लखनऊ: उत्तर प्रदेश की सियासत में हमेशा अपना दबदबा रखने वाली भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अब रियल एस्टेट के मैदान में भी बड़े-बड़े धुरंधरों को धूल चटा दी है। राजधानी लखनऊ में भाजपा के नए और भव्य प्रदेश मुख्यालय के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। यूपी भाजपा ने लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) की एक हाई-प्रोफाइल ऑनलाइन नीलामी में देश के तीन दिग्गज बिल्डर समूहों को कड़े मुकाबले में पछाड़ते हुए जियामऊ इलाके में 45 करोड़ रुपये की सबसे ऊंची बोली लगाकर 5,500 वर्ग मीटर का एक बेशकीमती भूखंड (प्लॉट) अपने नाम कर लिया है।
एलडीए की खुली लॉटरी, महज एक महीने के भीतर कमाया 16 करोड़ का बंपर मुनाफा
इस मेगा लैंड डील से लखनऊ विकास प्राधिकरण की चांदी हो गई है। दरअसल, एलडीए ने पिछले ही महीने इस जमीन को लखनऊ नगर निगम से करीब 29 करोड़ रुपये में अधिग्रहित किया था। अधिकारियों ने सीधे ट्रांसफर करने के बजाय पारदर्शिता के लिए खुली ऑनलाइन नीलामी का रास्ता चुना, जो बेहद फायदेमंद साबित हुआ। 29 करोड़ की जमीन को भाजपा द्वारा 45 करोड़ में खरीदे जाने से एलडीए के खजाने में महज एक महीने के भीतर 16 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व (फायदा) आ गया है। अधिकारियों का मानना है कि इस खुली बोली प्रक्रिया से भविष्य में किसी भी तरह के कानूनी या प्रशासनिक विवाद की गुंजाइश खत्म हो गई है।
छत पर हेलीपैड और अत्याधुनिक सुविधाएं, ऐसा होगा नया 6 मंजिला हाईटेक मुख्यालय
बीजेपी इस 5,500 वर्ग मीटर के विशाल भूखंड पर उत्तर प्रदेश का सबसे हाईटेक और अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस छह मंजिला (6 Storey) नया प्रदेश मुख्यालय बनाने जा रही है। पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस भव्य और विशाल भवन में हाई-स्पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी वाले प्रशासनिक कार्यालय, विशाल बैठक कक्ष, अंतरराष्ट्रीय स्तर की वीवीआईपी सम्मेलन (कॉन्फ्रेंस) सुविधाएं और डिजिटल मीडिया सेंटर जैसी तमाम आधुनिक व्यवस्थाएं होंगी।
इस प्रोजेक्ट की सबसे चौंकाने वाली और खास बात यह है कि इस बहुमंजिला इमारत की सबसे ऊपरी मंजिल यानी छत (रूफटॉप) पर एक आधुनिक हेलीपैड भी विकसित करने की योजना है। इस हेलीपैड के बनने से राष्ट्रीय स्तर के शीर्ष नेताओं और मुख्यमंत्रियों की सीधे पार्टी दफ्तर में आवाजाही बेहद सुगम और सुरक्षित हो जाएगी और शहर को ट्रैफिक जाम से भी मुक्ति मिलेगी।
कृष्ण कुमार दीक्षित के एक पत्र से बदला पूरा घटनाक्रम, ऐसे हुआ जमीन का खेल
जियामऊ स्थित खसरा संख्या 196 का यह भूखंड पहले उत्तर प्रदेश नगर निगम द्वारा ‘दीनदयाल उपाध्याय सेवा न्यास’ को आवंटित किया गया था। साल 2020 में नगर निगम ने करीब 5,500 वर्ग मीटर की यह जमीन 90 वर्ष की लंबी लीज पर न्यास को सौंपी थी। बाद में इसे फ्रीहोल्ड करने का प्रस्ताव भी पारित हुआ था ताकि यहां भाजपा का मुख्यालय बन सके।
लेकिन इसी साल 7 अप्रैल को न्यास के वरिष्ठ सदस्य कृष्ण कुमार दीक्षित ने नगर निगम को एक आधिकारिक पत्र भेजकर बजट की भारी कमी का हवाला देते हुए इस जमीन को वापस करने का सरप्राइज फैसला लिया। इसके बाद एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने नगर आयुक्त गौरव कुमार को पत्र लिखकर डीएम सर्किल रेट के दोगुने दाम पर यह जमीन एलडीए के खाते में ट्रांसफर कराई और फिर नीलामी की रणनीति तैयार की गई।
जुलाई में गृह मंत्री अमित शाह रख सकते हैं शिलान्यास की आधारशिला, सियासत का नया केंद्र
भाजपा के गलियारों से छनकर आ रही खबरों के मुताबिक, नए प्रदेश मुख्यालय के शिलान्यास और निर्माण कार्य को लेकर पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व बेहद गंभीर है। चर्चा है कि आगामी जुलाई के महीने में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष विशेष रूप से लखनऊ पहुंचकर इस छह मंजिला आलीशान इमारत की आधारशिला (शिलान्यास) रख सकते हैं। हालांकि, अभी इसकी कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है। जियामऊ का यह खसरा संख्या 196 अब उत्तर प्रदेश की संगठनात्मक और राजनीतिक गतिविधियों का सबसे बड़ा और नया पावर सेंटर बनने जा रहा है।
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