US-Iran Conflict Update 2026: खाड़ी क्षेत्र (Gulf Region) में एक बार फिर युद्ध की चिंगारी भड़कती नजर आ रही है। ईरान और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच बढ़ता तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में अमेरिका की सक्रियता ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। ताजा घटनाक्रम में ईरान ने यूएई पर मिसाइलों और ड्रोनों से हमला किया है, जिसके बाद खाड़ी देशों में ‘इमरजेंसी सायरन’ गूंजने लगे हैं।
यूएई पर हमला: 15 मिसाइलें और ड्रोनों से दहल उठा रेगिस्तान
ईरान ने यूएई को निशाना बनाते हुए करीब 15 मिसाइलें और घातक ड्रोन दागे हैं।
-
आपातकालीन चेतावनी: हमले के तुरंत बाद यूएई में रेड अलर्ट जारी कर दिया गया और लोगों को सुरक्षित ठिकानों पर छिपने की सलाह दी गई।
-
नुकसान का आकलन: हालांकि राहत की बात यह है कि अभी तक किसी बड़े जान-माल के नुकसान की खबर नहीं मिली है, लेकिन अप्रैल से लागू नाजुक युद्धविराम अब पूरी तरह टूटता नजर आ रहा है।
-
ईरान का तर्क: ईरान ने यूएई पर यह हमला ऐसे समय किया है जब अमेरिकी नौसेना ने दावा किया कि उनके दो व्यापारिक जहाज होर्मुज के रास्ते सुरक्षित निकल गए हैं।
डोनाल्ड ट्रंप की चुप्पी और ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पूरे विवाद पर रणनीतिक चुप्पी साध रखी है, लेकिन पर्दे के पीछे ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ को हरी झंडी दे दी गई है।
-
क्या है प्रोजेक्ट फ्रीडम: इसके तहत अमेरिका ने करीब 15,000 सैनिक, 100 लड़ाकू विमान और गाइडेड मिसाइल विध्वंसक जहाजों को तैनात किया है। इसका उद्देश्य उन सैकड़ों जहाजों को निकालना है जो युद्ध के कारण होर्मुज में फंसे हुए हैं।
-
ईरान का कड़ा विरोध: ईरान ने ट्रंप की इस पहल को ‘भ्रमपूर्ण सोच’ बताया है। ईरानी सैन्य अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि कोई भी अमेरिकी युद्धपोत होर्मुज में प्रवेश करेगा, तो उसे सीधे निशाना बनाया जाएगा।
होर्मुज में सैकड़ों जहाज फंसे, ऊर्जा संकट गहराया
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल और गैस आपूर्ति मार्ग है। इस पर ईरान का नियंत्रण उसे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव बनाने की ताकत देता है।
-
नाकेबंदी: युद्ध शुरू होने के बाद से यहां सैकड़ों कमर्शियल जहाज फंसे हुए हैं, जिससे वैश्विक ईंधन की कीमतों में आग लगी हुई है।
-
सुरक्षा कॉरिडोर: अमेरिका ने ओमान के जलक्षेत्र में ‘उन्नत सुरक्षा क्षेत्र’ बनाया है और जहाजों को वहां से गुजरने की सलाह दी है।
कूटनीतिक विफलता: बातचीत के सारे रास्ते बंद?
ईरान के विदेश मंत्रालय का कहना है कि अमेरिकी मांगों में लगातार बदलाव के कारण किसी भी समझौते पर पहुंचना असंभव होता जा रहा है।
-
विफल प्रस्ताव: ईरान ने कई बार शांति प्रस्ताव भेजे, लेकिन ट्रंप प्रशासन ने उन्हें ‘नाकाफी’ बताकर खारिज कर दिया।
-
क्षेत्रीय तनाव: यूएई ने भी आरोप लगाया है कि ईरान ने उसके एक तेल टैंकर पर ड्रोन से हमला किया है। तनाव कम करने के प्रयासों के बीच पाकिस्तान ने हाल ही में 22 नाविकों की मदद की है, जिसे विश्वास बहाली के रूप में देखा जा रहा है।
The News 11 – ताज़ा हिंदी समाचार, ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, देश-दुनिया