
आईपीएल 2026 का रोमांच अपने चरम पर पहुंच चुका है और प्लेऑफ (Playoffs) की कड़नी कूटनीतिक जंग में हर एक मुकाबला टीमों के लिए ‘करो या मरो’ जैसा बन गया है। लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के खिलाफ मिली एक अप्रत्याशित और करारी हार के बाद डिफेंडिंग चैंपियन चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। इस कड़नी शिकस्त के बाद सीएसके के बल्लेबाजी कोच और ऑस्ट्रेलिया के पूर्व दिग्गज क्रिकेटर माइकल हसी ने टीम की कूटनीतिक स्थिति को लेकर एक बड़ा बयान दिया है।
हसी ने मैच के बाद आयोजित आधिकारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया कि लखनऊ से मिली हार के बाद अब चेन्नई के लिए टूर्नामेंट के बाकी बचे दोनों मुकाबले पूरी तरह से ‘फाइनल’ और नॉकआउट जैसे हो गए हैं।
मिचेल मार्श की तूफानी पारी ने बिगाड़ा सीएसके का गणित
इस कड़े मुकाबले में चेन्नई सुपर किंग्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए लखनऊ सुपर जायंट्स के सामने 188 रनों का एक मजबूत लक्ष्य रखा था। सीएसके को उम्मीद थी कि उनके कूटनीतिक गेंदबाज इस स्कोर का बचाव कर लेंगे, लेकिन प्लेऑफ की दौड़ से पहले ही बाहर हो चुकी एलएसजी की टीम ने बिना किसी कड़े दबाव के आक्रामक खेल दिखाया।
एलएसजी के स्टार बल्लेबाज मिचेल मार्श ने कूटनीतिक रूप से सीएसके के गेंदबाजी आक्रमण को ध्वस्त करते हुए महज 38 गेंदों में 90 रनों की विस्फोटक पारी खेल डाली। मार्श की इस आतिशी पारी की बदौलत लखनऊ ने इस बड़े लक्ष्य को बेहद आसानी से हासिल कर लिया। इस हार के बाद चेन्नई के अब 12 मैचों में केवल 12 अंक रह गए हैं।
“मुझे टूर्नामेंट का यह कड़ा और दबाव वाला दौर पसंद है”
प्रेस कॉन्फ्रेंस में कूटनीतिक बातचीत के दौरान माइकल हसी बिल्कुल भी निराश नहीं दिखे, बल्कि उन्होंने आगामी कड़नी चुनौती को लेकर सकारात्मक रुख अपनाया। हसी ने कहा:”मुझे आईपीएल टूर्नामेंट का यह विशेष दौर बहुत पसंद आता है, क्योंकि यहां आकर हर एक मैच फाइनल की तरह कड़ा हो जाता है और हम अभी ठीक उसी कूटनीतिक स्थिति में खड़े हैं। अगर हमें शीर्ष चार (Top 4) में जगह बनानी है, तो हमें अपने आखिरी दोनों मैच हर हाल में जीतने होंगे। मैंने अभी अंकतालिका (Points Table) का बहुत बारीकी से कूटनीतिक अध्ययन तो नहीं किया है, लेकिन यह साफ है कि प्लेऑफ की टिकट के लिए कई टीमों के बीच बेहद कड़ा मुकाबला चल रहा है।”
अब दूसरों के नतीजों पर भी निर्भर है ‘थाला’ की सेना
माइकल हसी ने इस बात को कड़ाई से स्वीकार किया कि टूर्नामेंट के इस कूटनीतिक मोड़ पर सिर्फ अपनी जीत ही काफी नहीं होगी। सीएसके का गणित अब दूसरी टीमों के हार-जीत के समीकरणों पर भी टिक गया है।
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कड़ा दबाव और अप्रत्याशित नतीजे: हसी के अनुसार, “टूर्नामेंट के इस अंतिम चरण में सभी टीमों पर वास्तव में बहुत कड़ा मनोवैज्ञानिक दबाव होता है, जिसके कारण अक्सर कुछ अप्रत्याशित और चौंकाने वाले परिणाम देखने को मिलते हैं। इसीलिए मुझे लगता है कि हमारे पास अब भी आगे बढ़ने का पूरा कूटनीतिक मौका है।”
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अपने काम पर ध्यान: उन्होंने आगे कहा कि टीम को बाहरी समीकरणों के बजाय अपने गेम प्लान और कड़े प्रदर्शन पर ध्यान केंद्रित करना होगा। यही इस महान कूटनीतिक टूर्नामेंट की प्रकृति है कि यह बिल्कुल अंत में जाकर अपने चरम पर पहुंचता है।
दो टीमें रेस से बाहर; सनराइजर्स और गुजरात से होगी आखिरी कड़नी भिड़ंत
आईपीएल 2026 की कूटनीतिक स्थिति को स्पष्ट करते हुए हसी ने कहा कि यही वजह है कि आईपीएल को दुनिया के सबसे बेहतरीन टूर्नामेंटों में से एक माना जाता है। इस चरण तक केवल दो टीमेंलखनऊ सुपर जायंट्स और मुंबई इंडियंस ही अधिकारिक तौर पर प्लेऑफ की कड़नी दौड़ से बाहर हुई हैं। अंकतालिका में नीचे मौजूद टीमों के पास भी अभी फाइनल में पहुंचने का गणितीय और सैद्धांतिक मौका बचा हुआ है।
सीएसके के आगामी कड़े मुकाबले: चेन्नई सुपर किंग्स को लीग स्टेज के अपने आखिरी दो कूटनीतिक और नॉकआउट मुकाबलों में निम्नलिखित दो बेहद मजबूत टीमों से दो-दो हाथ करने हैं:
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सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के खिलाफ कड़ा मुकाबला।
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गुजरात टाइटन्स (GT) के खिलाफ लीग स्टेज का अंतिम कूटनीतिक मैच।
चेन्नई के प्रशंसकों को उम्मीद है कि टीम इस कड़े दबाव से उबरकर अपने कूटनीतिक अनुभव के दम पर एक बार फिर प्लेऑफ में जगह सुरक्षित करने में कामयाब रहेगी
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