जयपुर को जाम से राहत देने की बड़ी तैयारी: ड्रोन निगरानी, 72 बीट और स्पेशल राइडर्स के साथ ट्रैफिक पुलिस का मेगा प्लान

जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर में बढ़ते ट्रैफिक जाम से निपटने के लिए पुलिस प्रशासन ने अब पूरी ताकत झोंक दी है। हालात इतने गंभीर हो चुके थे कि वरिष्ठ अधिकारियों तक को जाम में फंसना पड़ा, जिसके बाद सरकार और पुलिस महकमे ने इसे प्रतिष्ठा का मुद्दा मानते हुए बड़े स्तर पर बदलाव लागू कर दिए हैं। अब शहर की सड़कों को जाम-मुक्त बनाने के लिए ड्रोन से निगरानी, स्पेशल राइडर्स की तैनाती और पूरी ट्रैफिक व्यवस्था को नए सिरे से खड़ा किया गया है।

जाम बना टर्निंग पॉइंट, अब सख्त एक्शन

सीकर रोड पर एक बड़े अधिकारी के लंबे समय तक जाम में फंसने की घटना ने पूरे सिस्टम की कमजोरियों को उजागर कर दिया। इसके बाद सरकार ने तुरंत संज्ञान लेते हुए ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के सख्त रुख के बाद पुलिस विभाग ने बिना देरी किए बड़ा फैसला लागू कर दिया।

ट्रैफिक पुलिस का ढांचा पूरी तरह बदला

जयपुर ट्रैफिक पुलिस में व्यापक प्रशासनिक बदलाव करते हुए पूरे शहर को चार जोन—नॉर्थ, साउथ, ईस्ट और वेस्ट—में बांट दिया गया है। हर जोन की जिम्मेदारी अब एक-एक एडिशनल डीसीपी (ADCP) और दो-दो एसीपी (ACP) को सौंपी गई है। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य जिम्मेदारी तय करना और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना है।

72 ट्रैफिक बीट, हर चौराहे पर कड़ी नजर

शहर में ट्रैफिक कंट्रोल को मजबूत बनाने के लिए 72 ट्रैफिक बीट बनाई गई हैं। इन बीट्स के जरिए हर प्रमुख सड़क और चौराहे पर निगरानी बढ़ाई जाएगी, ताकि जाम की स्थिति बनने से पहले ही उसे नियंत्रित किया जा सके। इससे ट्रैफिक मैनेजमेंट ज्यादा व्यवस्थित और प्रभावी होने की उम्मीद है।

ड्रोन और स्पेशल राइडर्स से होगी मॉनिटरिंग

नई योजना के तहत ट्रैफिक की निगरानी के लिए अब ड्रोन का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे ऊंचाई से पूरे इलाके पर नजर रखी जा सकेगी और जाम की स्थिति का तुरंत आकलन किया जा सकेगा। साथ ही, स्पेशल राइडर्स की टीम को भी तैनात किया जाएगा, जो तेजी से मौके पर पहुंचकर ट्रैफिक को नियंत्रित करेगी।

कई अधिकारियों के तबादले, नई टीम की तैनाती

इस बड़े बदलाव के तहत कई अधिकारियों के दायित्व भी बदले गए हैं। कुछ को ट्रैफिक शाखा से हटाकर अन्य विभागों में भेजा गया है, जबकि नई टीम को जिम्मेदारी देकर सिस्टम को अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने की कोशिश की गई है।

शहर को जाम-मुक्त बनाने की चुनौती

जयपुर जैसे तेजी से बढ़ते शहर में ट्रैफिक मैनेजमेंट एक बड़ी चुनौती बन चुका है। ऐसे में यह नया मास्टर प्लान कितना कारगर साबित होता है, यह आने वाले दिनों में साफ होगा। फिलहाल, प्रशासन का दावा है कि इस नई रणनीति से आम जनता को जाम से राहत मिलेगी और यातायात व्यवस्था पहले से बेहतर होगी।

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