों की खरीफ की फसलें (विशेष रूप से धान) कटकर खेतों में पड़ी हैं, वे आगामी बारिश को देखते हुए फसलों को तुरंत तिरपाल से ढकें या गोदामों में पहुंचाएं।

  4. जलभराव और ट्रैफिक: तटीय शहरों के प्रशासन को सीवरेज पंपों को सक्रिय रखने और कमजोर व जर्जर ढांचों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर विस्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं।

Check Also

राहुल गांधी की CEC ज्ञानेश कुमार को दो टूक चेतावनी, बोले- हम मोदी-शाह से भी निपट लेंगे, लेकिन देश के साथ गद्दारी बर्दाश्त नहीं

देश में निष्पक्ष चुनावी प्रणाली, मतदाता सूचियों में कथित विलोपन और संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता …