
बिहार के सियासी हलकों से इस वक्त की एक बहुत बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की दिग्गज नेता और राजद महिला प्रकोष्ठ की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रितु जायसवाल ने लालू-तेजस्वी की पार्टी से अपनी राहें पूरी तरह जुदा करते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया है। मंगलवार को पटना के वीरचंद पटेल पथ स्थित प्रदेश बीजेपी कार्यालय के अटल सभागार में आयोजित एक भव्य एवं गरिमामय कार्यक्रम के दौरान रितु जायसवाल ने आधिकारिक रूप से भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। बिहार बीजेपी के वरिष्ठ नेता संजय सरावगी ने उन्हें पार्टी की प्राथमिक सदस्यता दिलाई। रितु जायसवाल का इस तरह पाला बदलना बिहार की मुख्य विपक्षी पार्टी राजद के लिए एक बेहद करारा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।
पिछले चुनाव में टिकट कटने पर बगावत, निर्दलीय लड़कर काटे थे 64 हजार वोट
रितु जायसवाल की गिनती बिहार की बेहद मुखर, शिक्षित और तेज-तर्रार महिला नेताओं में होती है। वह पूर्व में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की खास पसंद मानी जाती थीं, जिसके चलते उन्हें राजद का मुख्य प्रदेश प्रवक्ता भी बनाया गया था। हालांकि, पिछले साल (2025) हुए बिहार विधानसभा चुनाव में सीतामढ़ी की परिहार सीट से राजद द्वारा टिकट न दिए जाने के बाद उनके तेवर पूरी तरह बगावती हो गए थे। टिकट कटने से नाराज रितु ने परिहार विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय ही चुनावी मैदान में ताल ठोक दी थी। भले ही वह खुद चुनाव नहीं जीत सकीं, लेकिन उन्होंने लगभग 64,000 वोट हासिल कर परिहार सीट पर आरजेडी के आधिकारिक प्रत्याशी को करारी शिकस्त दिलाने में मुख्य भूमिका निभाई थी।
सिंहवाहिनी पंचायत की मुखिया से बीजेपी तक का सफर
सीतामढ़ी जिले की सिंहवाहिनी पंचायत से अपने राजनीतिक और सामाजिक सफर की शुरुआत करने वाली रितु जायसवाल ने बेहद कम समय में बिहार की राजनीति में अपनी एक सशक्त और अलग पहचान बनाई है। साल 2016 में वह पहली बार अपने क्षेत्र से मुखिया चुनी गई थीं। जमीनी स्तर पर उनके द्वारा किए गए बेहतरीन और अनुकरणीय कार्यों के लिए उन्हें देश के प्रतिष्ठित ‘आदर्श युवा सरपंच सम्मान’ से भी नवाजा गया था। पूरे बिहार में ग्रामीण जनता के बीच वह ‘मुखिया दीदी’ के नाम से बेहद लोकप्रिय हैं।
राजद के साथ उनका सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा:
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साल 2020: पहली बार राजद के टिकट पर परिहार विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन बेहद मामूली अंतर से हार गईं।
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साल 2021-2023: राष्ट्रीय जनता दल की मुख्य प्रदेश प्रवक्ता के रूप में टीवी डिबेट्स में पार्टी का पक्ष मजबूती से रखा।
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साल 2024: लोकसभा चुनाव में राजद ने उन्हें शिवहर संसदीय सीट से उम्मीदवार बनाया, लेकिन वहां वह जेडीयू (JDU) की लवली आनंद से चुनाव हार गईं।
“राजनीति सेवा का माध्यम है, दिखावे का नहीं” सादगी की अपील के साथ बदला पाला
रितु जायसवाल ने बीजेपी में शामिल होने की आधिकारिक जानकारी दो दिन पहले 24 मई को ही अपने सोशल मीडिया हैंडल ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक विस्तृत पोस्ट साझा कर दे दी थी। उन्होंने अपने शुभचिंतकों और समर्थकों से पटना ज्वाइनिंग कार्यक्रम में सादगी से शामिल होने की अनूठी अपील की थी।
रितु जायसवाल ने अपनी पोस्ट में लिखा था:
“वर्तमान समय में देश अनेक चुनौतियों एवं संवेदनशील परिस्थितियों से गुजर रहा है। माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा भी ऊर्जा एवं ईंधन की बचत पर विशेष बल दिया गया है। ऐसे समय में मुझे लगता है कि अनावश्यक भीड़, लंबा काफिला एवं दिखावा कतई उचित नहीं है। मेरे लिए राजनीति सेवा, जिम्मेदारी और विचार का माध्यम है, प्रदर्शन का नहीं। सादगी, संवेदनशीलता और जनहित के भाव के साथ ही समाज एवं राष्ट्र की सेवा पूरी निष्ठा से की जा सकती है।”
उन्होंने अपने समर्थकों से विनम्र आग्रह किया था कि वीआईपी कल्चर और काफिले से बचते हुए वे सार्वजनिक परिवहन या शेयरिंग वाहनों का प्रयोग करें ताकि अनावश्यक ईंधन की बचत हो सके। उनके इस सादगी भरे अंदाज और पर्यावरण-अनुकूल संदेश की सोशल मीडिया पर भी जमकर तारीफ हो रही है।
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