वैदिक ज्योतिष में इस समय ग्रहों के दो सबसे प्रभावशाली क्रूर और कर्म फलदाता ग्रहों—शनि और मंगल की चाल को लेकर एक बेहद दुर्लभ स्थिति बनी हुई है। वर्तमान में शनि देव मीन राशि में विराजमान हैं, जबकि साहस व पराक्रम के कारक मंगल देव वृषभ राशि में गोचर कर रहे हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शनि देव की तीसरी, सातवीं और दसवीं दृष्टि को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। मीन राशि से तीसरे स्थान पर वृषभ राशि होने के कारण, 20 जून से 2 अगस्त 2026 तक शनि की तीसरी विशेष दृष्टि सीधे मंगल पर पड़ रही है। यह दुर्लभ संयोग 4 भाग्यशाली राशियों के लिए धन, नौकरी और व्यापार में अपार सफलता लेकर आया है।
ज्योतिष में क्यों खास है शनि-मंगल का यह संबंध?
नवग्रहों में मंगल को साहस, ऊर्जा, भूमि, नौकरी और निर्णय क्षमता का कारक माना जाता है, जबकि शनि देव को कड़ी मेहनत, अनुशासन और कर्मों का फल देने वाला ग्रह माना गया है। जब कर्मप्रधान शनि की दृष्टि पराक्रमी मंगल पर पड़ती है, तो जातकों के करियर और आर्थिक स्थिति में बड़े व सकारात्मक बदलाव देखने को मिलते हैं। इस दौरान की गई ईमानदारी भरी मेहनत का कई गुना ज्यादा फल प्राप्त होता है।
इन 4 राशियों का चमकेगा भाग्य, होगा बंपर लाभ
प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य योगेश जोशी के अनुसार, शनि-मंगल की इस युति दृष्टि से निम्नलिखित राशियों को सबसे ज्यादा फायदा होने वाला है:
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वृषभ राशि (Taurus): मंगल आपकी ही राशि में गोचर कर रहे हैं, इसलिए यह समय आपके लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है। नौकरी और व्यापार में अचानक नए और बड़े अवसर मिलेंगे। काफी समय से अटके हुए काम गति पकड़ेंगे।
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कन्या राशि (Virgo): कार्यक्षेत्र में आपको कोई बड़ी और नई जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। यदि आप लंबे समय से प्रमोशन या नई नौकरी की तलाश में थे, तो इस अवधि में कोई बड़ी खुशखबरी मिल सकती है। हालांकि, फिजूलखर्ची से बचें।
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मकर राशि (Capricorn): आपके लिए यह समय बेहद अनुकूल रहेगा। आपकी कार्यकुशलता और मेहनत की हर तरफ तारीफ होगी। ऑफिस में सीनियर्स का पूरा सपोर्ट मिलेगा और पुराने व्यापारिक सौदों से मोटा मुनाफा कमाने में कामयाब रहेंगे।
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कुंभ राशि (Aquarius): जीवन में किसी नई शुरुआत के मजबूत संकेत हैं। जो लोग करियर में बड़ा बदलाव या नया बिजनेस शुरू करना चाहते हैं, उनके लिए यह स्वर्णिम काल है। फंसा हुआ धन वापस मिलेगा और आय के नए स्रोत बनेंगे।
अशुभ प्रभावों से बचने के लिए बरतें ये सावधानियां और करें उपाय
शनि की दृष्टि के दौरान ऊर्जा का स्तर बहुत बढ़ जाता है, इसलिए गलतियों से बचने के लिए इन बातों का विशेष ध्यान रखें:
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वाणी और गुस्से पर काबू: इस अवधि में बेवजह के गुस्से और जल्दबाजी में कोई भी बड़ा वित्तीय फैसला लेने से बचें।
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शनिवार को विशेष दान: शनि देव के प्रकोप से बचने और शुभ फल पाने के लिए शनिवार के दिन गरीब व जरूरतमंद लोगों को काली उड़द, तेल या काले कपड़े का दान करें।
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हनुमान चालीसा का पाठ: हर शनिवार हनुमान जी और शनिदेव के मंदिर जाकर दर्शन करें और हनुमान चालीसा या बजरंग बाण का पाठ करें।
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