
देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की पूरी तरह से विदाई के बाद अब भारत के दो अलग-अलग हिस्सों में मौसम का विरोधाभासी मिजाज देखने को मिल रहा है। जहां उत्तर भारत में सुबह-शाम की गुलाबी ठंड और शुष्क मौसम ने पैर पसार लिए हैं, वहीं दक्षिण भारत में एक बार फिर मौसमी परिस्थितियां तेजी से बिगड़ने वाली हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के अनुसार, बंगाल की खाड़ी और अरब सागर के ऊपर बन रहे चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) तथा पूर्वोत्तर मानसून (North-East Monsoon) की आगामी गतिविधियों के प्रभाव से दक्षिण भारत के प्रायद्वीपीय हिस्से में मूसलाधार बारिश का नया दौर शुरू होने जा रहा है। तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल और कर्नाटक के कई जिलों में आगामी 25-26 अक्टूबर तक तेज हवाओं के साथ भारी से बहुत भारी बारिश (Heavy to Very Heavy Rainfall) का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं दूसरी तरफ, दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण और स्मॉग के बीच लोग यह सवाल पूछ रहे हैं कि राष्ट्रीय राजधानी में आसमान साफ करने वाली बारिश कब होगी।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पूर्व और पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने चक्रवाती दबाव के कारण समुद्र से भारी मात्रा में नमी तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों की ओर बढ़ रही है। इसके साथ ही अरब सागर के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में भी ट्रफ रेखा सक्रिय है। इन दोनों प्रणालियों के आपस में मिलने से बादलों की विशाल संरचना तैयार हो रही है, जिससे दक्षिण प्रायद्वीप में गरज-चमक (Thunderstorm) और आकाशीय बिजली गिरने (Lightning) की घटनाएं अचानक बढ़ गई हैं।
आईएमडी का कहना है कि यह मौसमी बदलाव पूर्वोत्तर मानसून की सामान्य शुरुआत का अग्रदूत है। अगले 4 से 5 दिनों तक दक्षिणी राज्यों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने और तटीय क्षेत्रों में समुद्र में ऊंची लहरें उठने की आशंका है।
तमिलनाडु में अगले तीन से चार दिनों के दौरान सबसे ज्यादा मौसमी असर देखने को मिलेगा। राजधानी चेन्नई, कांचीपुरम, चेंगलपट्टू, तिरुवल्लूर, विल्लुपुरम, कुड्डालोर और नागापट्टिनम सहित डेल्टा जिलों में बादलों का घना डेरा रहने और कई दौर की मूसलाधार बारिश का पूर्वानुमान है।
आईएमडी ने कुछ स्थानों पर ‘भारी से बहुत भारी’ बारिश का ऑरेंज अलर्ट दिया है। लगातार होने वाली बारिश के कारण चेन्नई और मदुरै जैसे निचले शहरी इलाकों में जलजमाव और ट्रैफिक की गंभीर समस्या पैदा हो सकती है। मछुआरों को तमिलनाडु, पुडुचेरी और मन्नार की खाड़ी के तटों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी गई है।
केरल में भी मौसम पूरी तरह करवट ले चुका है। तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, पथानामथिट्टा, अलप्पुझा, कोट्टायम, इडुक्की और एर्नाकुलम जिलों में भारी बारिश और आकाशीय बिजली चमकने की आशंका है। विशेष रूप से इडुक्की और वायनाड के पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के चलते मिट्टी धंसने (Landslides) का जोखिम बढ़ सकता है, जिसके लिए स्थानीय प्रशासन को आपदा प्रबंधन प्रोटोकॉल सक्रिय रखने को कहा गया है।
वहीं, कर्नाटक के दक्षिणी आंतरिक हिस्सों (South Interior Karnataka), जिनमें बेंगलुरु, मैसूरु, हासन और चामराजनगर शामिल हैं, में भी रुक-रुक कर तेज बारिश के आसार हैं। तटीय कर्नाटक के मैंगलोर और उडुपी में भी समुद्री हवाओं के कारण मौसम नम और तूफानी बना रहेगा।
दक्षिण के उलट, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में आसमान मुख्य रूप से साफ और मौसम पूरी तरह शुष्क बना हुआ है। दिन के समय तेज धूप खिल रही है जबकि रात और तड़के न्यूनतम तापमान 18 से 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज हो रहा है।
दिल्ली में बारिश की संभावना को लेकर मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि उत्तर-पश्चिम भारत में एक कमजोर ‘पश्चिमी विक्षोभ’ (Western Disturbance) 23-24 अक्टूबर के आसपास सक्रिय हो सकता है। इसके असर से:
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24 और 25 अक्टूबर को आंशिक बदलाव: दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा के कुछ इलाकों में 24 और 25 अक्टूबर के दौरान बादलों की हल्की आवाजाही देखने को मिल सकती है और कहीं-कहीं छिटपुट बूंदाबांदी (Isolated/Scattered Drizzle) दर्ज हो सकती है।
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भारी बारिश की संभावना नहीं: दिल्ली में किसी बड़े स्तर की भारी या तेज बारिश का कोई पूर्वानुमान नहीं है। मौसम मुख्य रूप से शुष्क ही बना रहेगा।
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तापमान और ठंड पर असर: 25 अक्टूबर के बाद उत्तर-पश्चिमी हवाओं के तेज होने से दिल्ली में रात के तापमान में 2 से 3 डिग्री की और गिरावट आएगी, जिससे रात में ठंडक बढ़ेगी और सुबह के समय हल्की धुंध व स्मॉग का दायरा फैल सकता है।
दक्षिण भारत में जारी इस भारी बारिश के चलते धान और अन्य खरीफ फसलों की कटाई में जुटे किसानों को सलाह दी गई है कि वे कटी हुई उपज को सुरक्षित गोदामों या तिरपाल से ढंककर रखें। वहीं, दिल्ली-एनसीआर के निवासियों को सलाह दी गई है कि आने वाले दिनों में बारिश न होने और हवा की गति धीमी रहने के कारण प्रदूषण स्तर (AQI) ‘खराब’ से ‘बहुत खराब’ श्रेणी में जा सकता है, इसलिए सांस और एलर्जी के मरीज सुबह के समय मास्क का प्रयोग करें। दक्षिण भारत की यात्रा करने वाले यात्रियों को उड़ानों और ट्रेनों के ताजा शेड्यूल की जांच करने के बाद ही निकलने की हिदायत दी गई है।
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