सुबह की नींद भगानी हो या ऑफिस के लंबे और थकाऊ घंटों के बीच खुद को तरोताजा रखना हो, दुनिया भर में ‘कॉफी’ लाखों लोगों का सबसे पसंदीदा पेय पदार्थ है। लेकिन कॉफी के शौकीनों के बीच अक्सर एक डर हमेशा बना रहता है—”क्या ज्यादा कॉफी पीने से शरीर में डिहाइड्रेशन (निर्जलीकरण) होता है?” लंबे समय से यह माना जाता रहा है कि कॉफी पीने के बाद बार-बार यूरिन (शौचालय) जाना पड़ता है, जिससे शरीर का पानी सुख जाता है। लेकिन क्या इस बात में वाकई कोई सच्चाई है? हाल ही में हुए नए वैज्ञानिक शोध और चिकित्सा विशेषज्ञों की रिपोर्ट ने इस धारणा को पूरी तरह से गलत साबित कर दिया है। आइए जानते हैं कॉफी और हाइड्रेशन से जुड़ा असली सच क्या है।
पानी बनाम कॉफी: क्या कहता है नया वैज्ञानिक शोध?
कॉफी और शरीर में पानी के स्तर (जलयोजन) पर वैज्ञानिकों ने एक बेहद दिलचस्प और आधुनिक अध्ययन किया। इस रिसर्च में नियमित रूप से कॉफी पीने वाले लोगों की तुलना केवल पानी पीने वाले लोगों से की गई। जांच के दौरान शोधकर्ताओं ने पाया कि दोनों ही ग्रुप के लोगों के शरीर में पानी और हाइड्रेशन के स्तर में कोई खास अंतर नहीं था। कॉफी पीने वाले लोगों के शरीर में डिहाइड्रेशन का एक भी स्पष्ट लक्षण नहीं मिला। इस शोध ने सालों पुराने उस मिथक को तोड़ दिया जिसमें कहा जाता था कि कॉफी शरीर को सुखा देती है।
आखिर क्यों फैली थी डिहाइड्रेशन की यह गलत धारणा?
दरअसल, कॉफी में ‘कैफीन’ (Caffeine) पाया जाता है, जिसे विज्ञान में एक ‘मूत्रवर्धक’ (Diuretic) तत्व माना जाता है। इसका मतलब यह है कि यह शरीर में यूरिन की मात्रा को थोड़ा बढ़ा देता है। विशेषज्ञों के अनुसार, कॉफी से डिहाइड्रेशन होने की पुरानी धारणा बहुत पुराने और आधे-अधूरे अध्ययनों पर आधारित थी। उन पुराने रिसर्च में लोगों को कैफीन की अत्यधिक मात्रा दी गई थी और वे लोग रोज कॉफी पीने के आदी नहीं थे। इसके विपरीत, वर्तमान शोध बताते हैं कि जो लोग नियमित रूप से कॉफी पीते हैं, उनका शरीर कैफीन के इस प्रभाव का अभ्यस्त (Tolerant) हो जाता है, जिससे शरीर के तरल पदार्थों पर कोई बुरा असर नहीं पड़ता।
एक दिन में कितने कप कॉफी पीना है बिल्कुल सुरक्षित?
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, एक पूरी तरह स्वस्थ व्यक्ति के लिए दिनभर में 3 से 4 कप कॉफी पीना आमतौर पर बेहद सुरक्षित और सामान्य माना जाता है। इतनी सीमित मात्रा में कॉफी का सेवन करने से शरीर के हाइड्रेशन लेवल, इलेक्ट्रोलाइट संतुलन या कुल लिक्विड इनटेक पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता। यानी सीमित मात्रा में पी गई कॉफी आपके शरीर में पानी की कमी करने के बजाय, आपकी दैनिक तरल पदार्थों (Fluids) की आवश्यकता को पूरा करने में मदद ही करती है।
400 मिलीग्राम से ज्यादा कैफीन बढ़ा देगा ये 4 मुसीबतें
भले ही कॉफी डिहाइड्रेशन नहीं करती, लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आप दिनभर कॉफी ही पीते रहें। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति पूरे दिन में 400 से 500 मिलीग्राम से अधिक कैफीन (यानी 5 कप से ज्यादा कॉफी) का सेवन करता है, तो उसे शरीर में ये गंभीर परेशानियां झेलनी पड़ सकती हैं:
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घबराहट और एंग्जायटी: दिल की धड़कन (Heart Rate) का अचानक तेज हो जाना।
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नींद न आना (Insomnia): रात के समय कॉफी पीने से स्लीप साइकिल का बुरी तरह बिगड़ जाना।
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एसिडिटी: पेट खराब होना और भयंकर गैस व सीने में जलन की समस्या।
बाजार की फैंसी कॉफी से बचें, ब्लैक कॉफी है सबसे बेस्ट
विशेषज्ञों का कहना है कि सिर्फ कॉफी की मात्रा ही नहीं, बल्कि कॉफी का प्रकार (Type) भी आपकी सेहत तय करता है। आजकल बाजारों और कैफे में मिलने वाली कॉफी ड्रिंक्स में ढेर सारी क्रीम, मीठा सिरप, व्हीप्ड क्रीम और रिफाइंड शुगर मिलाई जाती है। यह कॉफी को एक ‘कैलोरी बम’ बना देती है, जिससे मोटापा और शुगर बढ़ती है। स्वास्थ्य के लिहाज से बिना चीनी वाली रेगुलर या ब्लैक कॉफी (Black Coffee) सबसे बेहतरीन विकल्प है।
विशेषज्ञों की अंतिम सलाह: हालांकि कॉफी शरीर को निर्जलित नहीं करती, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि यह सादे पानी की जगह ले सकती है। शरीर के अंगों को सुचारू रूप से चलाने और पूरी तरह हाइड्रेटेड रहने के लिए दिनभर में 8 से 10 गिलास साफ पानी पीना हमेशा सबसे जरूरी रहेगा।
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