![]()
यदि आप या आपके परिवार में कोई इस इंफेक्शन की शुरुआती स्टेज में है, तो शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी को पूरा करने और आंतों को शांत करने के लिए इन ४ घरेलू पेयों का सेवन हर दो से तीन घंटे में घूंट-घूंट (Sip-Sip) करके करें:
1.खांड या गुड़ वाला नींबू पानी:ड्रिंक 1.
पेट के संक्रमण से बचने के ५ अचूक तरीके (Prevention Tips)
इंफेक्शन होने के बाद परेशान होने से बेहतर है कि आप अपनी आंतों की सुरक्षा पहले से ही मजबूत रखें:
-
हमेशा उबला हुआ या अच्छे से फिल्टर (छाना हुआ) पानी ही पिएं।
-
बासी, खुला हुआ या सड़क किनारे बिकने वाला स्ट्रीट फूड खाने से पूरी तरह बचें।
-
बाजार से लाई गई सब्जियों और फलों को खाने या पकाने से पहले साफ पानी से अच्छी तरह धोएं।
-
बचे हुए भोजन को यदि फ्रिज में नहीं रखा गया है, तो उसे दोबारा गर्म करके भी न खाएं; गर्मी में वह तेजी से विषैला हो जाता है।
-
आंतों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए अपने दैनिक आहार में विटामिन सी (जैसे आंवला, नींबू, संतरा) को शामिल करें।
इन गंभीर लक्षणों के दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
यदि घरेलू उपायों के बाद भी राहत न मिले और निम्नलिखित लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत किसी विशेषज्ञ डॉक्टर के पास जाएं:
-
यदि डायरिया या दस्त की समस्या 48 से 72 घंटों (2 से 3 दिन) से लगातार जारी हो।
-
मरीज को पेट दर्द के साथ तेज बुखार हो।
-
मल (पॉटी) के रास्ते खून आ रहा हो।
-
अत्यधिक कमजोरी, चक्कर आना या आंखों के सामने अंधेरा छाना।
-
पेशाब (Urine) का बहुत कम आना या गहरे रंग का आना, जो गंभीर डिहाइड्रेशन का संकेत है।।
The News 11 – ताज़ा हिंदी समाचार, ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, देश-दुनिया