Guru Pradosh Vrat 2026: आज ज्येष्ठ मास का गुरु प्रदोष व्रत है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यदि प्रदोष व्रत गुरुवार के दिन पड़ता है, तो इसका महत्व और भी बढ़ जाता है। आज का दिन भगवान शिव की उपासना के लिए अत्यंत उत्तम है। कहा जाता है कि जो भक्त नियमपूर्वक 26 प्रदोष व्रत पूर्ण कर लेता है, महादेव उसकी हर मनोकामना को अवश्य पूरा करते हैं। आज के दिन यदि आप शाम के समय एक छोटा सा उपाय कर लें, तो शिवजी की कृपा से आपके घर में सुख-समृद्धि और धन का आगमन होगा।
धन लाभ के लिए शाम को करें यह सरल उपाय
प्रदोष व्रत में ‘प्रदोष काल’ यानी सूर्यास्त के समय की गई पूजा का विशेष महत्व है। आज शाम की पूजा के लिए आप यह छोटा सा उपाय अपना सकते हैं:
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शाम के समय स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
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अपने घर से एक लोटा जल और घी का एक दीपक लेकर पास के किसी शिव मंदिर में जाएं।
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शिवलिंग पर विधिपूर्वक जल अर्पित करें।
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इसके बाद भगवान शिव और नंदी के बीच में घी का दीपक प्रज्वलित करें।
मान्यता है कि इस उपाय को करने से भगवान शिव अति प्रसन्न होते हैं और भक्तों को धन-धान्य का आशीर्वाद प्रदान करते हैं।
जून 2026 में कब है अगला प्रदोष व्रत?
अधिक मास की समाप्ति के बाद जून में भी प्रदोष व्रत के विशेष संयोग बन रहे हैं:
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शुक्र प्रदोष व्रत (12 जून 2026): ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 12 जून को रात 07:36 बजे शुरू होगी और 13 जून को शाम 04:07 बजे समाप्त होगी। ऐसे में 12 जून को शुक्र प्रदोष व्रत रखा जाएगा।
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शनि प्रदोष व्रत (27 जून 2026): ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष में आने वाला यह व्रत शनि देव और महादेव की संयुक्त पूजा के लिए बेहद शुभ माना जाता है।
व्रत के दौरान इन बातों का रखें ध्यान
आज के प्रदोष व्रत का पूर्ण फल प्राप्त करने के लिए कुछ नियमों का पालन करना श्रेयस्कर होता है:
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पूजा का समय: प्रदोष काल के समय को विशेष रूप से नोट कर लें और इसी समय शिवजी की पूजा करें।
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सात्त्विकता: व्रत के दिन दिन में सोने से बचें और अपना मन शिव भक्ति में लगाएं।
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पाठ और दान: व्रत कथा का पाठ अवश्य करें। इसके साथ ही अपनी क्षमतानुसार अन्न, वस्त्र या धन का दान करना अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है।
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