
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान पर ईरान ने कड़ा रुख अपनाया है, जिसमें उन्होंने अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक बातचीत शुरू होने का दावा किया था। ईरानी विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक बयान जारी कर स्पष्ट कर दिया है कि वाशिंगटन के साथ फिलहाल किसी भी प्रकार की वार्ता नहीं चल रही है। तेहरान ने उन खबरों को सिरे से खारिज किया जिनमें कहा जा रहा था कि उसने खुद बातचीत की पहल की है। ईरानी अधिकारियों ने दोटूक अंदाज में कहा कि दबाव के आगे झुककर वार्ता की टेबल पर आना उनके स्वभाव और ‘DNA में शामिल नहीं है।’
अमेरिका ने खुद मांगा था बातचीत का न्योता, होर्मुज स्ट्रेट अब भी पूरी तरह ब्लॉक
ईरान की आधिकारिक तस्नीम समाचार एजेंसी के अनुसार, ईरानी विदेश मंत्रालय ने खुलासा किया कि वार्ता का अनुरोध असल में अमेरिका की तरफ से ही आया था, न कि तेहरान की ओर से। इसके साथ ही ईरान ने पश्चिमी देशों को कड़ा संदेश देते हुए साफ कर दिया कि दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्ग ‘होर्मुज स्ट्रेट’ (Strait of Hormuz) की स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है। यह रणनीतिक समुद्री जलमार्ग सभी व्यावसायिक जहाजों और लेन के लिए पूरी तरह बंद है।
सैन्य हमले थमे पर तनाव बरकरार, कच्चे तेल के बाजार में हलचल
भले ही बीते दो दिनों से अमेरिका और ईरान ने एक-दूसरे के खिलाफ सैन्य हमले रोक रखे हैं, जिससे वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में अस्थायी गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन दोनों देशों के बीच कूटनीतिक खाई अभी भी गहरी बनी हुई है। संयुक्त राष्ट्र (UN) में अमेरिकी राजदूत माइक वाल्ट्ज ने संकेत दिए थे कि राष्ट्रपति ट्रंप कूटनीति को थोड़ा मौका देना चाहते हैं। हालांकि, तेहरान के इस सख्त बयान ने साफ कर दिया है कि मध्य पूर्व (Middle East) में शांति की राह अभी भी बेहद उलझी हुई है।
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