चंडीगढ़। पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि अब राज्य का हर परिवार सालाना 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज कराने का हकदार होगा। सीएम ने एक विशेष वीडियो संदेश जारी कर विरोधियों द्वारा फैलाई जा रही अफवाहों पर लगाम लगाते हुए जनता से इस योजना का लाभ उठाने की अपील की है।
देश का पहला राज्य जहां हर नागरिक को मिलेगा ‘हेल्थ कवर’
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने गर्व के साथ घोषणा की कि पंजाब अब व्यापक स्तर पर मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने वाला भारत का पहला राज्य बन गया है। उन्होंने कहा, “यह योजना मध्यम और गरीब वर्ग के परिवारों पर इलाज के दौरान पड़ने वाले वित्तीय बोझ को पूरी तरह खत्म कर देगी। अब किसी भी पंजाबी को पैसों की कमी के कारण इलाज से वंचित नहीं रहना पड़ेगा।”
कैसे कराएं रजिस्ट्रेशन? घर बैठे बनेगा कार्ड
इस योजना का लाभ उठाने की प्रक्रिया को बेहद सरल रखा गया है। सीएम मान ने बताया:
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पात्रता: सभी सरकारी कर्मचारी, पेंशनभोगी और पंजाब के आम नागरिक इस कार्ड के लिए पात्र हैं।
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रजिस्ट्रेशन: नागरिक अपने आधार कार्ड या वोटर कार्ड का उपयोग करके ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण कर सकते हैं।
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सुविधा केंद्र: लोग अपने नजदीकी सुविधा केंद्रों और कॉमन सर्विस सेंटरों (CSC) पर जाकर भी अपना स्वास्थ्य कार्ड बनवा सकते हैं।
2,600 बीमारियों का इलाज और निजी अस्पतालों की लंबी लिस्ट
योजना की पारदर्शिता पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने लगभग 2,600 बीमारियों और उनके इलाज की दरें निर्धारित कर दी हैं। राज्य के कई बड़े निजी अस्पतालों को इस योजना के पैनल में शामिल किया गया है।
“अस्पताल किसी बाहरी व्यक्ति से कितनी भी फीस वसूलते हों, लेकिन इस योजना के लाभार्थियों के लिए वे सरकार द्वारा निर्धारित दरों पर कैशलेस इलाज देने के लिए बाध्य हैं। भुगतान सीधे सरकार द्वारा अस्पताल को किया जाएगा।” – भगवंत मान, मुख्यमंत्री
अफवाह फैलाने वालों को चेतावनी: ‘गुमराह न हो जनता’
सीएम मान ने पंजाब विरोधी ताकतों पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग जानबूझकर इस लोकहितकारी योजना के खिलाफ दुष्प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्षियों की बेतुकी बयानबाजी का मकसद सिर्फ जनता को गुमराह करना है। मुख्यमंत्री ने साफ चेतावनी दी कि यदि कोई सूचीबद्ध अस्पताल मरीज से पैसे की मांग करता है, तो तुरंत शिकायत दर्ज कराएं। ऐसे अस्पतालों के खिलाफ सरकार कड़ी दंडात्मक और मिसाली कार्रवाई करेगी।
योजना की 5 बड़ी बातें (Quick Highlights):
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कैशलेस सुविधा: अस्पताल में भर्ती होने से लेकर दवाइयों और टेस्ट तक सब मुफ्त।
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सालाना कवर: हर परिवार को 10 लाख रुपये तक की इलाज सीमा।
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निजी अस्पताल: सरकारी के साथ-साथ सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में भी इलाज संभव।
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सीधा भुगतान: मरीज को जेब से एक पैसा भी नहीं देना होगा, भुगतान सरकार करेगी।
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हेल्पलाइन: किसी भी शिकायत के लिए सरकार ने विशेष निगरानी तंत्र बनाया है।
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