
पश्चिम एशिया के बेहद संवेदनशील कूटनीतिक और सैन्य माहौल के बीच ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की सेहत को लेकर बेहद चौंकाने वाली खबरें सामने आ रही हैं। अंतर्राष्ट्रीय खुफिया रिपोर्टों, क्षेत्रीय मीडिया और ईरानी सरकार के अंदरूनी सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि मोजतबा खामेनेई की शारीरिक स्थिति अत्यंत नाजुक बनी हुई है और वे जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे हैं। कुछ रिपोर्ट्स में तो यहां तक कहा जा रहा है कि तेहरान के पावर कॉरिडोर में उनके निधन या ‘शहादत’ की औपचारिक घोषणा को लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। हालांकि, ईरानी सरकारी मीडिया और तेहरान के आधिकारिक प्रतिनिधि इन दावों को पश्चिमी देशों का दुष्प्रचार और मनोवैज्ञानिक युद्ध बता रहे हैं। फिर भी, मोजतबा खामेनेई का लंबे समय से सार्वजनिक रूप से गायब रहना और केवल लिखित संदेशों के जरिए देश को संबोधित करना इन अफवाहों को और अधिक हवा दे रहा है।
ईरान के सत्ता के गलियारों में सन्नाटा: क्या सच में नहीं रहे मोजतबा खामेनेई?
तेहरान से आ रही रिपोर्टों के मुताबिक, ईरान की शीर्ष सत्ता संरचना के भीतर मोजतबा खामेनेई की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर जबरदस्त अनिश्चितता का माहौल है। हाल ही में ईरानवाइर (IranWire) और अंतर्राष्ट्रीय समाचार एजेंसियों ने राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान (Masoud Pezeshkian) के प्रशासन से जुड़े वरिष्ठ सूत्रों के हवाले से बताया कि सत्ता के शीर्ष स्तर पर मोजतबा खामेनेई की गंभीर हालत को लेकर चर्चाएं जोरों पर हैं। सूत्रों का कहना है कि यदि निकट भविष्य में उनके निधन की खबर आधिकारिक रूप से सामने आती है, तो इसमें किसी को आश्चर्य नहीं होना चाहिए।
रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि मोजतबा खामेनेई को कॉमप्लेक्स मेडिकल इमरजेंसी के तहत बेहद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। तेहरान के सीना यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल के एक पूरे विंग को पूरी तरह से सील कर दिया गया है, जहां केवल सैन्य डॉक्टरों और उनके सबसे करीबी गार्डों को ही प्रवेश की अनुमति है। इसके अलावा, कुछ खुफिया रिपोर्ट्स का यह भी मानना है कि वे इस समय ईरान के पवित्र शहर क़ोम में सघन चिकित्सा इकाई (ICU) में भर्ती हैं और कोमा में हैं। सार्वजनिक रूप से एक भी लाइव वीडियो या ऑडियो संदेश न आने के कारण दुनिया भर के सैन्य और रणनीतिक विश्लेषक इस बात की तहकीकात में लगे हैं कि क्या वाकई ईरान का नया नेतृत्व एक बड़े शून्य की ओर बढ़ रहा है।
28 फरवरी के अमेरिकी-इजरायली हमले की वो खौफनाक रात और घायल खामेनेई
मोजतबा खामेनेई की सेहत से जुड़ा यह पूरा मामला इस साल 28 फरवरी को हुए उस भीषण हमले से जुड़ा हुआ है जिसने पूरे मध्य पूर्व की राजनीति को बदलकर रख दिया था। 28 फरवरी 2026 को अमेरिकी और इजरायली वायुसेना के संयुक्त और सटीक हवाई हमलों में ईरान के तत्कालीन सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई का परिसर पूरी तरह ध्वस्त हो गया था। इस हमले में अयातुल्ला अली खामेनेई, उनकी पत्नी ज़हरा हद्दाद आदेल और परिवार के कई अन्य सदस्य मारे गए थे। उसी हमले के बाद मोजतबा खामेनेई को आनन-फानन में ईरान का नया सुप्रीम लीडर घोषित किया गया था।
हालांकि, इस हमले के दौरान मोजतबा खामेनेई खुद भी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। खुफिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उनके पेट में गंभीर चोटें आई थीं, चेहरे और होठों पर गहरे जलने के निशान पड़े थे तथा उनके हाथ और पैर की कई सर्जरी करनी पड़ी थीं। इस हमले के बाद से ही वे कभी कैमरे के सामने नहीं आए हैं। पश्चिमी खुफिया एजेंसियों का कहना है कि चेहरा विकृत होने और अत्यधिक शारीरिक कमजोरी के कारण ईरानी हुकूमत उन्हें मीडिया या जनता के सामने लाने से बचती रही है। वहीं दूसरी ओर, इजराइली मीडिया और अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों ने यह भी दावा किया है कि मोजतबा खामेनेई की क्षमताएं 90 फीसदी तक खत्म हो चुकी हैं।
‘अंधेरे में आवाज’ और राष्ट्रपति पेज़ेश्कियान का बयान: क्या छिपा रही है ईरानी हुकूमत?
