अमेरिका से कॉरपोरेट धोखाधड़ी, ब्लैकमेलिंग और क्राइम थ्रिलर फिल्म जैसी एक बेहद सनसनीखेज खबर सामने आई है। अमेरिका में रहने वाले भारतीय मूल के एक बड़े फाइनेंसर और बिजनेसमैन को एक अमेरिकी बैंक के साथ करीब 100 मिलियन डॉलर (लगभग 954.2 करोड़ रुपये) के महाघोटाले और वित्तीय धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
इस आरोपी का नाम महेंद्र मखीजानी (44 वर्ष) है। मखीजानी पर न केवल बैंक से जालसाजी करने का आरोप है, बल्कि बैंक के बड़े अधिकारियों और अपने कर्मचारियों को सीक्रेट ‘सेक्स और ड्रग्स पार्टियों’ में फंसाकर उन्हें ब्लैकमेल करने तथा हथियारबंद गुंडों के दम पर करोड़ों की संपत्तियों पर कब्जा करने के भी खौफनाक आरोप लगे हैं। अमेरिकी संघीय कानून के मुताबिक, यदि इस मामले में मखीजानी दोषी साबित होता है, तो उसे 30 साल तक की जेल की सजा भुगतनी पड़ सकती है।
कैसे किया 954 करोड़ रुपये का यह महाघोटाला?
अमेरिकी जांच एजेंसी यूएस इंटरनल रेवेन्यू सर्विस (IRS) की चार्जशीट के अनुसार, महेंद्र मखीजानी कैलिफोर्निया के न्यूपोर्ट बीच स्थित ‘कैंटर ग्रुप V LLC’ (Canter Group V LLC) नाम की एक बड़ी रियल एस्टेट और फाइनेंस कंपनी चलाता है।
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लोन का खेल: एक अमेरिकी बैंक ने रियल एस्टेट सेक्टर से जुड़े लोन खरीदने और जारी करने के लिए मखीजानी की कंपनी ‘कैंटर ग्रुप’ को 100 मिलियन डॉलर का भारी-भरकम फंड (एडवांस) दिया था। नियम के मुताबिक, इस लोन से होने वाली कमाई के जरिए यह रकम वापस बैंक को लौटाई जानी थी।
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शेल कंपनियों का जाल: मखीजानी ने बैंक को चूना लगाने के लिए कई फर्जी (शेल) कंपनियों का एक बड़ा नेटवर्क तैयार किया और टाइटल इंश्योरेंस (संपत्ति बीमा) पॉलिसी के आधिकारिक रिकॉर्ड में भारी हेराफेरी की।
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फर्जी दस्तावेज: सितंबर 2024 से अप्रैल 2025 के बीच मखीजानी ने दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा कर बैंक को यह झूठा भरोसा दिलाया कि गिरवी रखी गई कीमती संपत्तियों पर पहला कानूनी अधिकार उसी की कंपनी का है। उसने अपने स्टाफ के जरिए ये फर्जी बीमा पॉलिसियां बैंक में जमा करवा दीं और टेलीकॉन्फ्रेंसिंग बैठकों में लगातार बैंक को अंधेरे में रखा।
अधिकारियों को जाल में फंसाने के लिए ‘सेक्स और ड्रग्स पार्टियां’
अदालत में पेश किए गए दस्तावेजों में मखीजानी की कार्यशैली को लेकर एक बेहद घिनौना और हैरान कर देने वाला खुलासा हुआ है। मखीजानी बेहद शातिर तरीके से अपने प्रभाव का इस्तेमाल करता था:
अदालती दस्तावेजों का खुलासा: “महेंद्र मखीजानी आलीशान ठिकानों पर बेहद गुप्त और निजी (सीक्रेट प्राइवेट) पार्टियों का आयोजन करता था। इन हाई-प्रोफाइल पार्टियों में भारी मात्रा में प्रतिबंधित ड्रग्स और विदेशी सेक्स वर्कर्स (Sex Workers) बुलाई जाती थीं। जांच में सामने आया है कि बैंक के कुछ अधिकारी और कर्मचारी भी इन पार्टियों का हिस्सा बने थे।”
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ब्लैकमेलिंग का हथियार: मखीजानी इन सीक्रेट पार्टियों में शामिल होने वाले बैंक कर्मियों और अपने स्टाफ की आपत्तिजनक जानकारियों व वीडियो को अपने पास रिकॉर्ड कर लेता था। बाद में वह इन जानकारियों का इस्तेमाल बैंक अधिकारियों को ब्लैकमेल करने, मनमुताबिक लोन पास कराने और अपनी कंपनी के कर्मचारियों पर खौफ का दबदबा बनाए रखने के लिए करता था।
विरोधियों को जान से मारने की धमकी और हथियारबंद गुंडों से कब्जा
मखीजानी का खौफ सिर्फ दफ्तर तक सीमित नहीं था। उसने अपने खिलाफ आवाज उठाने वाले कर्मचारियों और व्यापारिक प्रतिद्वंद्वियों को डराने के लिए पेशेवर अपराधियों और गुंडों की एक फौज पाल रखी थी।
दस्तावेजों के मुताबिक, वह अपने स्टाफ को धमकी देता था कि यदि किसी ने मुंह खोला तो वह उन्हें “जान से मार देगा”, उनके “परिवार को बर्बाद कर सड़क पर ला देगा” और उनके “बच्चों को सरकारी मदद (वेलफेयर) पर जीने के लिए मजबूर” कर देगा। यही नहीं, उसने दक्षिणी कैलिफोर्निया के एक बेहद पॉश इलाके में स्थित एक आलीशान होटल और रेस्तरां पर अवैध रूप से कब्जा करने के लिए अपने हथियारबंद बाउंसरों और गुंडों को भेजा था।
बिजनेस प्रतिद्वंद्वी को लगाया 12 हजार करोड़ से ज्यादा का फटका
मखीजानी की इस धोखाधड़ी का शिकार अमेरिका के कई अन्य बड़े बिजनेसमैन भी हुए हैं। पिछले महीने ही कोर्ट के एक मध्यस्थ (Arbitrator) ने मखीजानी को लगुना बीच के प्रसिद्ध बिजनेसमैन मोहम्मद होनारकर के साथ हुए एक रियल एस्टेट विवाद में दोषी पाया था। कोर्ट ने मखीजानी पर प्रतिद्वंद्वी को नुकसान पहुंचाने के एवज में 1.3 बिलियन डॉलर (लगभग 12,391.6 करोड़ रुपये) का ऐतिहासिक जुर्माना (हर्जाना) ठोकने का आदेश दिया था।
भारत में हुआ जन्म, ग्रीन कार्ड पर ऐश कर रहा था आरोपी
अमेरिकी जांच अधिकारियों के मुताबिक, कैलिफोर्निया के कोरोना डेल मार स्थित एक बेहद आलीशान हवेली में रहने वाला महेंद्र मखीजानी मूल रूप से भारत में पैदा हुआ था और वर्तमान में वह अमेरिका में ग्रीन कार्ड (स्थायी निवासी) पर रह रहा था। बुधवार सुबह अमेरिकी जांच एजेंसियों और आईआरएस (IRS) के अधिकारियों ने घेराबंदी कर उसे उसकी हवेली से गिरफ्तार कर लिया। आईआरएस अधिकारियों का कहना है कि मखीजानी ने अपने निजी लालच के लिए अमेरिकी वित्तीय और बैंकिंग प्रणाली का गंभीर दुरुपयोग किया है, जिसके लिए उसे अमेरिकी कानून के तहत सख्त से सख्त सजा दिलाई जाएगी।
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