
नई दिल्ली। मॉनसून की वापसी की प्रक्रिया के बीच मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने और तेजी से आगे बढ़े गहरे चक्रवाती सिस्टम ‘अर्नब’ (Deep Depression / Cyclone Arnab System) के जमीनी इलाकों की ओर बढ़ने से देश के बड़े हिस्से में मौसमी गतिविधियों में अचानक तेजी आ गई है। आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटों से टकराने के बाद यह मौसमी तंत्र अब मध्य और उत्तर-पश्चिम भारत के वायुमंडल में भारी मात्रा में नमी पहुंचा रहा है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और निजी मौसम एजेंसी स्काईमेट के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, इस चक्रवाती सिस्टम और पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के परस्पर प्रभाव से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड और उत्तराखंड समेत 15 से अधिक राज्यों में तेज आंधी, आकाशीय बिजली चमकने और झमाझम बारिश के आसार बन गए हैं।
राजधानी दिल्ली और आसपास के एनसीआर क्षेत्रों (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद) में सुबह से ही आसमान में हल्के बादलों की आवाजाही बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, दिन चढ़ने के साथ ही आंशिक बादलों का दायरा बढ़ेगा और दोपहर बाद या शाम के समय 25 से 35 किमी/घंटे की गति से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं।
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बारिश की संभावना: दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में हल्की से मध्यम दर्जे की बौछारें या गरज-चमक के साथ फुहारें पड़ने का अनुमान है।
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तापमान: अधिकतम तापमान 33 से 34 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के करीब रहने से सुबह और देर रात मौसम सुहावना रहेगा।
उत्तर प्रदेश में ‘अर्नब’ के इनलैंड मूवमेंट (भीतरी इलाकों में प्रवेश) का सबसे स्पष्ट असर देखने को मिल रहा है। पूर्वी उत्तर प्रदेश और तराई के क्षेत्रों में मानसूनी बादल एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गए हैं:
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पूर्वांचल और मध्य यूपी (येलो/ऑरेंज अलर्ट): वाराणसी, प्रयागराज, मिर्जापुर, गाजीपुर, जौनपुर, सोनभद्र, आजमगढ़, गोरखपुर, अयोध्या और लखनऊ में कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इस दौरान 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
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बुंदेलखंड और पश्चिमी यूपी: बांदा, चित्रकूट, झांसी और ललितपुर के इलाकों में बादलों की गड़गड़ाहट और तेज बौछारों की संभावना है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश (मेरठ, सहारनपुर, अलीगढ़, आगरा) में बादल छाए रहेंगे और कुछ स्थानों पर हल्की वर्षा हो सकती है।
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बिहार: पटना, गया, भागलपुर, पूर्णिया और मुजफ्फरपुर समेत दक्षिण और पूर्वी बिहार के अधिकांश जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने का येलो अलर्ट जारी किया गया है। खुले खेतों में काम करने वाले किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
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मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़: रीवा, सीधी, सिंगरौली, जबलपुर, बिलासपुर और रायपुर संभागों में सिस्टम की मजबूत सक्रियता के चलते रुक-रुक कर भारी वर्षा का दौर जारी रह सकता है।
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ओडिशा और आंध्र प्रदेश: हालांकि चक्रवाती सिस्टम तट पार कर चुका है, लेकिन कोरापुट, मलकानगिरी, गंजम और विशाखापट्टनम के अंदरूनी इलाकों में जलभराव और भारी बारिश को लेकर स्थानीय प्रशासन हाई अलर्ट पर है।
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पहाड़ी राज्य (उत्तराखंड व हिमाचल): देहरादून, नैनीताल और चमोली जिलों में बादलों के बरसने और ऊंचाई वाले इलाकों में भूस्खलन (Landslide) की आशंका को देखते हुए यात्रियों को संभलकर यात्रा करने की हिदायत दी गई है।
मौसम विभाग ने आकाशीय बिजली और अचानक होने वाली तेज बारिश के मद्देनजर लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान पेड़ों, जर्जर दीवारों और बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
किसानों को सलाह दी गई है कि जिन इलाकों में खरीफ फसलों की कटाई हो चुकी है, वे अपनी कटी हुई फसल को सुरक्षित गोदामों या शेड्स में ढककर रखें ताकि नमी से अनाज खराब न हो। शहरों में जलभराव वाले निचले अंडरपास से बचकर निकलें और दैनिक यात्रा पर निकलने से पहले स्थानीय मौसम बुलेटिन जरूर जांच लें।
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