ज्योतिष शास्त्र में शनि और सूर्य की चाल में होने वाले बदलावों को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। साल 2027 में शनि देव का मंगल की राशि मेष में गोचर होने जा रहा है, जो अपने आप में एक युगांतकारी घटना है। लेकिन अगले साल अगस्त का महीना विशेष रूप से खगोलीय और ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद संवेदनशील रहने वाला है। द्रिक पंचांग के अनुसार, अगस्त 2027 में शनि देव अपनी चाल बदलते हुए पूरे 137 दिनों के लिए वक्री (उल्टी चाल) होने जा रहे हैं, जो 24 दिसंबर तक इसी अवस्था में रहेंगे। इसी के साथ, 2 अगस्त 2027 को एक बेहद लंबा और प्रभावशाली सूर्य ग्रहण भी लगने जा रहा है। शनि की उल्टी चाल और इस महा सूर्य ग्रहण का संयुक्त प्रभाव सभी 12 राशियों पर पड़ेगा, लेकिन 3 मुख्य राशियां ऐसी हैं जिनके जीवन में इसके कारण बहुत बड़े और निर्णायक बदलाव देखने को मिलेंगे।
मेष राशि: बढ़ेगी मानसिक झुंझलाहट और तनाव, फूंक-फूंक कर रखना होगा कदम
चूंकि शनि देव अगले साल मंगल की राशि मेष में ही प्रवेश कर रहे हैं, इसलिए इस राशि के जातकों पर कर्म, अनुशासन और प्रशासन का सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिलेगा। अगस्त में शनि की वक्री चाल और सूर्य ग्रहण के प्रभाव से आपके स्वभाव में अचानक झुंझलाहट और मानसिक तनाव बढ़ सकता है। मंगल के प्रभाव के कारण आप कार्यक्षेत्र या निजी जीवन में कुछ बेहद बोल्ड और आक्रामक कदम उठा सकते हैं, लेकिन याद रखें कि इस दौरान आपके हर ‘एक्शन का रिएक्शन’ तुरंत होगा। आपके द्वारा लिए गए गलत फैसले बड़ी मुसीबत खड़ी कर सकते हैं, इसलिए कोई भी निर्णय बेहद शांत दिमाग से लें। वैश्विक स्तर पर भी इस युति के कारण युद्ध जैसी स्थितियां बनने के संकेत हैं।
सिंह राशि: करियर और फैसलों में बरतनी होगी भारी सतर्कता, सेहत का रखें खास ख्याल
सूर्य ग्रहण और शनि की उल्टी चाल के कारण सिंह राशि के जातकों के लिए अगस्त 2027 के बाद का समय थोड़ा परेशानी और चुनौतियों से भरा रह सकता है। इस अवधि में आपको अपने करियर, बिजनेस या निवेश से जुड़ा कोई भी बड़ा फैसला लेते समय अत्यधिक सावधानी बरतने की जरूरत होगी। आपकी एक छोटी सी लापरवाही आर्थिक नुकसान की वजह बन सकती है। इसके साथ ही, इस गोचर काल में आपको अपनी सेहत को लेकर बिल्कुल भी लापरवाही नहीं बरतनी है। नियमित रूप से डॉक्टर की सलाह लें और खानपान पर नियंत्रण रखें। हालांकि, यदि आप हर कदम पूरी सतर्कता और योजना के साथ उठाएंगे, तो परिस्थितियों में धीरे-धीरे सुधार भी देखने को मिलेगा।
कुंभ राशि: सूर्य ग्रहण और वक्री शनि का डबल अटैक, लेकिन साढ़ेसाती उतरने से मिलेगी बड़ी राहत
कुंभ राशि के जातकों के लिए यह समय मिले-जुले और दूरगामी परिणाम लेकर आने वाला है। एक तरफ जहां सूर्य ग्रहण और शनि की वक्री चाल आपके जीवन में कुछ उतार-चढ़ाव और अस्थायी मुश्किलें पैदा कर सकती हैं, वहीं दूसरी तरफ आपके लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी भी है। इस अवधि के आसपास कुंभ राशि वालों पर चल रही शनि की साढ़ेसाती का अंतिम दौर समाप्त होने की दिशा में आगे बढ़ेगा। जैसे ही शनि की साढ़ेसाती उतरेगी, आपको पुरानी तमाम परेशानियों, कर्ज और मानसिक तनाव से बड़ी राहत मिलेगी। जीवन में तरक्की के नए रास्ते खुलेंगे और भाग्य का भरपूर साथ मिलने लगेगा।
सूर्य ग्रहण के दुष्प्रभाव से बचने के लिए क्या कहते हैं शास्त्र
ज्योतिषियों के अनुसार, 2 अगस्त 2027 को लगने वाला सूर्य ग्रहण काफी लंबा होने के कारण इसका प्रभाव राशियों पर कम से कम तीन महीनों तक बना रह सकता है। भारत में इसका धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व बहुत ज्यादा होगा और इसका सूतक काल भी मान्य रहेगा। ग्रहण के नकारात्मक प्रभाव या इसके ‘भार’ से बचने के लिए शास्त्रों और पुराणों में दान का विशेष महत्व बताया गया है। ग्रहण की समाप्ति के बाद जरूरतमंदों को अपनी क्षमता के अनुसार अनाज, वस्त्र या काले तिल का दान अवश्य करें, ताकि ग्रहों के अशुभ प्रभाव को कम किया जा सके।
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