
देशभर के मौसम के मिजाज में अचानक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। विदाई लेते दक्षिण-पश्चिम मानसून, बंगाल की खाड़ी में सक्रिय नए मौसमी सिस्टम और पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के संयुक्त प्रभाव से देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम के दो विपरीत रूप नजर आ रहे हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 को दक्षिण भारत, पूर्वोत्तर और मध्य भारत के लगभग 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं दूसरी ओर, उत्तर-पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में सीजन की पहली बर्फबारी की शुरुआत होने से मैदानी इलाकों में ठंडी उत्तर-पश्चिमी हवाओं ने दस्तक दे दी है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ, कानपुर और दिल्ली-एनसीआर के इलाकों में सुबह और देर शाम के समय गुलाबी ठंडक का अहसास तेजी से बढ़ने लगा है, जबकि पंखों और एसी की गति धीमी पड़ने लगी है।
मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के अनुसार, प्रायद्वीपीय भारत के राज्यों में मानसूनी बारिश पूरी ताकत से बरस रही है। बंगाल की खाड़ी और अरब सागर के ऊपर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन के चलते केरल, माहे, तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के कई जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और तटीय आंध्र प्रदेश में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, आकाशीय बिजली चमकने और मूसलाधार बारिश होने की आशंका है। कर्नाटक के बेंगलुरु, मंगलुरु और उडुपी में प्रशासन ने निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति को देखते हुए स्थानीय स्तर पर एडवाइजरी जारी की है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की हिदायत दी गई है क्योंकि तटीय इलाकों में ऊंची लहरें उठने का खतरा बना हुआ है।
पहाड़ी राज्यों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश का सिलसिला देखा जा रहा है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश के रोहतांग पास, लाहौल-स्पीति, किन्नौर और उत्तराखंड के चमोली व केदारनाथ-बद्रीनाथ की चोटियों पर हल्की बर्फबारी दर्ज की गई है। मनाली में न्यूनतम तापमान गिरकर शून्य से नीचे चला गया है, जबकि श्रीनगर में भी रात का पारा 7 से 8 डिग्री सेल्सियस के आसपास सिमट गया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पहाड़ों पर हो रही इस बर्फबारी और बारिश का सीधा असर अगले 48 से 72 घंटों के भीतर उत्तर भारत के मैदानी राज्यों में देखने को मिलेगा, जिससे तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की अतिरिक्त गिरावट आ सकती है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद और गुरुग्राम में हाल ही में हुई हल्की बारिश के बाद वातावरण में नमी और ठंडक घुल गई है। मौसम विभाग के अनुसार, 17 अक्टूबर को दिल्ली में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं और कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी या 20 से 30 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। दिन का अधिकतम तापमान 31 से 32 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है, जबकि रात का न्यूनतम तापमान गिरकर 18 से 19 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। सुबह के समय हल्की धुंध (Haze) देखी जा रही है और बदलते मौसम के साथ ही प्रदूषण स्तर (AQI) में भी हल्का बदलाव दर्ज होना शुरू हो गया है। 18 अक्टूबर के बाद से दिल्ली का मौसम पूरी तरह शुष्क होने और आसमान साफ रहने की संभावना है।
उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में आज मौसम मुख्यतः शुष्क रहने का अनुमान है, हालांकि पश्चिमी और मध्य यूपी के कुछ जिलों में आंशिक बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। राजधानी लखनऊ में आज अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का पूर्वानुमान है। गोरखपुर, प्रयागराज, वाराणसी, बरेली और मेरठ में भी दिन में हल्की धूप के साथ शाम को ठंडक का अहसास हो रहा है। वहीं पड़ोसी राज्य बिहार के पटना, गया, भागलपुर और मुजफ्फरपुर में भी मौसम साफ रहने की उम्मीद है, जहां दिन का तापमान 32 डिग्री और रात का पारा 21-22 डिग्री सेल्सियस के करीब दर्ज किया जा रहा है। हालांकि, झारखंड के रांची, जमशेदपुर और धनबाद के कुछ हिस्सों में स्थानीय मौसमी दबाव के कारण दोपहर बाद गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है।
मौसम के इस बदलाव के दौर में जब दिन में धूप और रात में ठंडक रहती है, तो स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने मौसमी बीमारियों से बचाव की विशेष सलाह दी है। मुख्य रूप से बच्चों और बुजुर्गों में वायरल फीवर, सर्दी-जुकाम और गले के संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। रात को सोते समय पंखे की सीधी हवा से बचने और हल्के गर्म कपड़ों का इस्तेमाल शुरू करने की सलाह दी गई है। इसके अलावा, जो लोग त्योहारी छुट्टियों में उत्तराखंड या हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा की योजना बना रहे हैं, उन्हें लैंडस्लाइड और फिसलन वाले रास्तों को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन की ताजा वेदर एडवाइजरी देखकर ही आगे बढ़ने को कहा गया है।
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