उत्तर प्रदेश में चमचमाती सड़कों और मजबूत पुलों का जाल बिछाने के लिए योगी सरकार ने अपना खजाना पूरी तरह से खोल दिया है। राज्य सरकार ने बुनियादी ढांचे के विकास के लिए इस बार कुल ₹36,000 करोड़ की भारी-भरकम वार्षिक कार्ययोजना तैयार की है। यह बजट पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में पूरे ₹4,000 करोड़ अधिक है। लोक निर्माण विभाग (PWD) इस मेगा प्रोजेक्ट की कार्ययोजना को अंतिम रूप देने में रात-दिन जुटा हुआ है। इस बार की कार्ययोजना में एक बड़ा और महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है, जिसके तहत अब क्षेत्रीय विधायकों के साथ-साथ विधान परिषद सदस्यों (MLC) की मर्जी और उनके प्रस्तावों को भी बराबर का महत्व दिया जाएगा।
10 दिनों में फाइनल होगी कार्ययोजना, MLC के प्रस्तावों को भी हरी झंडी
माना जा रहा है कि आगामी 10 दिनों के भीतर लोक निर्माण विभाग अपनी इस महत्वाकांक्षी कार्ययोजना को पूरी तरह अंतिम रूप दे देगा। आमतौर पर पीडब्ल्यूडी की वार्षिक योजना में ज्यादातर विकास कार्य विधानसभा सदस्यों (विधायकों) के प्रस्तावों के आधार पर शामिल किए जाते हैं। लेकिन आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए इस बार सरकार ने विधान परिषद सदस्यों (एमएलसी) के प्रस्तावों को भी इस बजट में शामिल करने का बड़ा फैसला लिया है। पीडब्ल्यूडी के जोनल कार्यालयों के माध्यम से ये प्रस्ताव तेजी से मुख्यालय भेजे जा रहे हैं, जिनमें से चार प्रमुख जोनों ने अपने प्रस्ताव मुख्यालय को सौंप भी दिए हैं।
अगस्त तक जारी होंगे टेंडर, बरसात खत्म होते ही शुरू होगा काम
विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस बार सरकार काम में किसी भी तरह की देरी के मूड में नहीं है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में ₹32,000 करोड़ की योजना लेट लतीफी का शिकार हो गई थी, जिससे निर्माण कार्य देरी से शुरू हो पाए थे। उस गलती से सबक लेते हुए इस बार विभाग ने जून के अंत तक प्रदेश की मुख्य कार्ययोजना को फाइनल करने का लक्ष्य रखा है। इसके बाद:
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जुलाई के महीने में सभी स्वीकृत कार्यों को वित्तीय मंजूरी (Financial Approval) दे दी जाएगी।
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अगस्त तक हर हाल में निर्माण कार्यों के टेंडर जारी कर दिए जाएंगे।
इस त्वरित रणनीति का मुख्य उद्देश्य यह है कि जैसे ही मानसून (बरसात) का सीजन खत्म हो, वैसे ही जमीन पर सड़कों और पुलों का निर्माण कार्य पूरी रफ्तार से शुरू कराया जा सके। इस पूरे प्रोजेक्ट की सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) से लाइव मॉनीटरिंग की जा रही है।
पीडब्ल्यूडी की कार्ययोजना में शामिल होंगे ये 19 तरह के बड़े काम
इस बार ₹36,000 करोड़ के इस महा-बजट को सुव्यवस्थित तरीके से खर्च करने के लिए पीडब्ल्यूडी ने अपनी वार्षिक योजना में 19 अलग-अलग श्रेणियों के कार्यों को शामिल किया है, जो इस प्रकार हैं:
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स्टेट हाईवे (State Highways) और जिला स्तर की मुख्य सड़कें।
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धर्मार्थ कार्य विभाग के तहत आने वाले धार्मिक स्थलों के मार्ग।
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लॉजिस्टिक्स और इंडस्ट्रियल (औद्योगिक) निर्माण क्षेत्र।
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बाईपास, फ्लाईओवर, बड़े पुल और रेलवे ओवर ब्रिज (ROB)।
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ब्लॉक और तहसील मुख्यालयों को जोड़ने वाली संपर्क सड़कें।
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नॉर्थ-सुथ कॉरिडोर, हेलीपैड निर्माण और सड़क सुरक्षा (Road Safety) के कार्य।
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सीएमजीएसवाई (CMGSY), गन्ना विभाग की सड़कें और सीआरआईएफ (CRIF) रोड।
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केंद्रीय सड़क निधि (Central Road Fund) के कार्य और विभिन्न सरकारी भवनों का निर्माण।
जिला स्तर पर अधिशासी अभियंता (XEN) से लेकर मुख्यालय स्तर पर मुख्य अभियंता और विभागाध्यक्ष तक सभी अधिकारी इस समय चुनावी वर्ष के मद्देनजर इस कार्ययोजना को समय से पहले धरातल पर उतारने के लिए युद्ध स्तर पर काम कर रहे हैं।
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