उत्तर प्रदेश में पिछले कई दिनों से जारी भीषण गर्मी और लू (हीट वेव) के प्रकोप से लोगों को बड़ी राहत मिली है। पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने से राज्य के अधिकांश जिलों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। गुरुवार रात से शुरू हुई तेज हवाओं और बारिश के दौर ने पारे को काफी नीचे गिरा दिया है।
तापमान में भारी गिरावट
मौसम वैज्ञानिक डॉ. सीताराम मिश्रा के अनुसार, प्रदेश के कई इलाकों में अधिकतम तापमान जो 40 डिग्री सेल्सियस के पार था, वह अब घटकर 30-33 डिग्री सेल्सियस के आसपास आ गया है।
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तापमान का गणित: पश्चिमी विक्षोभ के असर से अधिकतम तापमान में 7 से 10 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है।
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न्यूनतम तापमान: न्यूनतम तापमान भी गिरकर 20 से 22 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुँच गया है, जिससे रातें बेहद सुहावनी हो गई हैं।
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रिकॉर्ड: मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 2024 के बाद मई महीने में न्यूनतम तापमान में इतनी गिरावट पहली बार देखी गई है।
अगले 48 घंटों का पूर्वानुमान
मौसम विभाग ने अभी भी सतर्क रहने की सलाह दी है:
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तेज हवाएं: आने वाले 24 से 48 घंटों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है।
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आंधी-बारिश: शनिवार की दोपहर या शाम तक कई जिलों में गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ सकती हैं।
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ओलावृष्टि: कुछ विशिष्ट इलाकों में ओलावृष्टि की भी चेतावनी दी गई है, जिसके चलते सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
किसानों के लिए मिली-जुली खबर
यह बदलाव प्रदेश के कृषि क्षेत्र के लिए काफी महत्वपूर्ण है:
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फसलों को लाभ: मलिहाबाद के फलपट्टी क्षेत्र में आम की फसल को आंधी से कोई विशेष नुकसान नहीं हुआ है। वहीं, मूंग, उड़द जैसी दलहनी फसलों, हरी सब्जियों और धान की नर्सरी के लिए यह बारिश अत्यंत फायदेमंद साबित हो रही है।
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सावधानी: हालांकि, टमाटर जैसी कुछ नाजुक फसलों को नुकसान की आशंका जताई गई है, लेकिन समग्र रूप से यह बारिश सूखी फसलों के लिए संजीवनी का काम करेगी।
प्रशासनिक और जन सुरक्षा सुझाव:
चूंकि अगले कुछ दिन भी आंधी-बारिश का दौर जारी रह सकता है, इसलिए प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे जर्जर इमारतों, बिजली के तारों और पुराने पेड़ों के नीचे न खड़े हों।
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