गौरव गोगोई के ‘PAK कनेक्शन’ की जांच करेगी केंद्र सरकार, असम कैबिनेट ने गृह मंत्रालय को सौंपी रिपोर्ट

दिसपुर/गुवाहाटी: असम की राजनीति में उस वक्त हड़कंप मच गया जब राज्य कैबिनेट ने कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के उपनेता गौरव गोगोई के खिलाफ एक गंभीर मामले की जांच केंद्र सरकार को सौंपने का निर्णय लिया। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व वाली असम कैबिनेट ने गौरव गोगोई के कथित ‘पाकिस्तान लिंक’ से जुड़ी एक विस्तृत रिपोर्ट केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) को भेज दी है। मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा होने के कारण अब इसकी जांच केंद्रीय एजेंसियां कर सकती हैं।

राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला, असम सरकार सख्त

असम सरकार के मंत्रियों के अनुसार, गौरव गोगोई के खिलाफ कुछ ऐसे साक्ष्य और इनपुट मिले हैं जो उनके कथित तौर पर पाकिस्तान स्थित कुछ तत्वों के साथ संपर्क की ओर इशारा करते हैं। कैबिनेट बैठक के बाद आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि चूंकि यह मामला दो देशों के बीच के संबंधों और देश की आंतरिक सुरक्षा से जुड़ा है, इसलिए राज्य पुलिस के बजाय इसका केंद्रीय एजेंसियों द्वारा जांचा जाना आवश्यक है। असम सरकार ने गृह मंत्रालय से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप और गहन जांच की सिफारिश की है।

सोशल मीडिया और डिजिटल इनपुट बने आधार?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह विवाद कुछ डिजिटल साक्ष्यों और सोशल मीडिया गतिविधियों के बाद शुरू हुआ, जिसमें गोगोई के कुछ बयानों या संपर्कों को लेकर सवाल उठाए गए थे। हालांकि, कांग्रेस पार्टी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया है। कांग्रेस का कहना है कि जब भी विपक्ष सरकार को घेरता है, तो भाजपा ‘पाकिस्तान कार्ड’ का इस्तेमाल करती है।

विपक्ष का पलटवार: ‘राजनीतिक साजिश’ या ‘सुरक्षा का सवाल’?

इस घटनाक्रम के बाद असम की राजनीति में उबाल आ गया है। कांग्रेस समर्थकों का दावा है कि गौरव गोगोई की बढ़ती लोकप्रियता और संसद में उनके कड़े रुख से घबराकर राज्य सरकार ने यह कदम उठाया है। वहीं, भाजपा नेताओं का कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता और यदि किसी के तार दुश्मन देश से जुड़े हैं, तो उसकी जांच होनी ही चाहिए।

अब सबकी निगाहें केंद्रीय गृह मंत्रालय पर टिकी हैं कि क्या इस मामले की जांच नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) या किसी अन्य विशेष विंग को सौंपी जाएगी। अगर जांच आगे बढ़ती है, तो आने वाले दिनों में यह मुद्दा देश की राजनीति का केंद्र बन सकता है।

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