योगी सरकार का Gen-Z और प्रतियोगी युवाओं को बड़ा तोहफा: साढ़े 3 महीने में 1 लाख से अधिक सरकारी पदों पर होगी बंपर भर्ती

उत्तर प्रदेश के लाखों प्रतियोगी छात्रों और युवा वर्ग (Gen-Z) के लिए रोजगार के मोर्चे पर अब तक की सबसे बड़ी और बहुप्रतीक्षित खुशखबरी सामने आई है। प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य के विभिन्न विभागों में रिक्त पड़े पदों को तेजी से भरने के लिए साढ़े तीन महीने (लगभग 100 से 110 दिन) का एक सख्त, समयबद्ध और मिशन-मोड एक्शन प्लान तैयार किया है। इस महाअभियान के तहत 1 लाख से अधिक सरकारी पदों पर पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से चयन पूरा कर अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया गया है। शासन स्तर से सभी भर्ती आयोगों, चयन बोर्डों और विभागीय प्रमुखों को स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि रिक्तियों के अधियाचन (Requisition) भेजने से लेकर परीक्षा परिणाम जारी करने और अंतिम कार्यभार ग्रहण कराने तक की समय-सीमा का कड़ाई से पालन किया जाए।

साढ़े 3 महीने का मिशन रोजगार: 1 लाख सरकारी पदों पर पारदर्शी चयन का महाअभियान

मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में दो-टूक कहा है कि युवाओं की ऊर्जा और योग्यता का सही उपयोग प्रदेश के समग्र विकास की सबसे पहली प्राथमिकता है। साढ़े तीन महीने के इस विशेष भर्ती अभियान को अमलीजामा पहनाने के लिए मुख्य सचिव स्तर से एक निगरानी सेल का गठन किया गया है, जो हर हफ्ते आयोगों की प्रगति रिपोर्ट का मूल्यांकन करेगा।

इस वृहद भर्ती अभियान की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें भर्ती प्रक्रियाओं को पारंपरिक फाइलों के चक्रव्यूह से निकालकर पूरी तरह डिजिटल और समयबद्ध बनाया गया है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC), उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB), उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) और उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) को एक साझा कैलेंडर के तहत अपनी-अपनी परीक्षाओं के आयोजन और रिजल्ट घोषित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसका सीधा उद्देश्य यह है कि किसी भी चरण में परीक्षाओं की तारीखें आपस में न टकराएं और अभ्यर्थियों को अपनी तैयारी का शत-प्रतिशत परिणाम मिल सके।

पुलिस, स्वास्थ्य, शिक्षा और राजस्व विभाग में खाली पदों पर भर्तियों की पूरी रूपरेखा

प्रदेश भर के अलग-अलग विभागों से प्राप्त प्राथमिक आंकड़ों के अनुसार, यह 1 लाख भर्तियां तकनीकी, गैर-तकनीकी, प्रशासनिक, सुरक्षा और शैक्षणिक संवर्गों में बंटी हुई हैं। सबसे बड़ा हिस्सा उन विभागों से आ रहा है जो सीधे तौर पर जनसेवा और आंतरिक सुरक्षा से जुड़े हैं:

  • उत्तर प्रदेश पुलिस एवं सुरक्षा बल: यूपी पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के माध्यम से सिविल पुलिस आरक्षी (कांस्टेबल), उपनिरीक्षक (SI), पीएसी (PAC), महिला बटालियन, जेल वार्डर, फायरमैन और यूपी विशेष सुरक्षा बल (UPSSF) के रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया को निर्णायक मुकाम तक पहुंचाया जाएगा। इसमें शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) और दस्तावेज सत्यापन के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जा रहा है।

  • स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग: प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों, जिला अस्पतालों और प्राथमिक/सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में स्टाफ नर्स, एएनएम (ANM), फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन, एक्स-रे टेक्नीशियन और विशेषज्ञों के हजारों पदों को भरने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है ताकि ग्रामीण व शहरी स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ किया जा सके।

  • बेसिक, माध्यमिक व उच्च शिक्षा विभाग: नवगठित उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के माध्यम से सहायता प्राप्त अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों में टीजीटी-पीजीटी (TGT/PGT), परिषदीय प्राथमिक व जूनियर विद्यालयों में सहायक अध्यापक और डिग्री कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर के खाली पदों पर लंबित परीक्षाओं और नए विज्ञापनों को गति दी जा रही है।

  • राजस्व एवं ग्राम्य विकास: यूपी अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) के माध्यम से राजस्व लेखपाल, ग्राम पंचायत अधिकारी (VDO), ग्राम विकास अधिकारी, कनिष्ठ सहायक (Junior Assistant), तकनीकी सहायक और कृषि सेवा से जुड़े पदों पर प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET) के स्कोर कार्ड के आधार पर मुख्य परीक्षाओं का आयोजन किया जाएगा।

