कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में आए ऐतिहासिक बदलाव का असर अब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के शीर्ष नेतृत्व की सुविधाओं और सुरक्षा पर दिखने लगा है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे और टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी को बड़ा झटका देते हुए उनके दक्षिण कोलकाता स्थित आवास ‘शांति निकेतन’ के बाहर से अतिरिक्त सुरक्षा बलों को हटा लिया गया है। इस घटनाक्रम से उनके पड़ोसी और स्थानीय निवासी काफी खुश नजर आ रहे हैं।
350 पुलिसकर्मियों का पहरा हुआ कम
अभिषेक बनर्जी के घर के बाहर आमतौर पर भारी पुलिस बल तैनात रहता था। स्थानीय निवासियों के मुताबिक, चुनाव से पहले तक वहां करीब 300 से 350 पुलिसकर्मी तैनात रहते थे, जिसके कारण आम जनता का उस रास्ते से गुजरना भी मुश्किल हो जाता था।
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सुरक्षा उपकरणों की वापसी: सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और खबरों के मुताबिक, अभिषेक बनर्जी के घर के बाहर लगी सुरक्षा जांच मशीनें और बैरिकेड्स हटाए जा रहे हैं।
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आम जनता को राहत: स्थानीय निवासी सौरव बनर्जी ने बताया, “पहले यहां का माहौल बहुत तनावपूर्ण रहता था। अब स्थिति शांत है और हम सड़कों पर आसानी से चल सकते हैं। अभिषेक बनर्जी ने इस इलाके के लिए कुछ नहीं किया, बल्कि उनके लोग धमकाते थे। अब हम बहुत सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।”
चुनाव आयोग के कड़े निर्देश और हिंसा की खबरें
बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद छिटपुट हिंसा की खबरें भी सामने आ रही हैं। आसनसोल में टीएमसी कार्यालय में तोड़फोड़ की घटना के बाद चुनाव आयोग ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि किसी भी कीमत पर चुनाव बाद हिंसा (Post-poll violence) को रोका जाए। टीएमसी ने इन हमलों का आरोप भाजपा पर लगाया है।
बंगाल में भाजपा की प्रचंड जीत
बता दें कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में ममता बनर्जी के 15 साल के शासन का अंत हो गया है। 294 सीटों वाली विधानसभा में भाजपा ने 207 सीटें जीतकर पूर्ण बहुमत हासिल किया है। इस चुनाव की सबसे बड़ी हार खुद ममता बनर्जी की रही, जिन्हें भवानीपुर सीट पर शुभेंदु अधिकारी ने करीब 15 हजार वोटों से शिकस्त दी।
अभिषेक बनर्जी, जिन्हें टीएमसी में ममता का उत्तराधिकारी माना जाता है, के लिए सुरक्षा में यह कटौती न केवल प्रशासनिक बदलाव है, बल्कि राज्य में सत्ता के केंद्र के खिसकने का एक बड़ा संकेत भी है।
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