
रोजमर्रा के जीवन में इस्तेमाल होने वाली छोटी सी कैंची भी घर के वास्तु को गहराई से प्रभावित कर सकती है। वास्तु शास्त्र के अनुसार कैंची का सीधा संबंध राहु ग्रह से होता है, जो अलगाव, भ्रम और अस्थिरता का कारक माना जाता है। अगर आप कैंची को सही स्थान और तरीके से नहीं रखते हैं, तो यह घर में नकारात्मक ऊर्जा, आपसी कलह और भारी आर्थिक तंगी की वजह बन सकती है।
राहु से जुड़ी है कैंची, इन दिशाओं और जगहों पर रखने से बचें
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उत्तर दिशा में रखने से बचें: कैंची लोहे या स्टील की बनी होती है, जो उत्तर दिशा (बुध ग्रह) के विपरीत है। उत्तर दिशा में कैंची रखने से बुद्धि भ्रष्ट होती है, वाणी में कड़वाहट आती है और धन हानि होती है।
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रसोई घर में रखने की गलती: रसोई पर मंगल ग्रह का आधिपत्य होता है। मंगल और राहु का संयोग बेहद उग्र माना जाता है, जिससे गृहक्लेश बढ़ता है। अगर रसोई में रखना मजबूरी हो, तो इसकी नोक हमेशा ऊपर की तरफ करके रखें।
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दरवाजे पर न लटकाएं: मुख्य द्वार या किसी भी कमरे के दरवाजे पर कैंची लटकाने से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश रुक जाता है और आर्थिक रुकावटें खड़ी होने लगती हैं।
कैंची से जुड़ी ये गलतियां बिगाड़ सकती हैं घर का माहौल
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कैंची को कभी उधार न दें: अपनी कैंची किसी को उधार देने से घर में राहु की नकारात्मक ऊर्जा हावी होती है और अपनों के साथ रिश्तों में दरार आ सकती है। जरूरत पड़ने पर देकर तुरंत वापस ले लें।
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हवा में न चलाएं: खाली कैंची को हवा में बेवजह चलाने या उसकी चटाक-चटाक आवाज निकालने से घर की सुख-शांति भंग होती है और सदस्यों में कलह बढ़ती है।
कैंची रखने की सही जगह क्या है?
वास्तु के अनुसार कैंची को कभी भी खुले में, पूजा घर में या बेडरूम में नहीं रखना चाहिए। कैंची को हमेशा किसी बंद ड्रॉअर या अलमारी के अंदर छिपाकर रखें ताकि इस पर किसी की सीधी नजर न पड़े। इस छोटे से उपाय से राहु दोष की नकारात्मकता दूर रहती है और घर में समृद्धि बनी रहती है।
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