मोजतबा खामेनेई की रहस्यमयी स्थिति को लेकर सबसे बड़ा खुलासा तब हुआ जब ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान का एक बयान सामने आया। राष्ट्रपति पेज़ेश्कियान ने ईरानी स्टेट टीवी पर एक साक्षात्कार में स्वीकार किया कि सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के साथ सीधे संपर्क में रहना इस समय अत्यंत कठिन साबित हो रहा है। इतना ही नहीं, मीडिया रिपोर्ट्स में यह सनसनीखेज दावा भी किया गया कि राष्ट्रपति पेज़ेश्कियान को एक बार सर्वोच्च नेता से मिलने के लिए एक काले शीशों वाली गाड़ी में तेहरान की किसी अज्ञात जगह पर ले जाया गया था, जहां अंधेरे में केवल एक व्यक्ति की आवाज सुनाई दी थी।
उस छोटी सी मुलाकात के दौरान न तो हाथ मिलाने की इजाजत दी गई और न ही राष्ट्रपति चेहरा देख सके, जिसके बाद खुद राष्ट्रपति ने अपने करीबी अधिकारियों के सामने इस बात पर संदेह जताया था कि क्या अंधेरे में बात करने वाला शख्स सचमुच मोजतबा खामेनेई ही था। वर्तमान में तेहरान में स्थिति यह है कि सुप्रीम लीडर के किसी भी लिखित आदेश को कूरियर के एक विशेष गुप्त भौतिक नेटवर्क के जरिए भेजा जाता है, ताकि इजरायली और अमेरिकी खुफिया एजेंसियां उनकी सटीक लोकेशन को ट्रैक न कर सकें। लेकिन इस व्यवस्था ने ईरानी मंत्रिमंडल और सिविल प्रशासन के बीच यह डर पैदा कर दिया है कि देश को असल में कौन चला रहा है।
रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के हाथ में कमान और पश्चिम एशिया में महायुद्ध का नया मोड़
सर्वोच्च नेता के अस्वस्थ और पूरी तरह से अलग-थलग पड़ जाने के कारण ईरान का वास्तविक नियंत्रण अब धार्मिक उलेमाओं के हाथ से निकलकर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कट्टपंथी जनरल के हाथों में खिसकता दिख रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, आईआरजीसी के नवनियुक्त प्रमुख अहमद वाहिदी और वरिष्ठ सैन्य जनरल ही इस समय युद्ध संबंधी सभी रणनीतिक निर्देश जारी कर रहे हैं और मोजतबा खामेनेई के नाम से लिखित बयान जारी करवा रहे हैं।
IRGC का यह बढ़ता प्रभुत्व पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को और अधिक हिंसक और अनियंत्रित बना सकता है। अमेरिका और इजराइल के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए हाल ही में खामेनेई के नाम से जारी लिखित संदेश में वाशिंगटन को ‘कभी न भूलने वाला सबक’ सिखाने की धमकी दी गई थी। परंतु यदि मोजतबा खामेनेई की मृत्यु की खबर आधिकारिक हो जाती है, तो ईरान के भीतर उत्तराधिकार को लेकर एक भीषण गृहयुद्ध या तख्तापलट जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है, क्योंकि शिया धर्मगुरुओं का एक वर्ग सैन्य जनरलों की इस तानाशाही से खुश नहीं है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था और तेल आपूर्ति पर मंडराता नया खतरा
मोजतबा खामेनेई की नाजुक हालत और तेहरान में संभावित सत्ता परिवर्तन का सीधा असर वैश्विक सुरक्षा और अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। ईरान दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री व्यापारिक मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर नियंत्रण रखता है। यदि ईरान में नेतृत्व संकट गहराता है और IRGC पूरी तरह से अनियंत्रित होकर आक्रामक कदम उठाती है, तो पारस की खाड़ी से होने वाले कच्चे तेल के परिवहन पर सीधा प्रभाव पड़ेगा।
इसके साथ ही, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और अन्य खाड़ी देश भी तेहरान के इस घटनाक्रम पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। अगर ईरान में सुप्रीम लीडर के निधन के बाद राजनीतिक शून्यता की स्थिति बनती है, तो इजरायल और अमेरिका अपनी सैन्य कार्रवाई को और अधिक तेज कर सकते हैं, जिससे पूरा पश्चिम एशिया एक ऐसे युद्ध की चपेट में आ सकता है जिसकी तबाही का दायरा पूरे विश्व को भुगतना पड़ेगा। दुनिया भर के शेयर बाजारों और कमोडिटी मार्केट में इस खबर के बाद से ही हलचल शुरू हो चुकी है।
तेहरान में आगामी घंटों का सस्पेंस: क्या जारी होगा आधिकारिक बयान?
फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें तेहरान के आधिकारिक मीडिया हाउस ‘मेहर’ और ‘आईआरएनए’ (IRNA) पर टिकी हुई हैं। पश्चिमी कूटनीतिज्ञों का मानना है कि ईरानी शासन स्थिति को संभालने और जनता में घबराहट रोकने के लिए खामेनेई की मृत्यु या गंभीर बीमारी की खबर को यथासंभव छिपाने की कोशिश कर रहा है। लेकिन राष्ट्रपति पेज़ेश्कियान की लाचारी और लगातार सार्वजनिक रूप से गायब रहने के कारण तेहरान के नागरिक भी अब अनहोनी की आशंका से भरे हुए हैं।
अगले कुछ घंटे या दिन ईरान के भविष्य और मध्य पूर्व में शक्ति के संतुलन के लिए बेहद निर्णायक साबित होने वाले हैं। यदि मोजतबा खामेनेई के निधन की पुष्टि होती है, तो यह केवल ईरान के राजनीतिक इतिहास का अंत नहीं होगा, बल्कि पूरे क्षेत्र में एक नए और खतरनाक दौर की शुरुआत होगी।
The News 11 – Hindustan Newspaper, ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, देश-दुनिया