नई दिल्ली | आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में माइक्रोवेव किचन का सबसे अहम हिस्सा बन गया है। रात का बचा हुआ खाना हो या ऑफिस से आने के बाद ठंडा भोजन, हम अक्सर बिना सोचे-समझे उसे माइक्रोवेव में 1 मिनट के लिए घुमा देते हैं। यह तरीका समय तो बचाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ चीजें ऐसी हैं जिन्हें दोबारा गर्म करने पर वे ‘धीमे जहर’ की तरह काम करने लगती हैं? हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, कुछ खाद्य पदार्थों की बनावट और उनमें मौजूद प्रोटीन माइक्रोवेव की हीट के संपर्क में आकर टॉक्सिक हो सकते हैं।
क्यों खतरनाक है हर चीज को रीहीट करना?
माइक्रोवेव इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव्स के जरिए खाने के अणुओं (molecules) में कंपन पैदा करता है, जिससे गर्मी पैदा होती है। हालांकि यह सुविधाजनक है, लेकिन डॉक्टर्स चेतावनी देते हैं कि कुछ खास चीजों को दोबारा गर्म करने से उनकी न्यूट्रिशन वैल्यू पूरी तरह खत्म हो जाती है। शरीर को पोषण मिलने के बजाय, आप केवल हानिकारक तत्वों का सेवन कर रहे होते हैं। आइए जानते हैं वो 5 चीजें कौन सी हैं जिन्हें माइक्रोवेव से दूर रखना ही बेहतर है।
1. उबले हुए अंडे: हीट प्रेशर से फटने का डर
अंडा प्रोटीन का पावरहाउस है, लेकिन इसे दोबारा गर्म करना जोखिम भरा हो सकता है। यदि आप उबले हुए अंडे को माइक्रोवेव में रखते हैं, तो इसके अंदर अत्यधिक भाप और दबाव (Heat Pressure) बन जाता है। इससे अंडा माइक्रोवेव के अंदर या बाहर निकालते समय फट सकता है। इसके अलावा, दोबारा गर्म करने से अंडे के प्रोटीन की संरचना बदल जाती है, जो पाचन तंत्र को बिगाड़ सकती है।
2. विटामिन-सी से भरपूर सब्जियां: पोषण हो जाता है ‘जीरो’
ब्रोकली, पालक, शिमला मिर्च और हरी पत्तेदार सब्जियां विटामिन-सी और अन्य एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती हैं। विटामिन-सी बहुत ही संवेदनशील होता है और हाई टेंपरेचर पर तुरंत नष्ट हो जाता है। माइक्रोवेव में इन्हें गर्म करने से इनका सारा न्यूट्रिशन खत्म हो जाता है। पालक जैसी सब्जियों में मौजूद नाइट्रेट्स दोबारा गर्म होने पर जहरीले ‘नाइट्रोसामाइन’ में बदल सकते हैं, जो सेहत के लिए बहुत हानिकारक है।
3. चिकन: बदल जाता है प्रोटीन का टेक्सचर
फ्रिज में रखा चिकन अगर माइक्रोवेव में रीहीट किया जाए, तो इसमें मौजूद प्रोटीन का घनत्व बदल जाता है। अक्सर माइक्रोवेव में गर्म किया हुआ चिकन सख्त, सूखा और रबर जैसा हो जाता है। सबसे बड़ी चिंता बैक्टीरिया की है; अगर चिकन पूरी तरह और सही तापमान पर गर्म न हो, तो इसमें साल्मोनेला जैसे बैक्टीरिया पनप सकते हैं, जिससे फूड पॉइजनिंग, पेट दर्द और अपच की समस्या हो सकती है।
4. सीफूड और मछली: स्वाद और सेहत दोनों का नुकसान
मछली और अन्य सीफूड को ताजा खाना ही सबसे उत्तम है। माइक्रोवेव की तेज हीट मछली के ओमेगा-3 फैटी एसिड को नष्ट कर देती है। दोबारा गर्म करने पर मछली न केवल रबर जैसी हो जाती है, बल्कि इसका स्वाद भी पूरी तरह बदल जाता है। स्टोर की हुई मछली को दोबारा गर्म करके खाना एलर्जी और पेट की खराबी का कारण बन सकता है।
5. स्टेक और रेड मीट: हो जाता है चबाना मुश्किल
मीट के बड़े टुकड़ों या स्टेक को माइक्रोवेव में दोबारा गर्म करने की गलती कभी न करें। हाई टेंपरेचर मीट को बेहद ‘चीमड़’ और सख्त बना देता है, जिससे उसे पचाना मुश्किल हो जाता है। साथ ही, इसकी न्यूट्रिशन वैल्यू भी खत्म हो जाती है। एक्सपर्ट्स की सलाह है कि मीट को फ्रिज से निकालकर पहले रूम टेंपरेचर पर आने दें और फिर धीमी आंच पर गैस पर गर्म करें।
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