बांग्लादेश में फिर गहराया तनाव: भगवान राम की मूर्ति बनाने पर कट्टरपंथियों ने दी बुलडोजर से ढहाने की धमकी, हिंदुओं ने रोका काम

पड़ोसी देश बांग्लादेश में तख्तापलट और शेख हसीना सरकार के हटने के बाद से ही अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के खिलाफ उत्पीड़न और प्रताड़ना की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। इसी कड़ी में अब बांग्लादेश के रंगपुर संभाग से साम्प्रदायिक तनाव की एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आई है। यहां एक मंदिर परिसर में भगवान श्रीराम की निर्माणाधीन मूर्ति के काम को कट्टरपंथी मुस्लिम संगठनों की खुली धमकियों के बाद बीच में ही रोकना पड़ा है। कट्टरपंथियों ने इस मूर्ति को बुलडोजर से जमींदोज करने की धमकी दी थी।

‘इंसाफ कायमकारी’ संगठन के उपदेशक ने उगला जहर

यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब ‘इंसाफ कायमकारी छात्र श्रमिक जनता’ नामक एक स्थानीय कट्टरपंथी संगठन से जुड़े एक उपदेशक (Preacher) ने इस निर्माणाधीन मूर्ति को लेकर सार्वजनिक रूप से बेहद भड़काऊ बयानबाजी की। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो और बयानों के मुताबिक, उक्त उपदेशक ने खुलेआम मंच से कहा कि पलाशबाड़ी में बन रही भगवान राम की इस मूर्ति को बुलडोजर चलाकर पूरी तरह नष्ट कर दिया जाना चाहिए। उसने स्थानीय प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि सरकार और पुलिस ने इसे तुरंत नहीं हटाया, तो आम मुस्लिम जनता खुद आगे बढ़कर इसे अपने हाथों से तोड़ देगी।

“देश के हित और शांति के लिए रोक रहे हैं काम”

कट्टरपंथी संगठनों की ओर से लगातार मिल रही हिंसा और मूर्ति को ध्वस्त करने की धमकियों के बाद इलाके का माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। क्षेत्र में किसी भी बड़े साम्प्रदायिक दंगे को रोकने और सौहार्द बनाए रखने के लिए मजबूरन स्थानीय मंदिर प्रबंधन समिति को पीछे हटना पड़ा। मंदिर समिति के एक वरिष्ठ सदस्य ने मीडिया को आधिकारिक बयान जारी करते हुए भारी मन से इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने कहा:

“हम समाज, देश और आप सभी के व्यापक हित को देखते हुए भगवान राम की मूर्ति का निर्माण कार्य फिलहाल स्थगित कर रहे हैं। इलाके में साम्प्रदायिक सौहार्द और शांति बनाए रखने के लिए हमने यह कदम उठाया है। भविष्य में यदि परिस्थितियां अनुकूल होंगी, तो हम सभी पक्षों को बुलाकर, उनके सुझाव लेने के बाद ही इस काम को दोबारा शुरू करने पर विचार करेंगे।”

क्षेत्रीय शांति को प्रभावित करने की बड़ी साजिश

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, संबंधित कट्टरपंथी उपदेशक ने न केवल स्थानीय स्तर पर हिंदुओं की आस्था और मूर्ति को निशाना बनाया, बल्कि बेहद आपत्तिजनक राजनीतिक बयानबाजी भी की। उसने अपने भाषणों में भारत और दक्षिण एशियाई देशों के बीच आपसी संबंधों और क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर कई भड़काऊ बातें कहीं। विशेषज्ञों का मानना है कि बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद से चरमपंथी ताकतें जानबूझकर भारत विरोधी एजेंडे के तहत वहां के हिंदू अल्पसंख्यकों को निशाना बना रही हैं ताकि देश का माहौल पूरी तरह खराब किया जा सके। फिलहाल पलाशबाड़ी इलाके में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात हैं।

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