Joint Pain in Rain: क्या बारिश और ठंडे मौसम में बढ़ जाता है जोड़ों का दर्द? जानें डॉक्टर ने क्या बताया सच

मानसून की शुरुआत या मौसम में अचानक आई ठंडक के साथ अक्सर लोगों को जोड़ों (Joints) और पुरानी चोटों में दर्द या अकड़न की शिकायत होने लगती है। खासकर आर्थराइटिस, फाइब्रोमायल्जिया, नर्व पेन या किसी पुरानी सर्जरी/चोट से उबर रहे लोगों में यह समस्या ज्यादा देखी जाती है।

अक्सर लोग डर जाते हैं कि बारिश में दर्द बढ़ने का मतलब है कि अंदरूनी चोट फिर से उभर आई है या कोई नया नुकसान हुआ है। एनेस्थीसियोलॉजिस्ट और इंटरवेंशनल पेन मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. कुनाल सूद (MD) ने इस मिथक के पीछे का वैज्ञानिक सच साझा किया है।

बारिश और जोड़ों के दर्द का वैज्ञानिक कनेक्शन

डॉ. कुनाल सूद के अनुसार, मौसम बदलने पर दर्द महसूस होने के दो मुख्य कारण हैं:

  1. बैरोमेट्रिक प्रेशर (Barometric Pressure) में बदलाव: जब बारिश का मौसम आता है, तो वायुमंडलीय दबाव (Air Pressure) कम हो जाता है। यह कम दबाव जोड़ों के आसपास मौजूद ऊतकों (Tissues) को थोड़ा फैलने (Expand) देता है, जिससे तंत्रिकाओं (Nerves) पर दबाव पड़ता है और दर्द महसूस होता है।

  2. रक्त संचार और मांसपेशियों में अकड़न: ठंडे और नम मौसम में शरीर का तापमान प्रभावित होता है, जिससे प्रभावित अंगों में रक्त का प्रवाह (Blood Flow) कम हो जाता है। इसके कारण मांसपेशियां, टेंडन और जोड़ों के ऊतक अकड़ जाते हैं।

दर्द बढ़ने का मतलब नया नुकसान नहीं!

डॉक्टर सूद स्पष्ट करते हैं कि बारिश में दर्द का बढ़ना यह संकेत नहीं देता कि अंग में कोई नया नुकसान हुआ है।

दरअसल, पुरानी चोट या सूजन वाले हिस्से का ‘पेन रिसेप्टर सिस्टम’ (Pain Receptor System) सामान्य की तुलना में अधिक संवेदनशील (Sensitive) हो जाता है। इसलिए, जब हवा के दबाव या तापमान में मामूली बदलाव भी आता है, तो संवेदनशील नसें उस बदलाव को तुरंत दर्द के रूप में मस्तिष्क तक पहुंचा देती हैं।

बारिश के मौसम में दर्द से राहत पाने के आसान उपाय

  • प्रभावित हिस्से को गर्म रखें: ठंड से बचें और जोड़ों को ढककर रखें। गर्म कपड़ों या नी-कैप का उपयोग करें।

  • हल्की सिकाई (Warm Compress): दर्द या अकड़न वाले स्थान पर हीटिंग पैड या गर्म पानी की थैली से सिकाई करें। इससे ब्लड सर्कुलेशन सुधरता है।

  • हल्की एक्सरसाइज व स्ट्रेचिंग: एक ही जगह बैठे रहने के बजाय घर के अंदर ही हल्की स्ट्रेचिंग करें ताकि जोड़ों में लचक बनी रहे।

  • हाइड्रेटेड रहें: बारिश में प्यास कम लगती है, लेकिन पर्याप्त पानी पीना जोड़ों के लुब्रिकेशन (Lubrication) के लिए बेहद जरूरी है।

डॉक्टर की सलाह: यदि मौसम बदलने पर हल्का दर्द या अकड़न होती है, तो यह सामान्य है। हालांकि, यदि दर्द असहनीय हो जाए, सूजन बढ़ जाए या रोजमर्रा के कामों में रुकावट आने लगे, तो विशेषज्ञ डॉक्टर से तुरंत परामर्श लें।

Check Also

भारत में हर 5 मिनट में आ रहा ब्लड कैंसर का एक नया मामला, जानिए शुरुआती लक्षण और बचाव के उपाय

स्वास्थ्य क्षेत्र की विभिन्न रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत में ब्लड कैंसर (रक्त कैंसर) के मामलों …