गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने सख्त तेवरों के लिए जाने जाते हैं, लेकिन गोरखपुर के सांसद रवि किशन के साथ उनकी जुगलबंदी अक्सर गुदगुदाने वाली होती है। मंगलवार को गोरखपुर के बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित ‘शिक्षा मित्र सम्मान समारोह’ के दौरान सीएम योगी ने एक बार फिर रवि किशन को मिली मानद डॉक्टरेट की उपाधि पर मजाकिया अंदाज में चुटकी ली, जिससे पूरा हॉल ठहाकों से भर गया।
‘डॉक्टर या प्रोफेसर नहीं लिख सकते रवि किशन’
मंच पर मुस्कुराते हुए सीएम योगी ने वह किस्सा सुनाया जब रवि किशन ने उनसे बधाई मांगी। सीएम ने कहा, “रवि किशन मुझसे कह रहे थे कि आपने मुझे बधाई नहीं दी। मैंने पूछा किस बात की? तो बोले मुझे पीएचडी मिली है। मैंने कहा भाई वह ‘मानद’ उपाधि है। इस पर रवि किशन ने कहा कि अब मैं प्रोफेसर लिखूंगा।”
योगी आदित्यनाथ ने आगे मजे लेते हुए कहा, “मैंने उनसे साफ कह दिया कि आप प्रोफेसर नहीं लिख सकते। उस डिग्री के नाम पर नौकरी भी नहीं मिलेगी। हां, आप उसे गले में टांग सकते हैं, कहीं जाएं तो साथ लटका कर ले जाइए।” जब रवि किशन ने ‘डॉक्टर’ लिखने की बात कही, तो सीएम ने चुटकी लेते हुए कहा कि अगर रवि किशन डॉक्टर बनकर कहीं इलाज करने पहुंच गए, तो क्या होगा यह सब जानते हैं।
बालों को लेकर भी बच्चों को दी सलाह
अनुशासन की बात करते हुए सीएम योगी ने बच्चों को साफ-सुथरा रहने की सीख दी। यहां भी उन्होंने रवि किशन को नहीं छोड़ा। उन्होंने कहा कि बच्चों को स्कूल में नहाकर और बाल बनाकर आना चाहिए। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “वहां रवि किशन की नकल करने की जरूरत नहीं है कि बड़े-बड़े बाल रखकर आएं। मेरी तरह छोटे-छोटे बाल बनाकर स्कूल आइए।”
क्यों मिली है रवि किशन को यह डिग्री?
भाजपा सांसद रवि किशन को 4 मई को मध्य प्रदेश के भोपाल में LNCT विश्वविद्यालय द्वारा सिनेमा और समाज सेवा में उनके योगदान के लिए मानद डॉक्टरेट (Honorary Doctorate) की उपाधि से नवाजा गया था। उपाधि मिलने के बाद रवि किशन ने सोशल मीडिया पर अपनी खुशी जाहिर की थी और गोरखपुर पहुंचने पर एम्स (AIIMS) के डॉक्टरों ने उनका भव्य स्वागत भी किया था।
शिक्षामित्रों से सीएम की अपील: ‘जुलाई में चलाएं अभियान’
मजाक के बाद सीएम योगी गंभीर मुद्रा में आए और शिक्षामित्रों से शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की अपील की:
-
स्कूल चलो अभियान: जुलाई में स्कूल खुलते ही अभियान को तेज करें और सुनिश्चित करें कि हर बच्चा स्कूल पहुंचे।
-
अभिभावकों से संवाद: शिक्षक स्कूल समय से आधा घंटा पहले पहुंचें और 25-25 घरों में जाकर अभिभावकों को जागरूक करें।
-
प्यार से पढ़ाएं: सीएम ने सख्त हिदायत दी कि बच्चों के साथ मारपीट न करें, बल्कि उन्हें कहानियों और उदाहरणों के जरिए प्रेरित करें।
-
अनुशासन: उन्होंने कहा कि घर की खींचतान को स्कूल की दहलीज तक न लाएं और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य पर ध्यान दें।
The News 11 – ताज़ा हिंदी समाचार, ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, देश-दुनिया