यूपी में उमस भरी भीषण गर्मी से जल्द मिलेगी राहत, मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के लिए जारी किया भारी बारिश और आकाशीय बिजली का अलर्ट

उत्तर प्रदेश में बीते कुछ दिनों से कमजोर पड़े मॉनसून और चिलचिलाती धूप के कारण लोग भीषण उमस और चिपचिपी गर्मी से बेहाल हैं। हवा में नमी की अत्यधिक मात्रा और तेज धूप के मिले-जुले असर से तापमान भले ही 33 से 36 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा रहा हो, लेकिन वास्तविक अहसास (रियल फील) 42 से 44 डिग्री तक पहुंच रहा है। हालांकि, अब प्रदेशवासियों को इस पसीने छुड़ाने वाली गर्मी से जल्द बड़ी राहत मिलने जा रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ ने ताजा पूर्वानुमान जारी करते हुए अगले 48 घंटों के दौरान प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों संभागों में सक्रिय मॉनसून के चलते गरज-चमक के साथ तेज बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है।

उमस और चिपचिपी गर्मी से बेहाल यूपी: पारे में मामूली गिरावट, पर पसीने से तर-बतर जनजीवन

प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में गुरुवार और शुक्रवार को तीखी धूप और बादलों की आवाजाही के बीच वातावरण में भारी उमस बनी रही। राजधानी लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, आगरा और मेरठ समेत लगभग सभी प्रमुख शहरों में लोग दिनभर पसीने से तर-बतर नजर आए। हवा में नमी का स्तर 80 से 90 प्रतिशत तक पहुंच जाने के कारण पंखों और कूलरों की हवा भी बेअसर साबित हो रही है।

प्रयागराज में अधिकतम तापमान 35.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से अधिक रहा। इसी तरह लखनऊ में अधिकतम तापमान 33 से 34 डिग्री के आसपास बना रहा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जब हवा में नमी का स्तर बहुत अधिक होता है और जमीन की सतह गर्म होती है, तो स्थानीय स्तर पर संवहनीय बादलों (कन्वेक्टिव क्लाउड्स) का निर्माण होता है, जिससे कुछ समय के लिए उमस चरम पर पहुंच जाती है और उसके बाद तेज आंधी-पानी की स्थिति बनती है।

मौसम विभाग का 48 घंटे का अलर्ट: पूर्वी और पश्चिमी यूपी में गरज-चमक और वज्रपात की चेतावनी

मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के अनुसार, 14 अगस्त से 16 अगस्त के दौरान उत्तर प्रदेश के 24 से अधिक जिलों में भारी बारिश और 60 से अधिक जिलों में बादलों की तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने की प्रबल आशंका है। विशेष रूप से तराई और सीमावर्ती इलाकों में मॉनसून की सक्रियता सबसे अधिक देखने को मिलेगी।

पूर्वी उत्तर प्रदेश के गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, महराजगंज, संतकबीरनगर, बस्ती, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बाराबंकी, अयोध्या, सुल्तानपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, जौनपुर, गाजीपुर, वाराणसी और मिर्जापुर में मध्यम से भारी बारिश का यलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ, बागपत, गाजियाबाद, हापुड़, गौतमबुद्ध नगर (नोएडा), बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर में 15 और 16 अगस्त को व्यापक स्तर पर बारिश और तेज हवाओं (40 से 60 किमी प्रति घंटा) का अनुमान जताया गया है।

बंगाल की खाड़ी का निम्न दबाव और मॉनसून ट्रफ का असर

वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी और उससे सटे तटीय पश्चिम बंगाल व झारखंड के ऊपर एक गहरा चक्रवातीय परिसंचरण और निम्न दबाव का क्षेत्र सक्रिय है। इसके साथ ही मॉनसून की मुख्य ट्रफ लाइन अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर खिसकते हुए उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों से होकर गुजर रही है।

इस मौसमी तंत्र के कारण बंगाल की खाड़ी और अरब सागर दोनों तरफ से प्रचुर मात्रा में नम हवाएं उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में प्रवेश कर रही हैं। इस सिस्टम के प्रभाव से अगले 4 से 5 दिनों तक पूरे प्रदेश में रुक-रुक कर रिमझिम और मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहेगा। इससे वातावरण का तापमान 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क सकता है, जिससे उमस भरी गर्मी से पूरी तरह राहत मिल जाएगी।

किसानों के लिए संजीवनी तो शहरी इलाकों में जलभराव की चुनौती

अगस्त के मध्य में मॉनसून की यह वापसी उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं मानी जा रही है। पिछले एक पखवाड़े से अच्छी बारिश न होने के कारण धान की रोपाई वाली फसलों में सिंचाई का संकट खड़ा हो रहा था और किसानों को निजी नलकूपों पर निर्भर रहना पड़ रहा था। इस बारिश से धान, मक्का, बाजरा, उड़द और गन्ने की फसलों को नई जिंदगी मिलेगी और भूजल स्तर में भी सुधार होगा।

दूसरी तरफ, नगर निगमों और स्थानीय प्रशासन के लिए मूसलाधार बारिश एक बार फिर जलभराव और ट्रैफिक जाम की चुनौती लेकर आ सकती है। लखनऊ, कानपुर, वाराणसी और प्रयागराज जैसे बड़े शहरों के निचले इलाकों में पानी भरने की आशंका को देखते हुए नगर निगमों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं।

मौसम विभाग की सुरक्षा एडवाइजरी: आकाशीय बिजली से बचाव जरूरी

बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने की अत्यधिक घटनाओं को देखते हुए मौसम विभाग और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने आम जनता के लिए विस्तृत सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है:

  • बारिश और बादलों की तेज गड़गड़ाहट के दौरान खुले मैदानों, खेतों या पेड़ों के नीचे बिल्कुल खड़े न हों।

  • किसान भाई खराब मौसम के दौरान कृषि कार्यों को तुरंत रोककर किसी पक्के मकान या सुरक्षित शेड में शरण लें।

  • आकाशीय बिजली चमकने के समय मोबाइल फोन का खुले में इस्तेमाल करने से बचें और घर के भारी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का प्लग निकाल दें।

  • बिजली के खंभों, ट्रांसफार्मर, जर्जर दीवारों और जलजमाव वाले बिजली के तारों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें।

  • यात्रा पर निकलने से पहले मौसम विभाग के नवीनतम रडार और सैटेलाइट अपडेट अवश्य देख लें।

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