इराक एयरस्पेस खुलने से यात्रियों को बड़ी राहत: दिल्ली-मुंबई से न्यूयॉर्क का सफर हुआ 4 घंटे छोटा, अब बिना रुके तय होगी दूरी

भारतीय विमानन जगत और अंतरराष्ट्रीय यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए इस समय एक बहुत ही बड़ी और राहत भरी खबर सामने आ रही है। देश की प्रमुख एयरलाइन कंपनी एअर इंडिया (Air India) ने पश्चिमी देशों की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए एक शानदार सौगात देते हुए अपनी उड़ानों के संचालन में बहुत बड़ा बदलाव किया है। इराक के एयरस्पेस के दोबारा खुलने के बाद एअर इंडिया ने दिल्ली और मुंबई से अमेरिका के न्यूयॉर्क (जेएफके और नेवार्क ईडब्ल्यूआर) के लिए संचालित होने वाली अपनी उड़ानों को एक बार फिर से नॉन-स्टॉप (Non-Stop) कर दिया है। इस बड़े बदलाव के चलते भारत से अमेरिका की यात्रा करने वाले यात्रियों का लगभग चार घंटे का कीमती समय अब बच जाएगा। पिछले कुछ महीनों से भू-राजनीतिक तनाव और युद्ध के कारण लंबी और थका देने वाली यात्राएं करने को मजबूर यात्रियों के लिए यह किसी दिवाली के तोहफे से कम नहीं है। आइए विस्तार से जानते हैं कि एयरस्पेस खुलने से यात्रा के रूट में क्या बदलाव आए हैं और इससे यात्रियों को कितना लाभ मिलेगा।

एअर इंडिया ने दिल्ली और मुंबई से न्यूयॉर्क की उड़ानों को बनाया फिर से नॉन-स्टॉप

पिछले कुछ समय से वैश्विक तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के रूट में लगातार फेरबदल देखने को मिल रहा था। लेकिन अब एअर इंडिया की ऑपरेशंस टीम ने आधिकारिक तौर पर यह जानकारी दी है कि बुधवार से दिल्ली और मुंबई से न्यूयॉर्क के बीच चलने वाली फ्लाइट्स का सफर फिर से बिना किसी रुकावट के सीधे नॉन-स्टॉप शुरू हो गया है।

यादगार बात यह है कि कुछ महीने पहले अमेरिका और ईरान के बीच उपजे युद्ध और तनावपूर्ण हालातों (जो 28 फरवरी के आसपास शुरू हुए थे) के कारण विमानन कंपनियों को सुरक्षा कारणों से अपने रूट बदलने पड़े थे। स्थिति इतनी गंभीर थी कि दिल्ली और मुंबई से न्यूयॉर्क जाने वाली इन फ्लाइट्स को बीच रास्ते में इटली के रोम (फ्यूमिसीनो एयरपोर्ट) में एक टेक्निकल स्टॉप (फ्यूलिंग स्टॉप) लेना पड़ रहा था। इस तकनीकी ठहराव के कारण यात्रियों की कुल यात्रा का समय बढ़कर लगभग 20 घंटे तक पहुंच जाता था, जिससे बुजुर्गों और लंबी यात्रा करने वाले यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ती थी। लेकिन अब इराक का एयरस्पेस खुलने के बाद इस परेशानी से बड़ी राहत मिल गई है और अब यह यात्रा महज 15 से 16 घंटे के भीतर पूरी हो जाएगी।

इराक, सीरिया और जॉर्डन के एयरस्पेस की रिस्क रेटिंग में आई कमी, मिला छोटा रूट

अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के संचालन में सुरक्षा सबसे पहली प्राथमिकता होती है। एअर इंडिया के सूत्रों के अनुसार, हाल ही में मध्य पूर्व के देशों जैसे इराक, सीरिया और जॉर्डन के हवाई क्षेत्र (Airspace) की सुरक्षा समीक्षा की गई, जिसके बाद इनकी रिस्क रेटिंग में कमी दर्ज की गई। रिस्क रेटिंग घटने के बाद विमानन कंपनियों के लिए एक अपेक्षाकृत छोटा और सुरक्षित हवाई मार्ग उपलब्ध हो गया है।

इसी का परिणाम है कि दिल्ली से नेवार्क (Delhi-EWR), दिल्ली से जेएफके (Delhi-JFK), मुंबई से नेवार्क (Mumbai-EWR) और मुंबई से जेएफके (Mumbai-JFK) जाने वाली सभी फ्लाइट्स से रोम का स्टॉप पूरी तरह से हटा दिया गया है। हालांकि, जानकारों का यह भी कहना है कि इस क्षेत्र में पाकिस्तान का एयरस्पेस अप्रैल से बंद होने के कारण दिल्ली से पश्चिम की ओर जाने वाले विमानों के रूट पहले से ही लंबे हो चुके हैं, जिससे विमानों के वजन और ईंधन प्रबंधन पर असर पड़ता है। इसके बावजूद, इराक का एयरस्पेस खुलने से एअर इंडिया को अपनी न्यूयॉर्क की उड़ानों को नॉन-स्टॉप चलाने में बहुत बड़ी सफलता मिली है।

पायलटों और एयरलाइन की आगे की योजनाएं: सर्दियों में राहत, लेकिन भविष्य में मौसम पर रहेगी नजर

विमानन विशेषज्ञों और अनुभवी पायलटों के मुताबिक, हालांकि वर्तमान में इराक का एयरस्पेस खुलने से बड़ी राहत मिली है, फिर भी पाकिस्तान का एयरस्पेस बंद होने के कारण उड़ानों पर ‘लोड पेनल्टी’ (यानी विमान में अतिरिक्त ईंधन भरने के लिए यात्रियों या कार्गो की संख्या सीमित करने की मजबूरी) का असर अभी भी आंशिक रूप से बना हुआ है।

फिलहाल आगामी नवंबर और दिसंबर के महीनों में इन सभी उड़ानों के पूरी तरह से नॉन-स्टॉप रूप से संचालित होते रहने की पूरी संभावना है। हालांकि, जनवरी के महीने में ऊपरी हवाओं का रुख बदलता है और जेट स्ट्रीम (Jet Streams) तेज हो जाती हैं, ऐसे में यदि विमानों का वजन और ईंधन की खपत अधिक होती है, तो आने वाले कुछ महीनों में सर्दियों के दौरान कुछ समय के लिए दोबारा तकनीकी ईंधन स्टॉप लगाने पड़ सकते हैं। इसके अलावा, एअर इंडिया को यह भी उम्मीद है कि आने वाले दिनों में ईरान का एयरस्पेस भी पूरी तरह से खुल जाएगा, जिससे पश्चिम की ओर जाने वाली अन्य नॉन-स्टॉप उड़ानों की संख्या में भी भारी इजाफा किया जा सकेगा। यदि आने वाले समय में अमेरिका और ईरान के बीच का भू-राजनीतिक संघर्ष पूरी तरह थमता है, तो एअर इंडिया उत्तर अमेरिका सहित पश्चिमी देशों के रूट पर अपनी क्षमता और उड़ानों के फेरे बड़े पैमाने पर बढ़ाने की योजना बना रही है।

Check Also

भारत में रह रहे विदेशी नागरिकों को बड़ी राहत

भारत में लंबे समय से रह रहे शरणार्थियों और विदेशी नागरिकों के लिए केंद्र सरकार …