
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को लेकर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। जंतर-मंतर और लुटियंस दिल्ली की ओर कूच करने की योजना के बीच दिल्ली पुलिस ने राजधानी में व्यापक सुरक्षा घेरा तैयार करते हुए प्रदर्शन के प्रमुख आयोजकों और कार्यकर्ताओं—अभिजीत दीपके, खोजी पत्रकार व कार्यकर्ता सौरव दास और आशुतोष रांका को हिरासत में ले लिया है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने और राजधानी की संवेदनशीलता को देखते हुए दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने पुलिस के परामर्श पर मध्य दिल्ली के 46 मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वारों को पूरी तरह बंद कर दिया है, जिससे वीकेंड पर पूरी दिल्ली छावनी में तब्दील नजर आ रही है।
शनिवार सुबह प्रदर्शनकारियों के लुटियंस जोन में जुटने से पहले ही दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और स्थानीय थानों की टीमों ने समन्वित कार्रवाई शुरू कर दी:
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अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका पर कार्रवाई: सोशल मीडिया और ग्राउंड पर प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे एक्टिविस्ट अभिजीत दीपके, पत्रकार सौरव दास और आशुतोष रांका को उनके आवासों और धरना स्थलों के करीब से एहतियातन हिरासत (Preventive Detention) में ले लिया गया।
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अज्ञात स्थानों पर ले जाए गए नेता: पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बिना प्रशासनिक अनुमति के संवेदनशील क्षेत्रों में धारा 144 का उल्लंघन करने और अनधिकृत सभा बुलाने के प्रयास के तहत यह कार्रवाई की गई है। हिरासत में लिए गए नेताओं को अलग-अलग पुलिस स्टेशनों में रखा गया है ताकि लामबंदी को रोका जा सके।
दिल्ली पुलिस के इनपुट के बाद डीएमआरसी ने शनिवार को अपनी परिचालन एडवाइजरी को संशोधित करते हुए 46 संवेदनशील मेट्रो स्टेशनों पर आम यात्रियों की एंट्री और एग्जिट बंद कर दी है:
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प्रभावित प्रमुख स्टेशन: राजीव चौक, केंद्रीय सचिवालय, पटेल चौक, उद्योग भवन, जनपथ, मंडी हाउस, बारखंभा रोड, लोक कल्याण मार्ग, दिल्ली गेट और आईटीओ जैसे प्रमुख स्टेशनों के गेट पूरी तरह सील कर दिए गए हैं।
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केवल इंटरचेंज चालू: राजीव चौक और केंद्रीय सचिवालय जैसे जंक्शनों पर यात्रियों को ट्रेन बदलने (Interchange) की सुविधा दी जा रही है, लेकिन किसी भी यात्री को स्टेशन से बाहर निकलने की अनुमति नहीं है।
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सघन चेकिंग: खुले हुए बाहरी स्टेशनों पर सीआईएसएफ (CISF) द्वारा मेटल डिटेक्टर्स और अतिरिक्त दस्तों के जरिए प्रत्येक यात्री के सामान की गहन तलाशी ली जा रही है।
संसद भवन परिसर, इंडिया गेट, कर्तव्य पथ, गृह मंत्रालय और जंतर-मंतर जाने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर त्रिस्तरीय कंक्रीट बैरिकेडिंग और कंटीले तार लगाए गए हैं:
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सीआरपीएफ और आरएएफ की तैनाती: दिल्ली पुलिस के साथ रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और सीआरपीएफ की 50 से अधिक अतिरिक्त कंपनियों को तैनात किया गया है।
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वॉटर कैनन और आंसू गैस के दस्ते तैयार: चौराहों पर दंगा रोधी वाहन, वज्र वाहन, वॉटर कैनन और आंसू गैस के दस्ते अलर्ट मोड पर हैं।
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ड्रोन से निगरानी: मध्य दिल्ली के आसमान में ड्रोन कैमरों के जरिए हर संदेहास्पद गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।
हरियाणा और उत्तर प्रदेश से प्रदर्शनकारियों को दिल्ली में प्रवेश करने से रोकने के लिए पुलिस ने सभी अंतरराज्यीय सीमाओं पर सख्त नाकाबंदी कर दी है:
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बॉर्डर पॉइंट्स सील: नोएडा-दिल्ली चिल्ला बॉर्डर, गाजीपुर, कालिंदी कुंज, डीएनडी फ्लाईओवर, बदरपुर, सिंघु और टिकरी बॉर्डर पर हर एक बस, टैक्सी और निजी वाहन की सघन तलाशी ली जा रही है।
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यातायात ठप: इस कड़ी जांच के कारण दिल्ली से सटे नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद के मार्गों पर 5 से 10 किलोमीटर लंबा भीषण ट्रैफिक जाम लग गया है। आवश्यक सेवाओं, एम्बुलेंस और एयरपोर्ट जाने वाले मुसाफिरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रेस ब्रीफिंग में स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय राजधानी में कानून का उल्लंघन करने या सार्वजनिक व्यवस्था को बाधित करने की किसी को अनुमति नहीं दी जाएगी। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे लुटियंस दिल्ली के वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें, सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही अफवाहों पर ध्यान न दें और पुलिस प्रशासन के सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। स्थिति सामान्य होने तक नई दिल्ली क्षेत्र में सुरक्षा अलर्ट जारी रहेगा।
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