मुल्लांपुर (चंडीगढ़)। भारत और अफगानिस्तान के बीच खेले गए एकमात्र ऐतिहासिक टेस्ट मैच में टीम इंडिया ने एक पारी और 300 रनों की विशाल जीत दर्ज की। इस महाविजय के मुख्य सूत्रधार रहे भारत के 23 वर्षीय बाएं हाथ के युवा स्पिनर मानव सुथार। अपने पहले ही अंतरराष्ट्रीय मैच में अफगानिस्तान के बल्लेबाजी क्रम की रीढ़ तोड़ने वाले सुथार को उनके शानदार प्रदर्शन (कुल 7 विकेट) के लिए ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ (POTM) चुना गया।
इस ऐतिहासिक सफलता और शानदार डेब्यू के बाद युवा ऑलराउंडर मानव सुथार ने चैन की सांस ली है। मैच के बाद भावुक होते हुए सुथार ने अपने दिल की बात साझा की और बताया कि टेस्ट क्रिकेट की दुनिया में सफलता हासिल करने के लिए कौन से दो मंत्र सबसे ज्यादा जरूरी हैं।
टेस्ट क्रिकेट धैर्य और निरंतरता की असली परीक्षा है: मानव सुथार
मैच समाप्ति के बाद आयोजित पुरस्कार समारोह में बात करते हुए मानव सुथार ने टेस्ट क्रिकेट से मिले सबसे बड़े सबक को साझा किया। उन्होंने कहा:
“इस मैच से मैंने सबसे महत्वपूर्ण सबक यह सीखा है कि टेस्ट क्रिकेट में निरंतरता (Consistency) ही सब कुछ है। आपको विकेट लेने के लिए बार-बार एक ही सटीक क्षेत्र में गेंदबाजी करनी होती है। मुझे लगता है कि टेस्ट क्रिकेट में यही सबसे महत्वपूर्ण बात है। यह एक ऐसा प्रारूप है जिसमें खिलाड़ी के धैर्य की कड़ी परीक्षा होती है।”
युवा गेंदबाज ने आगे कहा कि उन्होंने मैच के दौरान बस यही कोशिश की कि वे धैर्य न खोएं, अपनी बनाई गई रणनीतियों पर कायम रहें और लगातार सही लाइन व लेंथ पर गेंदबाजी करके बल्लेबाजों पर दबाव बनाते रहें।
‘भारत के लिए टेस्ट खेलना मेरा बचपन का सपना था’
देश के लिए सफेद जर्सी में खेलने के गौरव पर बात करते हुए सुथार ने कहा कि टेस्ट क्रिकेट में भारत का प्रतिनिधित्व करना उनके लिए किसी जादुई एहसास जैसा है। उन्होंने अपने जज्बात बयां करते हुए कहा, “यह मेरे लिए एक अविश्वसनीय और कभी न भूलने वाला अनुभव था। भारत के लिए और खासकर टेस्ट क्रिकेट खेलने का सपना मैंने बचपन से संजोया था। जब मुझे कैप मिली और मैं मैदान पर उतरा, तो वह पल मेरे लिए बेहद खास और किसी सपने के सच होने जैसा था।”
बल्लेबाजी ने खोली पिच की पोल, ऐसे बनाई रणनीति
मानव सुथार ने मैच में केवल गेंद से ही नहीं, बल्कि पहली पारी में बल्ले से भी शानदार 28 रन बनाए थे। उन्होंने बताया कि गेंदबाजी करने से पहले मैदान पर बल्लेबाजी करने का उन्हें बहुत बड़ा फायदा मिला।
सुथार के अनुसार, “जब मैं पहली पारी में बल्लेबाजी करने क्रीज पर गया, तो मुझे पिच पर काफी सहज महसूस हुआ। कुछ गेंदें खेलने के बाद ही मुझे इस बात का अंदाजा हो गया था कि इस मुल्लनपुर की पिच पर स्पिन गेंदबाजों के लिए थोड़ी बहुत मदद जरूर मौजूद है। इसलिए जब कप्तान ने मुझे गेंद सौंपी और मैं अपना पहला ओवर डालने आया, तो मेरा पूरा फोकस केवल सही लाइन, सटीक लेंथ और गेंद की गति (Speed) में बदलाव करने पर रहा, जिससे मुझे सफलता मिली।”
टीम इंडिया की टेस्ट इतिहास की सबसे बड़ी जीत
गौरतलब है कि भारत ने अपनी पहली पारी 8 विकेट पर 564 रन बनाकर घोषित की थी। जवाब में मानव सुथार के 6 विकेटों (33 रन देकर) की बदौलत अफगानिस्तान की पहली पारी महज 152 रनों पर सिमट गई। इसके बाद फॉलोऑन खेलने उतरी अफगानी टीम दूसरी पारी में भी भारतीय स्पिन आक्रमण के सामने टिक नहीं सकी और 112 रनों पर ढेर हो गई। भारत ने अफगानिस्तान को हराकर टेस्ट इतिहास में पारी के अंतर से अपनी सबसे बड़ी जीत दर्ज की है।
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