
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली का ऐतिहासिक रामलीला मैदान आज देश के सबसे बड़े सियासी केंद्र के रूप में उभर रहा है। आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर और विपक्षी नेताओं पर केंद्रीय जांच एजेंसियों की कथित कार्रवाइयों के विरोध में विपक्षी गठबंधन ‘INDIA’ (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस) ने रविवार को राजधानी में अपनी महारैली का आयोजन किया है। चुनावी सरगर्मियों के चरम पर होने के बीच आयोजित इस रैली को गठबंधन के प्रमुख नेताओं का संयुक्त शक्ति प्रदर्शन माना जा रहा है। आयोजन स्थल और उसके आसपास की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने अभूतपूर्व सुरक्षा प्रबंध किए हैं। सुबह से ही दिल्ली और आसपास के राज्यों से हजारों की संख्या में कार्यकर्ताओं का जमावड़ा रामलीला मैदान की ओर बढ़ रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह रैली केवल एक साधारण राजनीतिक सभा नहीं, बल्कि केंद्र सरकार की नीतियों, एजेंसियों के उपयोग और चुनावी बॉन्ड जैसे ज्वलंत मुद्दों पर विपक्षी दलों की एकजुटता दिखाने का एक निर्णायक मंच है। आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री की गिरफ्तारी के बाद राजधानी में आयोजित हो रही यह पहली ऐसी साझा रैली है, जिसमें कांग्रेस, सपा, तृणमूल कांग्रेस, द्रमुक, राजद और वाम दलों समेत करीब दो दर्जन से अधिक विपक्षी पार्टियों के वरिष्ठ नेता एक साथ एक मंच साझा कर रहे हैं।
रैली को लेकर दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं। सुरक्षा के कड़े मानकों को लागू करते हुए पूरे रामलीला मैदान और मध्य दिल्ली के संवेदनशील इलाकों को एक सुरक्षा छावनी में तब्दील कर दिया गया है। मैदान और उसके आसपास सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिल्ली पुलिस के 4,000 से अधिक जवान तैनात किए गए हैं। इसके अलावा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की कई कंपनियां, जिनमें रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवान शामिल हैं, महत्वपूर्ण रणनीतिक चौकियों पर मोर्चा संभाले हुए हैं।
मैदान के सभी मुख्य प्रवेश द्वारों पर आधुनिक मेटल डिटेक्टर डोर फ्रेम लगाए गए हैं। सभा स्थल के भीतर प्रवेश करने वाले हर व्यक्ति की सघन हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर से जांच की जा रही है। आयोजन परिसर के भीतर और बाहर किसी भी अवांछित गतिविधि पर नजर रखने के लिए एक अस्थायी हाई-टेक कंट्रोल रूम बनाया गया है, जहां दर्जनों क्लोज-सर्किट टेलीविजन (CCTV) कैमरों के जरिए चौबीसों घंटे लाइव मॉनिटरिंग की जा रही है। सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि व्यवस्था ऐसी रखी गई है कि रैली के दौरान कानून-व्यवस्था भी न बिगड़े और आम नागरिकों को भी कम से कम असुविधा का सामना करना पड़े।
रामलीला मैदान के मुख्य मंच पर विपक्ष के कई शीर्ष नेताओं के बैठने की व्यवस्था की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सांसद राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव, बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे, एनसीपी (शरदचंद्र पवार) प्रमुख शरद पवार और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला इस रैली के मुख्य वक्ताओं में शामिल हैं।
इसके साथ ही आम आदमी पार्टी की ओर से सुनीता केजरीवाल और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन की मौजूदगी भी इस आयोजन को खास बना रही है। दोनों ही मंच से जेल में बंद अपने पतियों का संदेश जनता तक पहुंचाने का काम करेंगी। मंच पर क्षेत्रीय दलों के अन्य दिग्गज नेताओं जैसे सीताराम येचुरी, डी. राजा और तृणमूल कांग्रेस के प्रतिनिधियों की भागीदारी यह रेखांकित करने का प्रयास है कि सीट बंटवारे की तमाम क्षेत्रीय जटिलताओं के बावजूद राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी धड़ा पूरी तरह एकजुट है।
राजधानी के व्यस्ततम केंद्र अजमेरी गेट और नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के समीप स्थित होने के कारण रामलीला मैदान की रैली का सीधा असर दिल्ली की यातायात व्यवस्था पर पड़ रहा है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने आम जनता की सुविधा के लिए पहले ही एक विस्तृत ट्रैफिक एडवाइजरी जारी कर दी है। रणजीत सिंह फ्लाईओवर, मिंटो रोड, कमला मार्केट चौराहा, दिल्ली गेट, अजमेरी गेट, जेएलएन मार्ग और चमन लाल मार्ग के आसपास भारी और मध्यम वाहनों के प्रवेश पर सख्त पाबंदी लगाई गई है।
ट्रैफिक पुलिस ने नई दिल्ली रेलवे स्टेशन, पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन और आईएसबीटी की ओर जाने वाले यात्रियों को पर्याप्त समय लेकर घर से निकलने और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की सलाह दी है। दिल्ली मेट्रो की सेवाएं सामान्य रूप से चल रही हैं, हालांकि नई दिल्ली, चावड़ी बाजार और दिल्ली गेट मेट्रो स्टेशनों पर अतिरिक्त सीआईएसएफ और दिल्ली पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि भीड़ प्रबंधन सुचारू रूप से हो सके। पार्किंग के लिए रामलीला मैदान के नजदीक माता सुंदरी कॉलेज के पीछे और शांति वन के पास विशेष व्यवस्था की गई है।
यह महारैली ऐसे समय में हो रही है जब देश आम चुनाव की दहलीज पर खड़ा है। INDIA गठबंधन का मुख्य संदेश ‘लोकतंत्र बचाओ’ और ‘संविधान बचाओ’ के इर्द-गिर्द केंद्रित है। विपक्षी नेताओं का आरोप है कि चुनाव से ठीक पहले मुख्य विपक्षी आवाजों को दबाने के लिए केंद्रीय जांच एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है और राजनीतिक दलों के बैंक खातों पर पाबंदियां लगाई जा रही हैं। मंच से बेरोजगारी, महंगाई, किसानों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी और चुनावी चंदे में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्र सरकार को सीधे तौर पर कटघरे में खड़ा किया जा रहा है।
दूसरी ओर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस रैली को ‘भ्रष्टाचार बचाओ रैली’ करार देते हुए पलटवार किया है। भाजपा प्रवक्ताओं का कहना है कि जो दल एक-दूसरे के खिलाफ चुनावी मैदान में आमने-सामने खड़े हैं, वे केवल जांच एजेंसियों की कार्रवाई से बचने के लिए एक मंच पर आने का दिखावा कर रहे हैं। इस सियासी तनातनी के बीच रामलीला मैदान की यह विशाल सभा चुनावी हवा का रुख किस ओर मोड़ेगी, इस पर देश भर की निगाहें टिकी हुई हैं।
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