कोरोना काल के बाद से देश के लगभग हर घर में इम्यूनिटी (Immunity) बढ़ाने और बुखार से बचने के लिए गिलोय का काढ़ा या जूस पीना एक आम आदत बन चुका है। लोग इसे पूरी तरह सुरक्षित मानकर बिना किसी डॉक्टरी सलाह के महीनों तक पीते रहते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हर मर्ज की दवा समझी जाने वाली यह जादुई जड़ी-बूटी आपके लिवर को धीरे-धीरे डैमेज कर सकती है?
सोशल मीडिया पर ‘द लिवर डॉक्टर’ (The Liver Doctor) के नाम से मशहूर और जाने-माने हीपैटोलॉजिस्ट (लिवर रोग विशेषज्ञ) डॉ. सिरीक एब्बी फिलिप्स ने गिलोय के इस खतरनाक पहलू को उजागर किया है। उन्होंने गिलोय को सबसे ज्यादा ‘लिवर टॉक्सिक’ यानी लिवर के लिए जहरीला आयुर्वेदिक पौधा बताया है और लोगों को इसके अंधाधुंध इस्तेमाल से बचने की कड़ी चेतावनी दी है।
इंस्टाग्राम पर डॉक्टर ने दी चेतावनी: गिलोय से हो सकती है लिवर इंजरी
डॉ. सिरीक एब्बी फिलिप्स ने अपने इंस्टाग्राम पेज पर एक वीडियो शेयर कर बताया कि गिलोय का लगातार सेवन शरीर में ‘इम्यून मेडिएटेड लिवर डैमेज’ (Immune-Mediated Liver Injury) का कारण बन सकता है। इसका मतलब यह है कि गिलोय शरीर के इम्यून सिस्टम को इस कदर उत्तेजित कर देता है कि वह खुद ही लिवर की कोशिकाओं को नष्ट करने लगता है।
डॉक्टर ने अमेरिकी सरकार के ‘नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर कॉम्प्लिमेंट्री एंड अल्टरनेटिव मेडिसिन थेरेपी’ की रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए कहा कि भारत में अब तक करीब 200 ऐसे गंभीर मामले सामने आ चुके हैं, जहां मरीजों का लिवर गिलोय के अत्यधिक सेवन के कारण बुरी तरह जख्मी हुआ है। उन्होंने यह भी साफ किया कि हल्दी जैसी सामान्य दिखने वाली चीज का भी यदि जरूरत से ज्यादा और गलत तरीके से सप्लीमेंट के रूप में इस्तेमाल किया जाए, तो वह भी सेहत को नुकसान पहुंचा सकती है।
भूलकर भी न करें गिलोय का सेवन, इन मरीजों के लिए है बेहद खतरनाक
लिवर डॉक्टर के अनुसार, यदि आप नीचे दी गई किसी भी बीमारी से पीड़ित हैं, तो गिलोय आपके लिए बेहद नुकसानदेह साबित हो सकती है:
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ऑटोइम्यून डिसीज (Autoimmune Diseases): जिन लोगों को पहले से ही कोई इम्यून मेडिएटेड डिसऑर्डर या ऑटोइम्यून बीमारी है, उन्हें गिलोय से दूरी बना लेनी चाहिए। गिलोय रोग प्रतिरोधक क्षमता को बहुत ज्यादा एक्टिव कर देता है, जिससे बीमारी के लक्षण और घातक हो सकते हैं।
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डायबिटीज और थायराइड (Diabetes & Thyroid): मधुमेह और थायराइड के मरीजों के शरीर में गिलोय के कारण हार्मोन्स और ब्लड शुगर का संतुलन बिगड़ सकता है, जो शरीर पर बेहद प्रतिकूल (Harmful) प्रभाव डालता है।
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लो ब्लड प्रेशर (Low BP): जिन लोगों का रक्तचाप हमेशा कम रहता है, उनके लिए गिलोय खतरनाक है। यह ब्लड प्रेशर को और ज्यादा घटा देती है, जिससे चक्कर आना या बेहोशी जैसी स्थिति बन सकती है।
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सर्जरी होने वाले मरीज: यदि आपकी कोई छोटी या बड़ी सर्जरी (Operation) होने वाली है, तो कम से कम दो हफ्ते पहले से ही गिलोय का सेवन पूरी तरह बंद कर दें। यह सर्जरी के दौरान या बाद में ब्लड प्रेशर को अनियंत्रित कर सकती है।
गर्भवती महिलाएं और स्तनपान कराने वाली माताएं रहें दूर
गर्भावस्था (Pregnancy) और ब्रेस्ट फीडिंग (Breast Feeding) के दौरान महिलाओं के शरीर में कई तरह के हार्मोनल बदलाव हो रहे होते हैं। इस नाजुक समय पर बिना डॉक्टर की लिखित सलाह के गिलोय या किसी भी अन्य आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी (जैसे अश्वगंधा, शतावरी) का काढ़ा पीना मां और बच्चे दोनों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।
आखिर कब तक और कितनी मात्रा में गिलोय पीना है पूरी तरह सेफ?
आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा दोनों ही मानते हैं कि किसी भी हर्ब का इस्तेमाल एक निश्चित समय सीमा के लिए ही किया जाना चाहिए:
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3 महीने की सीमा: गिलोय के जूस या काढ़े को लगातार अधिकतम 3 महीने तक ही पीना सुरक्षित माना जाता है।
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डॉक्टर की सलाह अनिवार्य: यदि आप किसी पुरानी बीमारी के लिए 3 महीने से ज्यादा समय तक गिलोय का सेवन करना चाहते हैं, तो किसी योग्य आयुर्वेदिक चिकित्सक या डॉक्टर की सलाह जरूर लें। खुद से डॉक्टर बनने की गलती आपके लिवर पर भारी पड़ सकती है।
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