ब्रिटेन में RAF फेयरफोर्ड एयरबेस के पास बड़ी आतंकी साजिश नाकाम, अमेरिकी दूतावास ने जारी किया हाई-लेवल सुरक्षा अलर्ट

ब्रिटेन के ग्लॉस्टरशायर स्थित रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण रॉयल एयर फोर्स (RAF) फेयरफोर्ड एयरबेस के पास एक बड़ी और खौफनाक आतंकी साजिश को नाकाम कर दिया गया है। ब्रिटिश आतंकवाद-रोधी पुलिस (Counter Terrorism Policing), ग्लॉस्टरशायर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त अभियान चलाते हुए आतंकी घटना को अंजाम देने की तैयारी के आरोप में 5 संदिग्ध व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। यह एयरबेस अमेरिकी वायुसेना के रणनीतिक बॉम्बर्स और ऑपरेशन्स के लिए प्रमुख फॉरवर्ड बेस के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। संदिग्धों की गिरफ्तारी के बाद पूरे इलाके में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया और पुलिस ने इसे 'मेजर इंसिडेंट' (बड़ी घटना) करार दिया।

स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, बेस से महज कुछ दूरी पर स्थित वेलफोर्ड गांव के पास तीन संदिग्ध वैन और चेहरे पर नकाब पहने संदिग्ध युवकों की हलचल देखी गई थी। ग्रामीणों द्वारा अलर्ट किए जाने के तुरंत बाद पुलिस और बम निरोधक दस्ते ने इलाके को चारों तरफ से घेर लिया। एहतियात के तौर पर गांव के करीब 85 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया और बम निरोधक रोबोट की मदद से संदिग्ध वाहनों की सघन तलाशी ली गई। ब्रिटेन के सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि समय रहते खुफिया जानकारी मिलने से एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय हमला टल गया है।

अमेरिकी दूतावास ने जारी किया सुरक्षा अलर्ट, नागरिकों को सतर्क रहने के निर्देश

इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के तुरंत बाद लंदन स्थित संयुक्त राज्य अमेरिका के दूतावास (US Embassy London) ने ब्रिटेन में मौजूद अपने सभी नागरिकों के लिए आधिकारिक सुरक्षा परामर्श (Security Advisory) जारी कर दिया है। दूतावास ने चेतावनी दी है कि ब्रिटिश अधिकारियों के आकलन के मुताबिक यूके में आतंकी खतरे का स्तर 'गंभीर' (Severe) बना हुआ है, जिसका सीधा अर्थ है कि आतंकी हमले की प्रबल संभावना है। दूतावास ने विशेष रूप से यह आगाह किया है कि अमेरिकी हितों, राजनयिक प्रतिष्ठानों, सैन्य ठिकानों और अमेरिकी नागरिकों से जुड़े आयोजनों को निशाना बनाए जाने का खतरा अधिक हो सकता है।

अमेरिकी सुरक्षा परामर्श में नागरिकों को कड़े सुरक्षा उपाय अपनाने की सलाह दी गई है। इनमें अपने आस-पास के माहौल पर पैनी नजर रखना, स्थानीय सुरक्षा बलों व आपातकालीन सेवाओं के निर्देशों का कड़ाई से पालन करना, भीड़भाड़ वाले संवेदनशील इलाकों में जाने से बचना और स्थानीय मीडिया रिपोर्टों से लगातार अपडेट रहना शामिल है। अमेरिकी विदेश विभाग के स्मार्ट ट्रैवलर एनरोलमेंट प्रोग्राम (STEP) के तहत सभी प्रवासियों को अपनी लोकेशन और सुरक्षा स्थिति दर्ज कराने को कहा गया है।

RAF फेयरफोर्ड का सामरिक महत्व: ईरान और मध्य पूर्व ऑपरेशन्स से जुड़े तार

आरएएफ फेयरफोर्ड एयरबेस पर आतंकी साजिश का खुलासा कोई सामान्य घटना नहीं है। यह एयरबेस अमेरिकी ग्लोबल स्ट्राइक कमांड और 501st कॉम्बैट सपोर्ट विंग का अहम ऑपरेशनल केंद्र माना जाता है। ऐतिहासिक रूप से खाड़ी युद्ध और इराक युद्ध के दौरान भी अमेरिकी बी-52 और बी-1 लांसर्स जैसे भारी बमवर्षक विमानों ने यहीं से उड़ान भरी थी। हाल के दिनों में मध्य पूर्व और ईरान समर्थित ठिकानों के खिलाफ चले रक्षात्मक अभियानों में फेयरफोर्ड एयरबेस का इस्तेमाल काफी बढ़ गया था, जिसके चलते यह अंतरराष्ट्रीय आतंकियों और प्रॉक्सी गुटों के निशाने पर आ गया था।

अमेरिकी नेतृत्व ने इस संयुक्त अभियान की सफलता की सराहना करते हुए कहा कि दोनों देशों की खुफिया एजेंसियां इन संदिग्धों की गतिविधियों पर लंबे समय से नजर रखे हुए थीं और वे बड़े ठिकानों को नुकसान पहुंचाने की फिराक में थे। वहीं ब्रिटिश प्रधानमंत्री और गृह मंत्रालय ने सुरक्षा बलों की त्वरित कार्रवाई की प्रशंसा की और आम जनता से किसी भी प्रकार की अफवाहों से दूर रहने की अपील की है।

यूरोप में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद: भारतीय और विदेशी यात्रियों के लिए क्या हैं दिशा-निर्देश?

ब्रिटेन में आतंकी साजिश के पर्दाफाश के बाद लंदन, बर्मिंघम, मैनचेस्टर और अन्य प्रमुख शहरों के रेलवे स्टेशनों, हवाई अड्डों और महत्वपूर्ण सरकारी व कूटनीतिक परिसरों के बाहर सुरक्षा पहरा कड़ा कर दिया गया है। भारत, अमेरिका और दुनिया भर से ब्रिटेन में अध्ययन, व्यापार या पर्यटन के सिलसिले में रहने वाले प्रवासियों को भी अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा गया है। सुरक्षा एजेंसियों ने सार्वजनिक स्थलों पर किसी भी संदिग्ध बैग, लावारिस वाहन या असामान्य गतिविधि की सूचना तुरंत आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों पर देने की सलाह दी है।

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