समंदर पार दोस्ती की नई इबारत! सेमीकंडक्टर से UPI तक, भारत-मलेशिया के बीच हुए 11 ऐतिहासिक समझौते

कुआलालंपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दो दिवसीय मलेशिया यात्रा ने दक्षिण-पूर्व एशिया में भारत की रणनीतिक धमक को एक नई ऊंचाई दे दी है। रविवार को अपनी यात्रा संपन्न कर स्वदेश लौटे पीएम मोदी का यह दौरा केवल कूटनीतिक शिष्टाचार तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने रक्षा, डिजिटल अर्थव्यवस्था और ऊर्जा जैसे भविष्य के क्षेत्रों में सहयोग के नए द्वार खोल दिए हैं। पीएम मोदी और मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम की गर्मजोशी भरी मुलाकात ने साफ कर दिया है कि आने वाले समय में दोनों देश ‘रणनीतिक विश्वास’ के जरिए आर्थिक परिवर्तन का बड़ा खाका खींचने वाले हैं।

समंदर पार के ‘स्नेहपूर्ण संबंधों’ को मिली आधुनिक रफ्तार

मलेशिया के साथ भारत के रिश्तों की गहराई को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हम केवल दो देश नहीं, बल्कि ‘समुद्री पड़ोसी’ हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी यात्रा की सुखद झलकियां साझा करते हुए मलेशियाई संस्कृति और वहां रह रहे भारतीयों के जुड़ाव की सराहना की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस दौरे को ‘बेहद यादगार’ और ‘परिणामोन्मुखी’ करार दिया है।

सेमीकंडक्टर और डिजिटल इकोनॉमी: भविष्य की तकनीक पर साथ आए दो देश

इस यात्रा की सबसे बड़ी उपलब्धि तकनीक और वित्त के क्षेत्र में हुई प्रगति रही। दोनों देशों ने सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए एक रूपरेखा समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके अलावा, भारत का UPI और मलेशिया का PayNet अब एक साथ जुड़ेंगे। इससे सीमा पार डिजिटल भुगतान (Cross-border payments) बेहद आसान हो जाएगा, जिससे न केवल व्यापार को गति मिलेगी बल्कि पर्यटकों को भी बड़ी राहत मिलेगी।

व्यापार और रक्षा: 18 अरब डॉलर के पार ले जाने का लक्ष्य

मलेशियाई पीएम अनवर इब्राहिम ने भारत के साथ व्यापारिक रिश्तों को एक नए मुकाम पर ले जाने की इच्छा जताई। वर्ष 2025 तक द्विपक्षीय व्यापार को 18 अरब डॉलर से आगे बढ़ाने के लिए ‘लोकल करेंसी’ (स्थानीय मुद्रा) में लेनदेन पर सहमति बनी है। रक्षा क्षेत्र में भी दोनों देशों ने सैन्य खुफिया जानकारी साझा करने और संयुक्त राष्ट्र शांति सेना में सहयोग बढ़ाने का निर्णय लिया है। साथ ही, दोनों नेताओं ने आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर मुहर लगाई।

प्रवासियों के लिए बड़ी सौगात: OCI कार्ड और नया वाणिज्य दूतावास

भारतीय प्रवासियों का दिल जीतते हुए पीएम मोदी ने मलेशिया में एक नया भारतीय वाणिज्य दूतावास (Consulate General) खोलने की घोषणा की। सबसे खास बात यह रही कि अब भारतीय प्रवासियों के लिए ओसीआई (OCI) कार्ड की पात्रता को बढ़ाकर छठी पीढ़ी तक कर दिया गया है। इसके अलावा, शिक्षा के क्षेत्र में मलेशियाई छात्रों के लिए ‘तिरुवल्लुवर छात्रवृत्ति’ की शुरुआत की गई है और कुआलालंपुर में ‘नेताजी सुभाष चंद्र बोस सांस्कृतिक केंद्र’ के जरिए सांस्कृतिक सेतु को और मजबूत किया जाएगा।

पारंपरिक चिकित्सा और आयुर्वेद का बढ़ेगा दबदबा

प्रधानमंत्री ने आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में एक और कदम बढ़ाया है। भारत के ‘आयुर्वेद प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान’ और मलेशिया की ‘यूनिवर्सिटी ऑफ साइबरजया’ के बीच एमओयू साइन हुआ है। इसके अलावा, मलेशिया अब आधिकारिक तौर पर इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस (IBCA) का हिस्सा बन गया है, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ी जीत है।


Check Also

राज्यसभा में मची सनसनी: मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू को दिया खुला चैलेंज, बोले- ‘क्या आपमें हिम्मत है कि…

भारतीय संसद का उच्च सदन यानी राज्यसभा हमेशा से ही देश के सबसे गंभीर वैचारिक …