अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और दक्षिण एशिया की राजनीति से इस वक्त एक बेहद बड़ी खबर सामने आ रही है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ (Shehbaz Sharif) ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के सम्मान में एक बार फिर तारीफों के बड़े पुल बांधे हैं। शरीफ ने ट्रंप को एक महान ‘शांतिदूत’ और शांतिप्रिय व्यक्ति करार देते हुए कहा कि पिछले साल भारत के साथ हुए खतरनाक सैन्य संघर्ष को समय रहते रुकवाने के लिए पाकिस्तान हमेशा उनका कर्जदार रहेगा। इस्लामाबाद स्थित अमेरिकी दूतावास में अमेरिका की 250वीं स्वतंत्रता वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित एक हाई-प्रोफाइल स्वागत समारोह को संबोधित करते हुए शहबाज शरीफ ने अमेरिका और पाकिस्तान के आठ दशक पुराने रिश्तों को बेहद ‘सच्चा और खास’ बताया।
पिछले साल हुए 4 दिवसीय भारत-पाक युद्ध का किया जिक्र
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मंच से बोलते हुए पिछले साल दोनों देशों के बीच भड़के भीषण सैन्य तनाव को याद किया। उन्होंने बताया कि पिछले साल जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए एक आत्मघाती आतंकी हमले में 26 निर्दोष लोगों की मौत हो गई थी, जिसके बाद भारत और पाकिस्तान के बीच चार दिनों तक सीधा और खूंखार सैन्य संघर्ष चला था।
शरीफ ने दावा किया कि उस वक्त पहलगाम घटना को लेकर भारत की अत्यधिक आक्रामकता के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बेहद ‘समय रहते और निर्णायक’ हस्तक्षेप (Intervention) किया। शहबाज के मुताबिक, ट्रंप के इसी कड़े रुख और मध्यस्थता के कारण ही पिछले साल 10 मई को भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध पूरी तरह थमा और सीजफायर लागू हो सका।
‘ट्रंप ने बचाई लाखों लोगों की जान, इतिहास उन्हें हमेशा शांतिप्रिय नेता मानेगा’
डोनाल्ड ट्रंप की खुलकर पैरवी करते हुए पाकिस्तानी पीएम ने कहा, “दक्षिण एशिया में पूरी तरह शांति बहाल करने और दोनों देशों के लाखों निर्दोष नागरिकों की जान बचाने के लिए हम सब राष्ट्रपति ट्रंप के सदा आभारी रहेंगे। इस ऐतिहासिक संदर्भ में पाकिस्तान और दुनिया उन्हें हमेशा एक शांतिप्रिय मसीहा के रूप में याद रखेगी।”
आपको बता दें कि पहलगाम आतंकी हमले के तुरंत बाद भारतीय सेना ने पिछले साल 7 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ (Operation Sindoor) लॉन्च किया था। इस खूंखार ऑपरेशन का मुख्य निशाना पाकिस्तान की सीमा और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में सक्रिय आतंकी लॉन्च पैड्स और उनका पूरा बुनियादी ढांचा था। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भी कई मौकों पर यह सार्वजनिक दावा किया है कि उन्होंने अपनी कूटनीति के दम पर भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध रुकवाया था। हालांकि, भारत सरकार का स्टैंड इस पर हमेशा साफ रहा है। भारत ने लगातार कहा है कि यह युद्धविराम दोनों देशों के बीच सीधे सैन्य और कूटनीतिक स्तर पर हुआ था और उसने इस मामले में किसी भी तीसरे पक्ष (Third Party) की मध्यस्थता के दावों को सिरे से खारिज किया है।
ट्रंप के ‘साहसी और दूरदर्शी’ नेतृत्व की तारीफ में पढ़े कसीदे
शहबाज शरीफ ने ट्रंप की कड़क और अद्वितीय नेतृत्व शैली (Leadership Style) की जमकर सराहना करते हुए कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने वाशिंगटन की अंतरराष्ट्रीय गतिविधियों और अपने वैश्विक हितों की रक्षा में एक नई ऊर्जा और दृढ़ संकल्प का संचार किया है। उन्होंने कहा, “ट्रंप के साहसी और दूरदर्शी नेतृत्व में आज अमेरिका दुनिया में शांति, प्रगति और वैश्विक समृद्धि को आगे बढ़ाते हुए पूरे विश्व में विश्वास और गतिशीलता को प्रेरित कर रहा है।”
1947 से जारी है दोनों देशों के बीच यह ‘सच्चा और खास’ रिश्ता
द्विपक्षीय संबंधों के लंबे इतिहास को याद करते हुए शहबाज शरीफ ने गर्व से उल्लेख किया कि साल 1947 में विभाजन के बाद पाकिस्तान के निर्माण को आधिकारिक मान्यता देने वाले शुरुआती वैश्विक देशों में अमेरिका सबसे आगे था। उन्होंने कहा, “हमारा रिश्ता बेहद सच्चा और खास है, जो लगभग आठ दशकों से अटूट चला आ रहा है। इसमें न केवल रक्षा, सुरक्षा और आतंकवाद-विरोधी गतिविधियों में साझा सहयोग शामिल है, बल्कि व्यापार, निवेश, कृषि, विज्ञान, शिक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा और जन-जन के आदान-प्रदान (People-to-People Contact) में भी दोनों देश समान रूप से भागीदार हैं।”
क्षेत्रीय कूटनीति पर एक और बड़ा दावा करते हुए शहबाज शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान इस समय महाशक्तियों— अमेरिका और ईरान के बीच संपर्क स्थापित करने और उनकी गुप्त वार्ताओं को सफल बनाने में एक बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने इस अंतरराष्ट्रीय शांति प्रयास और मध्यस्थता को सफल बनाने के लिए पाकिस्तानी सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर (General Asim Munir) के कुशल नेतृत्व को विशेष रूप से धन्यवाद दिया।
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