IND vs ENG: ’20 रन पर 5 विकेट गंवाना…’, भारत के हाथों शर्मनाक हार के बाद तिलमिलाए कप्तान हैरी ब्रूक, बल्लेबाजों को ठहराया कसूरवार

बर्मिंघम। शुभमन गिल की कप्तानी में युवा टीम इंडिया ने अपने यूके (UK) दौरे पर आखिरकार पहली ऐतिहासिक जीत का स्वाद चख लिया है। बर्मिंघम के एजबेस्टन मैदान पर खेले गए पहले वनडे मुकाबले में भारत ने इंग्लैंड को 6 विकेट से करारी शिकस्त देकर 3 मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। इससे पहले भारत को आयरलैंड से 0-2 और इंग्लैंड से टी20 सीरीज में 0-4 से करारी हार झेलनी पड़ी थी। भारत की इस शानदार वापसी से जहां फैंस गदगद हैं, वहीं मेजबान इंग्लैंड के खेमे में मायूसी छा गई है। मैच के बाद इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने अपनी टीम की हार के मुख्य कारणों का विश्लेषण किया और बल्लेबाजों के खराब शॉट सिलेक्शन को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया।

61/0 से अचानक 80/5 हुआ स्कोर, बैकफुट पर आई इंग्लिश टीम

टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत बेहद धमाकेदार रही थी। ओपनर बेन डकेट और जैकब बेथल ने पहले विकेट के लिए 61 रनों की मजबूत साझेदारी की थी। लेकिन जैसे ही भारतीय गेंदबाजों ने इस जोड़ी को तोड़ा, इंग्लैंड का पूरा बैटिंग लाइन-अप ताश के पत्तों की तरह बिखर गया। कुछ ही ओवरों के भीतर टीम का स्कोर 61/0 से सीधा 80/5 हो गया, यानी टीम ने महज 20 रनों के भीतर अपने 5 बेशकीमती विकेट गंवा दिए।

कप्तान हैरी ब्रूक ने मैच के बाद कहा, “जाहिर तौर पर यह स्थिति हमारे लिए बिल्कुल भी आइडियल (आदर्श) नहीं थी। जब आप बीच के ओवरों में सिर्फ 20 रन पर 5 विकेट खो देते हैं, तो आप पूरी तरह मैच में बैकफुट पर आ जाते हैं। हम निश्चित रूप से खेल के उस महत्वपूर्ण मोड़ पर थोड़ा बेहतर और सूझबूझ के साथ बल्लेबाजी करना चाहते थे।”

जो रूट और लियाम डॉसन की लड़ाई को ब्रूक ने सराहा

शुरुआती झटकों के बाद अनुभवी जो रूट और लियाम डॉसन ने पारी को संभाला। इंग्लैंड की बल्लेबाजी की वापसी और मैच के मुख्य आंकड़े नीचे दी गई तालिका में स्पष्ट हैं:

खिलाड़ी/साझेदारी मैच का प्रदर्शन (आंकड़े) मैच पर प्रभाव
ओपनिंग पार्टनरशिप 61 रन (बेन डकेट व जैकब बेथल) टीम को आक्रामक और मजबूत शुरुआत दिलाई।
जो रूट & लियाम डॉसन 111 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी रूट के नाबाद 76 और डॉसन के 68 रनों से टीम 258 तक पहुंची।
अक्षर पटेल (भारत) 4 विकेट (4/62) और 57* रन इंग्लैंड के मध्यक्रम को तोड़ा और भारत के लिए मैच जिताऊ पारी खेली।

कप्तान हैरी ब्रूक ने लड़कों की तारीफ करते हुए कहा, “जिस तरह से रूट और डॉसी ने वहां शानदार लड़ाई लड़ी और अंत में हमें 258 के एक सम्मानजनक टोटल तक पहुंचाया, वह जबरदस्त कोशिश थी। ब्रेक के समय हमें लगा था कि यह स्कोर डिफेंड किया जा सकता है।”

क्या पिच के बर्ताव ने बदल दिया पूरा खेल?

पिच के मिजाज पर बात करते हुए हैरी ब्रूक ने कहा कि दूसरी पारी में पिच काफी बदल गई थी। यह थोड़ी धीमी (Slow) हो गई थी, जिसकी वजह से भारतीय बल्लेबाजों को आसानी से रन बनाने का मौका मिल गया। उन्हें केवल 5-6 रन प्रति ओवर की जरूरत थी, जिससे उन पर कोई दबाव नहीं बना। ब्रूक ने कहा, “अगर हमें बोर्ड पर कुछ और रन मिल जाते, तो हमारे स्पिनर बीच के ओवरों में भारतीय बल्लेबाजों को बेहतर तरीके से रोक सकते थे। दूसरे दिन अगर हम 320-330 रन बनाते हैं, तो हमारे स्पिनर्स मैच में बहुत बड़ी भूमिका निभाएंगे।”

दूसरे वनडे मैच में टीम कॉम्बिनेशन और बदलाव पर बोले कप्तान

सीरीज के दूसरे मुकाबले में टीम में बदलाव के सवाल पर हैरी ब्रूक ने साफ किया कि वे जल्दबाजी में कोई पैनिक बटन नहीं दबाने वाले हैं। उन्होंने कहा, “हम अगले मैच के लिए कार्डिफ जाएंगे, वहां की पिच का मुआयना करेंगे और उसके व्यवहार के आधार पर ही टीम सिलेक्शन (Playing 11) के बारे में कोई आखिरी फैसला लेंगे। हमें उम्मीद है कि हम अपनी गलतियों से सीखकर दूसरे मैच में और ज्यादा मजबूती से वापसी करने में सफल रहेंगे।”

Check Also

7134 रन बनाने वाले और सचिन तेंदुलकर की कप्तानी में खेलने वाले इस दिग्गज क्रिकेटर पर लगा था सिलेक्टर्स को रिश्वत देने का गंभीर आरोप

भारतीय क्रिकेट इतिहास के पन्नों में कई ऐसे किस्से दर्ज हैं जिन्होंने खेल प्रेमियों को …