आजकल के डिजिटल युग में जैसे-जैसे तकनीक आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे साइबर अपराधी (Cyber Criminals) निर्दोष लोगों को अपनी ठगी का शिकार बनाने के लिए रोज नए-नए हथकंडे अपना रहे हैं। बैंक फ्रॉड, लॉटरी स्कैम और पार्ट-टाइम जॉब स्कैम के बाद अब बाजार में एक बेहद शातिर और अनोखा घोटाला सामने आया है, जिसे ‘साइलेंट कॉल स्कैम’ (Silent Call Scam) कहा जा रहा है।
इस स्कैम की सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इसमें स्कैमर आपसे कोई ओटीपी (OTP) या बैंक डिटेल नहीं मांगते, बल्कि सिर्फ आपका फोन उठाना ही आपको उनकी हिट-लिस्ट में शामिल कर देता है। आइए विस्तार से समझते हैं कि यह नया रैकेट कैसे काम करता है और आप खुद को इससे कैसे सुरक्षित रख सकते हैं।
क्या है ‘साइलेंट कॉल स्कैम’ और कैसे काम करता है इसका जाल?
यह घोटाला आपके मोबाइल पर आने वाली एक साधारण सी मिस्ड कॉल या अनजान कॉल से शुरू होता है। जब आपके फोन पर किसी अज्ञात नंबर से कॉल आती है और आप उसे उठाकर जैसे ही ‘हैलो’ बोलते हैं, सामने से कोई आवाज नहीं आती और कॉल तुरंत कट जाती है।
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नंबर एक्टिवेशन की जांच: दरअसल, यह कोई रॉन्ग नंबर या नेटवर्क की खराबी नहीं होती। साइबर अपराधी एक एडवांस्ड ऑटोमेटेड सिस्टम (रोबो-कॉलिंग) का इस्तेमाल करके एक साथ हजारों लोगों को कॉल करते हैं।
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स्कैम लिस्ट में एंट्री: जैसे ही आप फोन उठाते हैं, उनके सिस्टम को यह सिग्नल मिल जाता है कि यह मोबाइल नंबर पूरी तरह एक्टिव (सक्रिय) है और इसे कोई इंसान इस्तेमाल कर रहा है। इसके तुरंत बाद, वे आपका नंबर अपनी ‘पोटेंशियल विक्टिम लिस्ट’ (धोखाधड़ी की सूची) में डाल देते हैं। इसके बाद शुरू होता है असली खेल, जहां आपको टारगेट करके बैंक फ्रॉड, कूरियर स्कैम या ब्लैकमेलिंग वाले कॉल किए जाते हैं।
अनजान नंबर से आए साइलेंट कॉल, तो तुरंत अपनाएं ये 3 सुरक्षा नियम
अगर आपको भी पिछले कुछ दिनों से ऐसे कॉल्स आ रहे हैं जहां फोन उठाते ही कट जाता है, तो बेहद सतर्क हो जाएं और तुरंत ये कदम उठाएं:
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कॉल तुरंत काट दें: अगर फोन उठाने पर दूसरी तरफ से कोई आवाज न आए या अजीब सा सन्नाटा (Silence) लगे, तो खुद बार-बार ‘हैलो-हैलो’ बोलने के बजाय तुरंत कॉल डिस्कनेक्ट कर दें।
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नंबर ब्लॉक और स्पैम मार्क करें: यदि किसी एक ही अज्ञात नंबर से या अलग-अलग नंबरों से बार-बार ऐसी साइलेंट कॉल्स आ रही हैं, तो उन्हें अपने फोन में तुरंत ब्लॉक करें। ट्रूकॉलर (Truecaller) जैसे ऐप्स पर इसे स्पैम मार्क करना न भूलें।
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चक्षु (Chakshu) पोर्टल पर करें शिकायत: भारत सरकार के संचार साथी विभाग के ‘चक्षु’ (Chakshu) प्लेटफॉर्म या एनआरसीपी पोर्टल पर जाकर आप ऐसे संदिग्ध और बार-बार परेशान करने वाले नंबरों की ऑनलाइन रिपोर्ट कर सकते हैं, जिससे उन नंबरों को हमेशा के लिए ब्लॉक किया जा सके।
अगर हो गए हैं साइबर फ्रॉड के शिकार, तो यहां मिलेगी तुरंत मदद
यदि अनजाने में आप किसी भी तरह के ऑनलाइन या टेलीफोनिक वित्तीय घोटाले (Financial Fraud) के जाल में फंस गए हैं, तो घबराने के बजाय तत्काल इन सरकारी माध्यमों से सहायता लें:
1. राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन: अपने फोन से तुरंत 1930 नंबर डायल करें। यह भारत सरकार की आधिकारिक हेल्पलाइन है, जहां तुरंत सूचना देने पर आपके बैंक से कटे हुए पैसे को होल्ड (ब्लॉक) कराया जा सकता है।
2. आधिकारिक वेबसाइट: आप सीधे गृह मंत्रालय के आधिकारिक साइबर पोर्टल https://cybercrime.gov.in/ पर जाकर अपनी शिकायत, स्क्रीनशॉट और कॉल रिकॉर्डिंग के साथ दर्ज करा सकते हैं।
याद रखें, सतर्कता ही साइबर अपराध से बचने का एकमात्र और सबसे मजबूत हथियार है। किसी भी अनजान नंबर पर भरोसा न करें और अपनी निजी जानकारियां सुरक्षित रखें।
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