  • ऊर्जा, परिवहन और नगर विकास विभाग: उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन (UPPCL) में तकनीशियन व लाइनमैन, राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) में चालक व परिचालक तथा नगर निकायों में अधिशासी अधिकारी और स्वच्छता निरीक्षकों के पदों पर भी प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

पेपर लीक मुक्त और सख्त परीक्षा प्रणाली: पारदर्शी चयन प्रक्रिया के लिए नए कड़े नियम

भर्ती प्रक्रिया की शुचिता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए सरकार ने परीक्षा प्रणाली में ऐतिहासिक बदलाव लागू किए हैं। उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) कानून के तहत परीक्षा में सेंधमारी करने वाले सॉल्वर गैंग, पेपर लीक माफिया और नकल कराने वाले कोचिंग संस्थानों के खिलाफ कठोरतम प्रावधान किए गए हैं, जिसमें आजीवन कारावास और 1 करोड़ रुपये तक के जुर्माने के साथ संपत्तियों की जब्ती शामिल है।

चयन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और फुलप्रूफ बनाने के लिए निम्नलिखित तकनीकी प्रोटोकॉल अनिवार्य कर दिए गए हैं:

  • मल्टी-लेयर बायोमेट्रिक व फेशियल रिकग्निशन: परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों के प्रवेश के समय आधार लिंक्ड बायोमेट्रिक पहचान और एआई आधारित फेशियल रिकग्निशन किया जाएगा, जिससे सॉल्वर के बैठने की संभावना शून्य हो सके।

  • गोपनीय प्रश्नपत्र कोड प्रणाली और सुरक्षित प्रिंटिंग: प्रश्नपत्रों की छपाई से लेकर परीक्षा केंद्रों तक वितरण के लिए जीपीएस-ट्रैक्ड कंटेनरों और डिजिटल लॉक सिस्टम का उपयोग किया जाएगा।

  • राज्य स्तरीय केंद्रीय लाइव मॉनिटरिंग रूम: लखनऊ स्थित केंद्रीय मुख्यालय से प्रदेश के सभी परीक्षा केंद्रों के हर एक कमरे के सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की रियल-टाइम लाइव वेबकास्टिंग और एआई बिहेवियरल एनालिसिस के जरिए निगरानी की जाएगी।

  • ओटीआर (One Time Registration) और डिजिटल वेरिफिकेशन: उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग और अन्य बोर्डों में ओटीआर व्यवस्था लागू होने से अभ्यर्थियों को बार-बार अपने क्रेडेंशियल्स अपलोड नहीं करने होंगे, और सत्यापन का काम पूरी तरह से डिजीलॉकर के माध्यम से पारदर्शी रहेगा।

प्रतियोगी छात्रों और Gen-Z युवाओं के लिए स्वर्णिम अवसर, भर्ती कैलेंडर और जॉइनिंग टाइमलाइन

प्रयागराज, लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, मेरठ, गोरखपुर और आगरा जैसे बड़े प्रतियोगी परीक्षा हबों में रहकर दिन-रात तैयारी करने वाले युवाओं के लिए यह अभियान एक नई उम्मीद लेकर आया है। ग्रुप-सी और ग्रुप-डी के पदों पर साक्षात्कारों (Interview) को पहले ही समाप्त किया जा चुका है, जिससे केवल लिखित परीक्षा की मेरिट के आधार पर बिना किसी सिफारिश या भ्रष्टाचार के सीधे चयन सुनिश्चित हो रहा है।

सरकार की योजना के अनुसार, आगामी साढ़े तीन महीनों के दौरान सभी लंबित लिखित परीक्षाएं करा ली जाएंगी, आपत्ति निस्तारण के बाद संशोधित उत्तर कुंजी जारी होगी और तय समय-सीमा के भीतर अंतिम चयन सूची प्रकाशित की जाएगी। इसके तुरंत बाद राजधानी लखनऊ में भव्य रोजगार समारोह और जनपदों में जिलाधिकारियों के माध्यम से चयनित युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे जाएंगे।

उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के विजन में यह बड़े पैमाने पर होने वाली भर्ती प्रक्रिया सरकारी तंत्र को ऊर्जावान, युवा और तकनीकी रूप से दक्ष कार्यबल प्रदान करेगी। सरकार के इस कदम से न केवल युवाओं का भविष्य सुरक्षित होगा, बल्कि पारदर्शी सरकारी चयन प्रक्रिया में आम अभ्यर्थियों का विश्वास और अधिक सुदृढ़ होगा।

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