NEET-UG पेपर लीक विवाद के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देने वाले धर्मेंद्र प्रधान को लेकर मीडिया हलकों में नई चर्चाएं गर्म हैं। एक प्रमुख अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि इस्तीफे से पहले केंद्र सरकार ने प्रधान का विभाग बदलकर उन्हें दूसरा मंत्रालय सौंपने की पेशकश की थी। हालांकि, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इन सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पुरी से सांसद संबित पात्रा ने इस रिपोर्ट को पूरी तरह से काल्पनिक, बेबुनियाद और केवल सनसनी फैलाने की कोशिश करार दिया है।
अखबार की रिपोर्ट में क्या था दावा? संबित पात्रा ने बताई सच्चाई
अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधियों और केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा व डॉ. जितेंद्र सिंह के बीच हुई बातचीत के दौरान एक प्रस्ताव रखा गया था। रिपोर्ट के अनुसार, सरकार धर्मेंद्र प्रधान का पोर्टफोलियो बदलकर उसी दिन नए शिक्षा मंत्री को कार्यभार सौंपना चाहती थी, लेकिन CJP की कड़ी आपत्ति के बाद प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा। इस पर पलटवार करते हुए संबित पात्रा ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि पार्टी के आधिकारिक स्तर पर ऐसे किसी भी प्रस्ताव या पोर्टफोलियो में बदलाव को लेकर कभी कोई चर्चा नहीं हुई थी और यह खबर पूरी तरह निराधार है।
NEET विवाद, जंतर-मंतर आंदोलन और इस्तीफे का घटनाक्रम
देशभर में NEET पेपर लीक मामले को लेकर पिछले एक महीने से अधिक समय से जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन चल रहे थे। चौतरफा राजनीतिक और सामाजिक दबाव के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था। उनके इस्तीफे के कुछ ही घंटों भीतर CJP प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ कई दौर की वार्ता के बाद अपना आंदोलन खत्म करने का ऐलान किया था। हालांकि, इस्तीफे के बाद पोर्टफोलियो बदलने की खबरों को बीजेपी ने सिरे से नकार कर अफवाहों पर विराम लगा दिया है।
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