पंजाब के अमृतसर से इस वक्त की एक बहुत बड़ी और बेहद संवेदनशील खबर सामने आ रही है. 6 जून को होने वाली ‘ऑपरेशन ब्लू स्टार’ की बरसी से ठीक पहले देश विरोधी ताकतों और आतंकवादियों ने अमृतसर को बम धमाकों से दहलाने की खुली धमकी दी है. एक खौफनाक धमकी भरा ई-मेल मिलने के बाद देश की तमाम सुरक्षा एजेंसियां और पंजाब पुलिस पूरी तरह से हाई अलर्ट मोड पर आ गई हैं. अमृतसर के चप्पे-चप्पे पर भारी सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया है ताकि किसी भी नापाक साजिश को वक्त रहते कुचला जा सके.
दहलाने का पूरा प्लान: ईमेल में क्या-क्या दी गई हैं धमकियां?
सुरक्षा एजेंसियों के होश उड़ाने वाले इस धमकी भरे ई-मेल में तबाही का पूरा खाका खींचा गया है. ई-मेल के जरिए यह चेतावनी दी गई है कि 3 से 5 जून के दौरान अमृतसर के नगर निगम कार्यालयों, मेयर दफ्तरों और जिला अदालतों (कचहरी) को निशाना बनाकर सिलसिलेवार विस्फोट किए जाएंगे.
इतना ही नहीं, इस आतंकी धमकी में सबसे खतरनाक बात 6 जून के दिन को लेकर कही गई है. धमकी में दावा किया गया है कि 6 जून को अमृतसर के रेलवे स्टेशनों और रेलवे पटरियों पर बड़े पैमाने पर बम और हैंड ग्रेनेड से हमला किया जाएगा. ईमेल भेजने वालों ने आम जनता को साफ तौर पर हिदायत दी है कि वे इन दिनों रेल यात्रा करने से पूरी तरह परहेज करें.
अमृतसर पहुंचा पुलिस का टॉप कमांडर: ‘स्पेशल ग्रिड’ से अभेद्य हुई सुरक्षा
धमकी की गंभीरता को देखते हुए बुधवार को पंजाब पुलिस के विशेष डीजीपी (Special DGP) प्रवीण सिन्हा खुद हालात का जायजा लेने अमृतसर पहुंचे. उन्होंने अमृतसर पहुंचकर तमाम केंद्रीय और प्रांतीय सुरक्षा एजेंसियों के आला अधिकारियों के साथ एक बेहद गुप्त और उच्च स्तरीय बैठक की, जिसमें सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई.
विशेष डीजीपी प्रवीण सिन्हा ने बताया कि पंजाब पुलिस ने इस बार भी किसी भी चुनौती से निपटने के लिए एक बेहद व्यापक और ‘मल्टी-लेयर’ (बहुस्तरीय) सुरक्षा चक्र तैयार किया है. पूरे अमृतसर और उसके आसपास के इलाकों को एक विशेष सुरक्षा ग्रिड में तब्दील कर दिया गया है, ताकि हर छोटी से छोटी गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा सके.
छावनी में बदला अमृतसर: पैरामिलिट्री की 11 कंपनियां और 2000 जवान तैनात
अमृतसर की संवेदनशीलता को देखते हुए जमीन पर फोर्स की भारी तैनाती की गई है. सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए पंजाब पुलिस के साथ-साथ केंद्रीय रिजर्व बलों को भी मैदान में उतारा गया है:
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11 कंपनियां: सीमा सुरक्षा बल (BSF), रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और अन्य अर्धसैनिक बलों की कुल 11 कंपनियां अमृतसर और पड़ोसी जिलों में मोर्चा संभाल चुकी हैं.
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2000+ पुलिसकर्मी: अकेले अमृतसर शहर की आंतरिक सुरक्षा के लिए 2,000 से अधिक अतिरिक्त पुलिस जवानों को सड़कों पर उतारा गया है.
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नाकाबंदी और चेकिंग: शहर में प्रवेश करने वाले हर छोटे-बड़े मार्ग पर मजबूत बैरिकेडिंग की गई है और संदिग्ध वाहनों की सघन तलाशी ली जा रही है.
हालांकि, प्रशासन ने यह भी साफ किया है कि सुरक्षा के इन कड़े इंतजामों के बीच स्वर्ण मंदिर (गोल्डन टेंपल) आने वाले श्रद्धालुओं और आम नागरिकों की सुविधा का पूरा ख्याल रखा जा रहा है ताकि किसी भी धार्मिक या राजनीतिक कार्यक्रम में कोई बाधा न आए.
अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास होने से खतरा, 6 जून तक लगातार फ्लैग मार्च
स्पेशल डीजीपी प्रवीण सिन्हा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अमृतसर की भौगोलिक स्थिति अंतरराष्ट्रीय सीमा (Border) के बेहद करीब होने के कारण यह इलाका सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील है. सीमा पार बैठी देश विरोधी ताकतें और कुछ असामाजिक तत्व पंजाब के शांत माहौल को बिगाड़ने और सांप्रदायिक सौहार्द को ठेस पहुंचाने की फिराक में हैं, लेकिन सुरक्षा बल उनके मंसूबों को कामयाब नहीं होने देंगे.
इस खौफ को दूर करने और जनता में विश्वास पैदा करने के लिए अमृतसर पुलिस के जवान शहर के प्रमुख बाजारों, संवेदनशील गलियों, पुराने शहर के इलाकों और गोल्डन टेंपल के चारों तरफ लगातार फ्लैग मार्च निकाल रहे हैं. अधिकारियों के मुताबिक, यह फ्लैग मार्च 6 जून तक चौबीसों घंटे जारी रहेगा. इसके साथ ही डिजिटल वॉर रूम से पूरे शहर के सीसीटीवी कैमरों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी चौबीसी घंटे पैनी नजर रखी जा रही है ताकि अफवाह फैलाने वालों पर तुरंत नकेल कसी जा सके.
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