बीजिंग | अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपनी दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर चीन की राजधानी बीजिंग पहुंचे हैं, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। इस यात्रा के दौरान ट्रंप ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की जमकर तारीफ की, जिसे लेकर अमेरिका के राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। ट्रंप ने शी जिनपिंग के साथ अपने निजी तालमेल को दुनिया के सामने रखते हुए उन्हें एक ‘महान नेता’ करार दिया है।
स्वागत में बिछा रेड कार्पेट: ‘ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल’ में भव्य समारोह
बीजिंग के ‘ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल’ में ट्रंप के आगमन पर किसी शाही उत्सव जैसा नजारा था।
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समारोह: दोनों देशों के राष्ट्रगान बजाए गए और ट्रंप ने शी जिनपिंग के साथ सैन्य गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण किया।
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छात्रों का अभिवादन: समारोह स्थल पर मौजूद दर्जनों बच्चों ने फूलों के साथ अमेरिकी राष्ट्रपति का स्वागत किया, जिससे माहौल काफी सौहार्दपूर्ण नजर आया।
“शी एक महान नेता हैं”: ट्रंप का बेबाक बयान
द्विपक्षीय बातचीत के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने शी जिनपिंग को अपना ‘दोस्त’ बताते हुए कहा कि उनके साथ मिलना सम्मान की बात है। सबसे अधिक चर्चा ट्रंप के उस बयान की हो रही है जिसमें उन्होंने कहा:
“राष्ट्रपति शी जिनपिंग एक महान देश के महान नेता हैं। मुझे पता है कि अमेरिका में कुछ लोग इस बात की आलोचना करेंगे, लेकिन मुझे उनकी परवाह नहीं है। हमारे रिश्ते पहले से कहीं अधिक बेहतर होने वाले हैं।”
ट्रंप का यह बयान उन अमेरिकी आलोचकों को जवाब माना जा रहा है जो चीन की मानवाधिकार नीतियों और व्यापारिक रणनीतियों को लेकर ट्रंप के नरम रुख पर सवाल उठाते रहे हैं।
शी जिनपिंग का रुख: साझा हितों पर जोर
राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भी सकारात्मक संदेश देते हुए कहा कि चीन और अमेरिका के बीच साझा हित उनके मतभेदों से कहीं अधिक बड़े हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की स्थिरता पूरी दुनिया के लिए फायदेमंद है। जिनपिंग ने ट्रंप के साथ प्रमुख वैश्विक मुद्दों, व्यापार और सुरक्षा पर चर्चा करने की प्रतिबद्धता जताई।
इस दौरे का मुख्य एजेंडा क्या है?
यह यात्रा मूल रूप से मार्च 2026 में होनी थी, लेकिन ईरान संकट के कारण इसमें देरी हुई। 2017 के बाद पहली बार चीन पहुंचे ट्रंप के सामने इस बार कई जटिल चुनौतियां हैं:
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बाजार पहुंच: ट्रंप चाहते हैं कि चीन अमेरिकी उद्योगों के लिए अपने बाजार खोले और व्यापार घाटे को कम करे।
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ईरान युद्ध: ईरान के तेल के सबसे बड़े खरीदार चीन के साथ मध्य पूर्व के हालातों पर चर्चा होना लगभग तय है।
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वैश्विक स्थिरता: ट्रंप और शी, दोनों ही खुद को वैश्विक शक्ति के केंद्र के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहे हैं।
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