Kolkata Durga Puja Stampede: कोलकाता के मशहूर दुर्गा पूजा पंडाल में भारी भीड़ के बीच मची भगदड़, 35 से ज्यादा लोग घायल; अस्पताल में भर्ती

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में शारदीय नवरात्रि और दुर्गा पूजा के महापर्व के दौरान शनिवार देर शाम एक बड़ा और दर्दनाक हादसा सामने आया है। शहर के एक बेहद लोकप्रिय और भव्य दुर्गा पूजा पंडाल में मां दुर्गा के दर्शन के लिए उमड़े श्रद्धालुओं के भारी हुजूम के बीच अचानक मची भगदड़ (Stampede) में 35 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घायलों में महिलाएं, बुजुर्ग और छोटे बच्चे भी शामिल हैं। शनिवार का सप्ताहांत और पूजा का पीक समय होने के कारण पंडाल परिसर में क्षमता से कई गुना अधिक भीड़ जमा हो गई थी। संकरी बैरिकेडिंग और अचानक धक्का-मुक्की शुरू होने के चलते अफरा-तफरी मच गई और लोग एक-दूसरे के ऊपर गिरते चले गए। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के पूजा पंडालों से लेकर कोलकाता और देश भर में इस दुखद हादसे के बाद सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को लेकर हड़कंप मच गया है।

प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, हादसा शाम के समय उस वक्त हुआ जब महाआरती और विशेष दर्शन के लिए पंडाल के प्रवेश द्वार पर हजारों लोग एक साथ आगे बढ़ने लगे। पंडाल की भव्य थीम और लाइटिंग को देखने के लिए दोपहर बाद से ही लोगों का तांता लगा हुआ था। जैसे ही मुख्य दर्शन मंडप का बैरिकेड खोला गया, पीछे से आने वाली भीड़ का भारी दबाव आगे खड़े लोगों पर आ पड़ा। इसी दौरान कुछ महिलाएं और बच्चे संतुलन बिगड़ने से जमीन पर गिर पड़े। उन्हें बचाने के बजाय पीछे से आ रहे बेकाबू जनसैलाब ने आगे बढ़ने की कोशिश की, जिससे चंद सेकंडों में वहां भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। चारों तरफ चीख-पुकार मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे, जिससे स्थिति और विकट हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही पंडाल में तैनात कोलकाता पुलिस के जवान, रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और ग्रीन कॉरिडोर बनाकर एंबुलेंस मौके पर पहुंचीं। स्थानीय स्वयंसेवकों और पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए गिरे हुए लोगों को बाहर निकाला और प्राथमिक उपचार के बाद नजदीकी मेडिकल कॉलेज और सरकारी अस्पतालों में भर्ती कराया।

अस्पताल सूत्रों के अनुसार, घायल हुए 35 से अधिक लोगों में से 8 से 10 लोगों को फ्रैक्चर, सिर में चोट और दम घुटने (Suffocation) की शिकायत के चलते गहन चिकित्सा कक्ष में रखा गया है। डॉक्टरों की विशेष टीम घायलों की निगरानी कर रही है। राहत की बात यह है कि प्रशासन के त्वरित हस्तक्षेप के चलते स्थिति को कुछ ही समय में नियंत्रित कर लिया गया और किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है, हालांकि कई लोगों की हालत चिंताजनक बनी हुई है।

हादसे के तुरंत बाद कोलकाता पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों, संयुक्त पुलिस आयुक्त और आपदा प्रबंधन की टीमों ने घटनास्थल पर पहुंचकर मोर्चा संभाल लिया। एहतियात के तौर पर संबंधित पूजा पंडाल में आम श्रद्धालुओं के प्रवेश पर अस्थायी रोक लगा दी गई और पूरे परिसर को खाली कराकर नियंत्रित किया गया।

कोलकाता पुलिस आयुक्त ने घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या पूजा समिति ने स्वीकृत क्षमता से अधिक लोगों को अंदर आने दिया और क्या प्रवेश व निकास (Entry and Exit Gates) के लिए निर्धारित दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन किया गया था या नहीं। पंडाल के आसपास के सभी मार्गों पर अतिरिक्त बैरिकेडिंग लगाकर ट्रैफिक को डायवर्ट कर दिया गया है।

इस घटना के बाद कोलकाता पुलिस और राज्य गृह विभाग ने शहर भर की सभी बड़ी और थीम-आधारित दुर्गा पूजा समितियों के लिए आपातकालीन सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है:

  • प्रवेश और निकास द्वारों का चौड़ीकरण: सभी बड़े पंडालों को तत्काल निर्देश दिए गए हैं कि वे एग्जिट गेट्स को पूरी तरह खुला रखें ताकि किसी भी आपात स्थिति में लोग बिना रुकावट बाहर निकल सकें।

  • क्राउड रेगुलेशन और होल्डिंग एरिया: मुख्य मंडप के बाहर पर्याप्त खुले होल्डिंग एरिया बनाए जाएं और कतारों में लोगों को एक साथ छोड़ने के बजाय छोटे-छोटे बैचों में दर्शन की अनुमति दी जाए।

  • सीसीटीवी और ड्रोन से रियल-टाइम निगरानी: पंडालों के भीतर और पहुंच मार्गों पर ड्रोन कैमरों से भीड़ के घनत्व की लाइव मॉनिटरिंग की जाएगी, ताकि कहीं भी दबाव बढ़ने से पहले पुलिस हस्तक्षेप कर सके।

  • अतिरिक्त वालंटियर्स और मेडिकल बूथ: प्रत्येक प्रमुख पूजा पंडाल में अनिवार्य रूप से डॉक्टरों की टीम, फर्स्ट एड बूथ और 24 घंटे एंबुलेंस तैनात रखने का निर्देश दोहराया गया है।

राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने आम नागरिकों और श्रद्धालुओं से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अपुष्ट सोशल मीडिया अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। घायलों के परिजनों की मदद के लिए संबंधित अस्पतालों में एक विशेष सहायता केंद्र (Help Desk) स्थापित कर दिया गया है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से आग्रह किया है कि वे पंडालों में दर्शन के दौरान सुरक्षा कर्मियों के निर्देशों का पूरी तरह पालन करें, संकरे रास्तों पर सेल्फी लेने से बचें और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें ताकि उत्सव के माहौल में किसी अन्य अप्रिय घटना से बचा जा सके।

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