
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 1 अप्रैल 2026 से नए वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरुआत के साथ ही आम लोगों की जिंदगी से जुड़े कई अहम नियम बदलने जा रहे हैं। इन बदलावों का सीधा असर आपकी जेब, यात्रा, खेती और बच्चों की पढ़ाई तक पर पड़ेगा। हाईवे पर सफर महंगा होगा तो वहीं किसानों को एमएसपी में बढ़ोतरी से राहत मिलेगी। आइए विस्तार से जानते हैं प्रदेश में लागू होने जा रहे पांच बड़े बदलाव।
हाईवे पर सफर महंगा, टोल दरों में बढ़ोतरी
नए वित्तीय वर्ष के साथ ही नेशनल हाईवे पर यात्रा करना महंगा हो जाएगा। टोल टैक्स में 5 रुपये से लेकर 45 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है। इसके साथ ही फास्टैग के वार्षिक पास की कीमत 3000 रुपये से बढ़ाकर 3075 रुपये कर दी गई है। खास बात यह है कि अब टोल प्लाजा पर कैश भुगतान पूरी तरह बंद रहेगा और केवल फास्टैग या यूपीआई के जरिए ही भुगतान करना होगा।
Ola-Uber के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य, कैंसिलेशन पर जुर्माना
प्रदेश में अब ओला-उबर जैसी कैब सेवाओं के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया गया है। मोटर व्हीकल एक्ट में संशोधन के बाद यह नियम लागू होगा। रजिस्ट्रेशन का हर पांच साल में नवीनीकरण कराना जरूरी होगा। इतना ही नहीं, अब राइड कैंसिल करने पर ड्राइवर और यात्री दोनों को 10 फीसदी जुर्माना देना पड़ेगा। ड्राइवरों के लिए पुलिस वेरिफिकेशन, मेडिकल और फिटनेस टेस्ट भी अनिवार्य कर दिए गए हैं।
प्रॉपर्टी रजिस्ट्री होगी महंगी, देना होगा अतिरिक्त शुल्क
जमीन और संपत्ति से जुड़े नियमों में भी बड़ा बदलाव किया गया है। अब प्रॉपर्टी बेचने वाले की पहचान खतौनी से क्रॉस-चेक की जाएगी। स्टांप शुल्क सर्किल रेट के आधार पर तय होगा। नगर निगम सीमा के अंदर प्रॉपर्टी रजिस्ट्री पर 2 फीसदी अतिरिक्त डेवलपमेंट शुल्क देना होगा। रजिस्ट्री के लिए पहले स्लॉट बुक करना जरूरी होगा और तय समय में प्रक्रिया पूरी करनी होगी, वरना दोबारा स्लॉट लेना पड़ेगा।
किसानों को राहत, गेहूं की MSP में बढ़ोतरी
सरकार ने किसानों को राहत देते हुए गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में 160 रुपये की बढ़ोतरी की है। अब गेहूं का समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है। इसके अलावा सफाई, छनाई और उतराई के लिए 20 रुपये प्रति क्विंटल अलग से दिए जाएंगे। इस तरह किसानों को कुल 2605 रुपये प्रति क्विंटल का लाभ मिलेगा।
स्कूलों में नया सत्र, पढ़ाई के तरीके में बदलाव
प्रदेश के स्कूलों में 1 अप्रैल से नया शैक्षिक सत्र 2026-27 शुरू होगा। इस बार पढ़ाई के पैटर्न में कई बदलाव किए गए हैं। कक्षा 9 और 11 में व्यावसायिक शिक्षा अनिवार्य होगी। हफ्ते में एक दिन प्रार्थना सभा और अखबार वाचन कराया जाएगा। योग और ध्यान को भी पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया गया है।
स्कूलों में मोबाइल और गेम्स के इस्तेमाल पर नियंत्रण के लिए कदम उठाए जाएंगे। साइबर क्लब के जरिए बच्चों को ऑनलाइन सुरक्षा की जानकारी दी जाएगी, जबकि छात्राओं के लिए ‘शक्ति मंच’ के माध्यम से नेतृत्व कौशल विकसित किए जाएंगे।
नए शैक्षणिक कैलेंडर में 24 सरकारी और 31 वैकल्पिक छुट्टियां शामिल हैं। जुलाई में यूनिट टेस्ट, सितंबर-अक्टूबर में अर्धवार्षिक परीक्षा और जनवरी-फरवरी 2027 में बोर्ड परीक्षाएं आयोजित होंगी।
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