पश्चिम बंगाल की राजनीति में ऐतिहासिक बदलाव के बाद सत्ताधारी दल भाजपा और मुख्य विपक्षी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बीच टकराव लगातार तीखा होता जा रहा है। टीएमसी के वरिष्ठ नेता और सांसद अभिषेक बनर्जी ने गुरुवार (2 जुलाई 2026) को सूबे की शुभेंदु अधिकारी सरकार पर अपने सहयोगियों और पार्टी कार्यकर्ताओं को डराने-धमकाने का बेहद गंभीर आरोप लगाया है। अभिषेक बनर्जी का यह तीखा बयान उस समय आया है, जब हाल ही में बंगाल की एक अदालत ने उन्हें चुनाव प्रचार के दौरान एक कथित विवादित भाषण के मामले में 8 जुलाई को अपना वॉयस सैंपल (Voice Sample) देने का आदेश दिया है।
‘बिना नोटिस मेरे ऑफिस के 25 लोगों को उठाया गया’
अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (Twitter) पर एक लंबा और आक्रामक पोस्ट साझा करते हुए राज्य की जांच एजेंसियों पर सवाल उठाए। उन्होंने लिखा, > “पिछले कुछ हफ्तों के दौरान एसटीएफ (STF), सीआईडी (CID) और बंगाल पुलिस ने पूछताछ के नाम पर मेरे कार्यालय से जुड़े या मुझसे सीधे जुड़े लगभग 25 लोगों को बिना किसी उचित कानूनी नोटिस के अचानक उठा लिया है। यह कानूनी सुरक्षा के बुनियादी नियमों का सरेआम उल्लंघन है। इन लोगों को डराया-धमकाया जा रहा है और मेरे खिलाफ झूठी गवाही देने के लिए मजबूर किया जा रहा है।”
फोन टैपिंग और परिवार की महिलाओं को परेशान करने का आरोप
टीएमसी सांसद ने आगे आरोप लगाया कि उनके और उनके करीबियों के फोन अवैध रूप से टैप किए जा रहे हैं। यहां तक कि उनके कार्यकर्ताओं के परिवार के सदस्यों और महिलाओं को भी पुलिसिया कार्रवाई के नाम पर मानसिक रूप से प्रताड़ित और भयभीत किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी पर सीधा निशाना साधते हुए अभिषेक बनर्जी ने लिखा, “यह पूरी तरह से राजनीतिक प्रतिशोध और डराने-धमकाने का सबसे घटिया रूप है। जिस सरकार के मुखिया खुद अतीत में विवादों में रहे हैं और जिन पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के मामले लंबित हैं, वही सरकार अब मुझे राजनीतिक रूप से निशाना बनाने के लिए सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर रही है। आप जो चाहें हथकंडे अपना लें, लेकिन मैं अपनी आखिरी सांस तक इस दमनकारी नीति के आगे झुकने वाला नहीं हूं।”
कार्यकर्ताओं की ढाल बनेगा ‘एक डाके अभिषेक’ प्रोग्राम
अपने परेशान और कानूनी मुकदमों से जूझ रहे कार्यकर्ताओं की मदद के लिए अभिषेक बनर्जी ने मंगलवार (30 जून 2026) को एक विशेष डिजिटल और कानूनी अभियान की शुरुआत की है। इस प्रोग्राम को ‘एक डाके अभिषेक’ (अभिषेक बस एक कॉल दूर) नाम दिया गया है।
इसके तहत एक समर्पित हेल्पलाइन नंबर भी सार्वजनिक किया गया है, ताकि पीड़ित कार्यकर्ता सीधे कानूनी सहायता टीम से संपर्क साध सकें:
हेल्पलाइन नंबर: 7887778877
(नोट: यह नंबर केवल अधिकृत टीएमसी कार्यकर्ताओं और चुनाव के बाद राजनीतिक हिंसा या कथित झूठे मुकदमों में फंसाए गए पीड़ितों को कानूनी परामर्श देने के लिए जारी किया गया है।)
अभिषेक बनर्जी के सोशल मीडिया हैंडल के मुताबिक, चुनाव के बाद शुरू हुई राजनीतिक उथल-पुथल और अत्याचारों के कारण जो भी कार्यकर्ता बेघर हुए हैं या राजनीतिक द्वेष के चलते कानूनी मामलों में उलझाए गए हैं, उन्हें इस हेल्पलाइन के जरिए पार्टी की तरफ से वकीलों की पूरी टीम और अदालती मदद मुफ्त मुहैया कराई जाएगी।
The News 11 – ताज़ा हिंदी समाचार, ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, देश-दुनिया