मेघालय के वेस्ट गारो हिल्स में भड़की हिंसा: दो की मौत, सेना तैनात; इंटरनेट बंद, कर्फ्यू लागू

शिलांग। मेघालय के पश्चिम गारो हिल्स जिले में गारो समुदाय और गैर-आदिवासी उम्मीदवारों के समर्थकों के बीच भड़की हिंसा ने हालात को बेहद तनावपूर्ण बना दिया है। देर रात तक चले टकराव के बाद प्रशासन ने इलाके में सेना तैनात कर दी है। साथ ही मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कर्फ्यू लागू कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि पूरी रात चली झड़पों में दो लोगों की मौत हो गई, हालांकि प्रशासन ने मौत के कारणों की पुष्टि अभी नहीं की है।

रातभर चला टकराव, तनाव के बीच लगाया गया नाइट कर्फ्यू

जानकारी के अनुसार, गारो हिल्स स्वायत्त जिला परिषद (GHADC) चुनावों को लेकर विवाद के बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। प्रशासन ने बढ़ते तनाव को देखते हुए पूरे इलाके में नाइट कर्फ्यू लागू कर दिया। यह विवाद उस आधिकारिक अधिसूचना के बाद भड़का, जिसमें उम्मीदवारों को नामांकन पत्र दाखिल करते समय वैध अनुसूचित जनजाति (ST) प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य बताया गया।

यह व्यवस्था पहले की उस परंपरा से अलग मानी जा रही है, जिसमें गैर-आदिवासी उम्मीदवारों को भी चुनाव लड़ने की अनुमति दी जाती थी। फिलहाल मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा की नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) परिषद का प्रशासन संभाल रही है।

पूर्व विधायक पर हमले के बाद बढ़ा विवाद

फूलबारी के पूर्व विधायक एस.जी. एस्मातुर मोमिनिन, जो बंगाली भाषी मुस्लिम समुदाय से आते हैं, तुरा स्थित उपायुक्त कार्यालय में नामांकन दाखिल करने पहुंचे थे। इसी दौरान कथित तौर पर उन पर हमला कर दिया गया।

सूत्रों के मुताबिक, मोमिनिन और एक अन्य उम्मीदवार एनामुल हक को पुलिस ने तत्काल सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। उनके ऊपर हुए हमले के बाद स्थिति और बिगड़ गई और चिबिनांग इलाके में बड़ी संख्या में लोग आमने-सामने आ गए। पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों से आए लोगों के बीच रातभर तनावपूर्ण माहौल बना रहा।

तुरा समेत कई इलाकों में आगजनी

हिंसा के दौरान कई जगह आगजनी की घटनाएं भी सामने आईं। जिला मुख्यालय तुरा में कुछ वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया, जबकि कई इमारतों पर पत्थरबाजी की गई। हालांकि दमकल और आपातकालीन सेवाओं की टीमों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पा लिया। अधिकारियों के मुताबिक तुरा इलाके में किसी के घायल होने की सूचना नहीं मिली है।

दो युवकों की मौत से और भड़का तनाव

शुरुआती रिपोर्टों में दावा किया गया था कि हिंसक भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस द्वारा की गई फायरिंग में दो लोगों की मौत हुई है। हालांकि प्रशासन ने इस दावे का खंडन किया है। पश्चिम गारो हिल्स प्रशासन ने देर रात जारी बयान में कहा कि फिलहाल दोनों युवकों की मौत का कारण स्पष्ट नहीं है और मामले की जांच की जा रही है।

प्रशासन का मानना है कि यह पूरी अशांति कुछ संगठनों द्वारा GHADC चुनावों में गैर-आदिवासी उम्मीदवारों की भागीदारी का विरोध किए जाने के कारण भड़की। फिलहाल इलाके में सुरक्षा बल तैनात हैं और स्थिति पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

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