पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ा सैन्य संग्राम अब भारत के लिए एक बड़ा सुरक्षा और राजनयिक संकट बन चुका है। होर्मुज जलडमरूमध्य के पास समुद्र में अमेरिकी सेना की ओर से की जा रही ‘ईरान नाकेबंदी’ का खामियाजा बेकसूर भारतीय नाविकों को अपनी जान देकर भुगतना पड़ रहा है।
इस बीच, एक बेहद चौंकाने वाली और गंभीर खबर सामने आई है। अमेरिकी सेना ने आधिकारिक तौर पर स्वीकार कर लिया है कि ओमान के शिनास बंदरगाह के पास भारतीय चालक दल (क्रू) वाले एक और बड़े व्यापारिक जहाज ‘MT जलवीर’ (MT Jalveer) पर दो घातक ‘हेलफायर’ (Hellfire) मिसाइलें उसी ने दागी थीं। पिछले सात दिनों के भीतर भारतीय नाविकों वाले जहाजों पर यह तीसरा अमेरिकी हमला है, जिससे नई दिल्ली के गलियारों में भारी नाराजगी है।
‘जहाज ने निर्देशों का पालन नहीं किया’— अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) की सफाई
इस सनसनीखेज मिसाइल हमले की पुष्टि खुद अमेरिकी सैन्य मुख्यालय सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक आधिकारिक पोस्ट के जरिए की है।
अमेरिका ने इस हिंसक कार्रवाई के पीछे निम्नलिखित तर्क दिए हैं:
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ईरानी तेल का परिवहन: अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, गिनी-बिसाऊ के झंडे वाले मालवाहक जहाज M/T जलवीर खाड़ी-ए-ओमान के प्रतिबंधित जलमार्ग के जरिए ईरान से अवैध रूप से कच्चा तेल ले जाने की कोशिश कर रहा था।
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चेतावनी की अनदेखी: अमेरिकी नौसेना और वायुसेना के विमानों ने जहाज को रोकने के लिए बार-बार रेडियो निर्देश जारी किए।
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सीधे इंजन रूम पर हमला: अमेरिकी सेना के निर्देशों का बार-बार उल्लंघन करने पर, एक अमेरिकी लड़ाकू विमान (Aircraft) ने आगे बढ़कर जहाज के इंजन रूम (Engine Room) को निशाना बनाते हुए दो हेलफायर मिसाइलें दाग दीं, जिससे जहाज में भीषण आग लग गई।
एक हफ्ते में 3 हमले: क्या समुद्र में भारतीय नाविक असुरक्षित हैं?
पिछले एक हफ्ते के भीतर खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी मिसाइलों का शिकार हुए भारतीय क्रू वाले जहाजों की खौफनाक टाइमलाइन कुछ इस प्रकार है:
1. सोमवार: MT मारिवेक्स (MT Marivex) पर हमला
सप्ताह की शुरुआत में ही 24 भारतीय नाविकों से लदे इस व्यापारिक जहाज पर अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने बमबारी की थी। हमले के बाद जहाज में भीषण आग लग गई थी, जिससे भारतीय क्रू की जान पर बन आई थी।
2. बुधवार: सेटेबेलो (Settebello) पर मिसाइल अटैक
ओमान तट के पास ही बुधवार को पलाऊ के झंडे वाले तेल टैंकर ‘सेटेबेलो’ के इंजन रूम को अमेरिकी मिसाइल ने उड़ा दिया था। इस दुखद घटना में 21 भारतीय नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया था, लेकिन लापता हुए 3 भारतीय नाविकों की दर्दनाक मौत हो चुकी है।
3. गुरुवार: MT जलवीर (MT Jalveer) पर हेलफायर का कहर
गिनी-बिसाऊ के झंडे वाले इस तीसरे जहाज पर कल दो हेलफायर मिसाइलें बरसाई गईं। इस जहाज पर 20 क्रू मेंबर्स सवार थे, जिनमें से अब तक केवल 5 को ही जिंदा बचाया जा सका है, जबकि बाकी नाविकों की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
‘बहुत हुआ, अब तुरंत रोकें हमले’— अमेरिका पर लगातार दूसरे दिन दहाड़ा भारत
भारतीय नाविकों की सुरक्षा को ताक पर रखकर अमेरिका द्वारा की जा रही इस क्रूर सैन्य कार्रवाई पर भारत सरकार का रुख बेहद सख्त और आक्रामक हो गया है।
भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) का कड़ा बयान: विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को अमेरिका की इस सैन्य गुस्ताखी की कड़े शब्दों में भर्त्सना (निंदा) की है। भारत ने इन लगातार हो रहे हमलों को “बेहद चिंताजनक और अस्वीकार्य” करार देते हुए अमेरिका से मांग की है कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में बेकसूर कमर्शियल जहाजों और भारतीय नाविकों को निशाना बनाने वाले ये आत्मघाती हमले तत्काल प्रभाव से रोके जाएं।
राजनयिक कार्रवाई (डिमार्श जारी): सूत्रों के अनुसार, बीच समंदर अमेरिकी सेना की इस दुस्साहसिक ‘हिमाकत’ पर भारत सरकार आगबबूला है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने नई दिल्ली में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत और राजदूत को तत्काल तलब (Summon) किया है और उनके हाथों में एक कड़ा राजनयिक विरोध पत्र (डिमार्श – Demarche) थमाया है।
ईरान नाकेबंदी के नाम पर बेकसूरों की हत्या
अंतरराष्ट्रीय सामरिक विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका अपनी ‘ईरान आर्थिक और सैन्य नाकेबंदी’ को जबरन लागू करने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों की धज्जियां उड़ा रहा है। जहां एक तरफ अमेरिका ईरान की मुख्य भूमि पर बमबारी कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ वैश्विक व्यापारिक रूट में मिसाइलें दागकर वह वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और निर्दोष समुद्री कर्मियों (Seafarers) के लिए यमराज बन चुका है। भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपने नागरिकों की सुरक्षा के मामले में किसी भी महाशक्ति के आगे झुकने वाला नहीं है।
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