तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद काकोली घोष दस्तीदार द्वारा पार्टी के ही सांसद कल्याण बनर्जी पर लगाए गए अपमानजनक व्यवहार के आरोपों पर अभी तक लोकसभा अध्यक्ष के कार्यालय से कोई औपचारिक कार्रवाई नहीं हुई है। सूत्रों के अनुसार, यह शिकायत वर्तमान में लोकसभा महासचिव के पास लंबित है और सोमवार (1 जून) को इसे उचित कार्रवाई के लिए हाउस कमेटी (विशेष अधिकार समिति) के पास भेजे जाने की संभावना है।
शिकायत का सार:
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गंभीर आरोप: बारासात से सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर कल्याण बनर्जी पर संसद के भीतर बार-बार अपशब्द कहने और महिला सांसदों के प्रति अपमानजनक व्यवहार करने का आरोप लगाया है।
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दंडात्मक कार्रवाई की मांग: काकोली ने पत्र में इस ‘महिला विरोधी व्यवहार’ को गंभीर बताते हुए उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की अनुमति मांगी है।
पार्टी के भीतर बढ़ती तनातनी:
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब तृणमूल कांग्रेस विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद गहरे आंतरिक कलह से गुजर रही है:
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संगठनात्मक इस्तीफे: काकोली घोष दस्तीदार ने हाल ही में पार्टी के सभी संगठनात्मक पदों से इस्तीफा दे दिया है।
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विवादास्पद मुद्दे: उन्होंने सार्वजनिक रूप से भ्रष्टाचार, आरजी कर दुष्कर्म-हत्या कांड और पार्टी में चुनावी रणनीतिकार संस्था ‘आई-पैक’ (I-PAC) के बढ़ते प्रभाव पर सवाल खड़े किए हैं।
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पार्टी की प्रतिक्रिया: हालांकि तृणमूल नेतृत्व ने सार्वजनिक रूप से पार्टी के ‘एकजुट’ होने का दावा किया है, लेकिन महुआ मोइत्रा, कीर्ति आजाद और कल्याण बनर्जी जैसे वरिष्ठ नेताओं के बीच सार्वजनिक मतभेद पार्टी की कमजोर होती पकड़ को दर्शाते हैं।
कल्याण बनर्जी का विवादों से पुराना नाता:
श्रीरामपुर से चार बार के सांसद कल्याण बनर्जी अपने तीखे बयानों और पार्टी सहयोगियों के साथ टकराव के लिए पहले भी चर्चा में रहे हैं। काकोली घोष दस्तीदार के इस कदम को TMC में नेतृत्व के खिलाफ उठती आवाजों के रूप में देखा जा रहा है।
अब सबकी निगाहें सोमवार (1 जून) पर टिकी हैं, जब यह मामला हाउस कमेटी के पास भेजा जा सकता है। यह घटनाक्रम न केवल संसदीय गरिमा का विषय है, बल्कि यह पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टी के भीतर की बढ़ती दरारों को भी उजागर करता है।
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