नई दिल्ली। पश्चिम एशिया (Middle East) में ईरान और इजरायल के बीच छिड़ी भीषण जंग ने न केवल वैश्विक राजनीति को गरमा दिया है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय हवाई सेवाओं को भी पूरी तरह बेपटरी कर दिया है। मिडिल ईस्ट के हवाई क्षेत्र (Airspace) पर लगे कड़े प्रतिबंधों के कारण उड़ानों का पहिया क्या थमा, दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास स्थित होटलों की चांदी हो गई है। आलम यह है कि जो कमरे त्योहारों के सीजन में खाली होने चाहिए थे, वहां अब ‘हाउसफुल’ के बोर्ड नजर आ रहे हैं।
एयरोसिटी के 5-सितारा होटलों में बढ़ी ऑक्युपेंसी, बुकिंग फुल
उड़ानों के रद्द होने और समय में बदलाव के कारण हजारों यात्री दिल्ली में फंस गए हैं। इसका सीधा असर एयरपोर्ट के पास स्थित ‘एयरोसिटी’ के लग्जरी होटलों पर पड़ा है। जेडब्ल्यू मैरियट, रोजेट हाउस, पुलमैन, और नोवोटेल जैसे प्रतिष्ठित होटलों में ऑक्युपेंसी 100% के करीब पहुंच गई है। होटल प्रबंधन के अनुसार, जिन यात्रियों को चेक-आउट करना था, उन्होंने अपनी बुकिंग 5 मार्च तक बढ़ा ली है, क्योंकि एयरलाइंस ने फिलहाल सेवाएं बहाल करने से इनकार कर दिया है।
त्योहारों के सीजन में उल्टा पड़ा गणित: विदेशी सैलानियों ने बढ़ाई स्टे
आमतौर पर मार्च के शुरुआती सप्ताह में त्योहारों के चलते होटलों में बुकिंग कम होने लगती है, लेकिन इस बार युद्ध के हालात ने समीकरण बदल दिए हैं। रोजेट होटल्स एंड रिसॉर्ट्स के अधिकारियों का कहना है कि पिछले दो दिनों में अप्रत्याशित भीड़ बढ़ी है। वहीं, हॉलिडे इन के प्रबंधन ने बताया कि हालांकि कुछ विदेशी पर्यटकों ने अपनी भारत यात्रा रद्द कर दी है, लेकिन जो यात्री पहले से यहाँ मौजूद हैं, उन्होंने जाना स्थगित कर दिया है। इससे होटलों को होने वाला संभावित नुकसान मुनाफे में बदल गया है।
300 से ज्यादा उड़ानें रद्द, दिल्ली-चेन्नई एयरपोर्ट पर सबसे ज्यादा असर
इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष के चलते पिछले तीन दिनों से विमान सेवा पूरी तरह चरमरा गई है। एयर इंडिया, इंडिगो और स्पाइसजेट जैसी प्रमुख कंपनियों ने खाड़ी देशों (दुबई, दोहा, रियाद, अबू धाबी) की ओर जाने वाली 300 से अधिक उड़ानें रद्द की हैं। अकेले दिल्ली एयरपोर्ट से 87 और चेन्नई से 28 उड़ानों को कैंसिल करना पड़ा है। एयरलाइंस ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे एयरपोर्ट आने से पहले अपनी फ्लाइट का स्टेटस जरूर चेक कर लें।
5 मार्च तक राहत के आसार कम, यात्री परेशान
नोवोटेल होटल के अधिकारियों के मुताबिक, कई एयरलाइंस ने 3 मार्च तक अपनी उड़ानें रद्द रखने की सूचना दी है, लेकिन अनिश्चितता को देखते हुए यात्री 5 मार्च तक की बुकिंग पहले से ही सुरक्षित कर रहे हैं। कुवैत, ओमान, कतर और यूएई जैसे देशों के लिए हवाई रास्ता बंद होने से कनेक्टिंग फ्लाइट्स लेने वाले यात्रियों की मुश्किलें सबसे ज्यादा बढ़ गई हैं। फिलहाल, युद्ध के बादल छंटने तक विमानन और पर्यटन क्षेत्र में यह उथल-पुथल जारी रहने की आशंका है।
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