अयोध्या के भव्य राम मंदिर में चढ़ावे और चंदे की चोरी का मामला अब बेहद गरमा गया है। इस संवेदनशील मुद्दे पर पहले ‘खामोश’ रहने वाले भारतीय जनता पार्टी के बाहुबली पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह अब खुलकर मैदान में आ गए हैं। उन्होंने इस पूरे विवाद पर बेहद बेबाक और चौंकाने वाला बयान दिया है। बृजभूषण शरण सिंह ने साफ तौर पर कहा है कि चंदा चोरी के इन आरोपों में कुछ न कुछ सच्चाई जरूर है, क्योंकि बिना आग के कभी धुआं नहीं उठता।
सिर्फ ट्रस्ट नहीं, अब सरकार की तरफ भी उठ रही है उंगली
नवाबगंज स्थित अपने आवास पर मीडिया से बातचीत करते हुए पूर्व सांसद ने कहा कि इस मामले ने राम भक्तों को गहरा झटका दिया है। उन्होंने सीधे तौर पर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार और केंद्र की मोदी सरकार को घेरते हुए कहा कि अब उंगली सिर्फ राम मंदिर ट्रस्ट पर नहीं, बल्कि दोनों सरकारों की तरफ भी उठ रही है। जब आंदोलन से जुड़े जमीनी राम भक्त और अयोध्या की जनता खुद चोरी के आरोप लगा रही है, तो सरकारों को इसे बेहद गंभीरता से लेना चाहिए। उन्होंने यह भी साफ किया कि यह झटका किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि ट्रस्ट के ही कुछ लोगों की वजह से लगा है।
‘अगर पहले सच बोलता तो खुद नुकसान में आ जाता’
जब शुरुआती दिनों में यह मामला सामने आया था, तब बृजभूषण शरण सिंह ने कुछ भी बोलने से साफ इनकार कर दिया था। अपनी पुरानी चुप्पी पर सफाई देते हुए उन्होंने कहा, “मैंने पहले दिन कहा था कि अगर इस मुद्दे पर कुछ भी बोलूंगा तो खुद बड़ी परेशानी और नुकसान में आ जाऊंगा। उस समय कुछ लोगों ने मेरा मजाक उड़ाया और मुझे डरपोक तक कह दिया।” उन्होंने आगे कहा कि अब गेंद पूरी तरह से सरकार के पाले में है और देश की जनता के सामने बहुत जल्द इस पूरे मामले का सच खुलकर आ जाएगा।
अयोध्या में बीजेपी की करारी हार पर खोले बड़े राज
लोकसभा चुनाव में अयोध्या (फैजाबाद सीट) से भारतीय जनता पार्टी की हार पर भी बृजभूषण शरण सिंह ने बेहद तीखा विश्लेषण किया। उन्होंने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव के दौरान अयोध्या को पूरी तरह से एक ‘कैदखाना’ बना दिया गया था। हर जगह बैरिकेडिंग कर दी गई थी, रास्ते बंद करके दीवारें खड़ी कर दी गई थीं और यहां तक कि स्थानीय संतों से गृहस्थों का मिलना-जुलना भी बंद करा दिया गया था। काफी विरोध प्रदर्शनों के बाद कुछ बैरियर हटाए गए। उन्होंने दावा किया कि अगर कोई उनके पास आए, तो वह विस्तार से बता सकते हैं कि आखिर बीजेपी अयोध्या और उसके आसपास की सीटें क्यों हारी।
राम मंदिर आंदोलन का इतिहास और नृपेंद्र मिश्रा को क्लीन चिट
अपने छात्र जीवन और राम मंदिर आंदोलन के दिनों को याद करते हुए बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि उनका पूरा जीवन अयोध्या से जुड़ा रहा है। लालकृष्ण आडवाणी के दौर में आंदोलन के समय वह इतने सक्रिय थे कि उन्हें आडवाणी जी की गाड़ी चलाने का भी मौका मिला था। उन्होंने बताया कि कारसेवकों पर गोली चलने से दो महीने पहले ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था और विवादित ढांचा ढहाए जाने के मामले में दर्ज आरोपियों में सबसे पहली गिरफ्तारी उनकी ही हुई थी। उन्होंने आंदोलन के बड़े नेता विनय कटियार और राम भक्त संतोष दुबे के उठाए जा रहे सवालों को पूरी तरह जायज ठहराया। हालांकि, इस पूरे विवाद के बीच उन्होंने राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा का बचाव करते हुए उन्हें पूरी तरह क्लीन चिट दी और निर्दोष बताया। उन्होंने उम्मीद जताई है कि सरकार इस मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी और ठोस कार्रवाई करेगी।
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